शनिवार, 31 दिसंबर 2016

नव वर्ष की पूर्व सन्ध्या पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की मुख्य बातें

  • किसानों के फसली कर्ज पर 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी, यह धनराशि उनके खातों में भेजी जायेगी।
  • छोटे कारोबारियों के लिये क्रेडिट गारंटी एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ करेगी। दो करोड़ तक के लोन की गारंटी सरकार लेगी।
  • 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड रूपे कार्ड में बदले जायेंगे।
  • मुद्रा योजना के अन्तर्गत 3.5 करोड़ लागों ने फायदा उठाया है, अब सरकार का इसे दोगुना करने का इरादा है।
  • गर्भवती महिलाओं के लिये योजना: देश के 650 सभी जिलों में 6000 रुपये देने की योजना लान्च की।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिये स्कीम: वरिष्ठ नागरिकों के लिये सालाना 8 प्रतिशत की ब्याज दर सुरक्षित की जायेगी।
  • प्रधानमंत्री ने कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिये ज्यादा से ज्यादा अपनाने पर जोर दिया।
  • कल लान्च किये "भीम" एप को अपनाने का किया आवाह्न।
  • प्रधानमंत्री ने कहा आज से सौ साल पहले 1917 में महात्मा गांधी के नेतृत्व चंपारण में सत्याग्रह का आंदोलन शुरू हुआ था, आज भी हमने देखा कि सच्चाई और अच्छाई के प्रति लोगों में वही विश्वास है।
  • 2017 में घर बनाने के 9 लाख तक के लोन पर 4 प्रतिशत और 12 लाख तक के लोन के लिए 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी
  • क्‍या आपको नहीं लगता कि देश की भलाई के लिए ईमानदारी के आंदोलन को और अधिक ताकत देनी की जरूरत है.
  • भाइयों-बहनों, कानून कानून का काम करेगा. पूरी कठोरता के साथ करेगा.
  • हमारी ये भी प्राथमिकता है कि ईमानदार कैसे सुरक्षित रहे और वो कैसे प्रतिष्ठित रहे.
  • ये सरकार सज्‍जनों की मित्र है और दुर्जनों को सज्‍जन बनाने के लिए उपयुक्‍त वातावरण देगी.
  • पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से सिद्ध हो गया है कि बेईमानों के लिए आगे का रास्‍ता अब आसान नहीं.
  • देशवासियों के धैर्य से शुद्धि यज्ञ चला.
  • सवा सौ करोड़ देशवासियों ने तकलीफें झेलकर यह सिद्ध कर दिया है कि हर हिंदुस्‍तानी के लिए सच्‍चाई कितनी अहमियत रखती है.
  • आपने मुझे अपना मानकर कई बातें कही हैं, आपका प्‍यार आशीर्वाद की तरह है.
  •  प्रधानमंत्री ने कहा की पूरा प्रयास है कि नववर्ष में बैंकों में सामान्‍य स्थिति बहाल हो जाएगी.
  • सरकार को दी जा रही सूचना के अनुसार सिर्फ 24 लाख लोंगो की आय 10 लाख से अधिक है!
  • नोटबंदी के दौरान गड़बड़ी करने वाले और फायदा उठाने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को बक्श नहीं जायेगा।  

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें




"प्रियजन, परिजन, मित्रजन पायें नव उल्लास,
मिले सभी को नव ख़ुशी, नित्य नया विश्वाष.
मन में हो नव कल्पना, तन में नव उत्कर्ष 
सपरिवार हो आपको मंगलमय नववर्ष"

आप सभी को www.IndiaEpay.com की ओर से नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

व्हाट्स एप : गलती से सेंड हुए मेसेज को मंगा सकेंगे वापस

   
       आज के समय में हम में से ज्यादातर लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं, जबसे व्हाट्सएप पर अटैचमेंट जैसी सुविधा आयी है तब से अब छोटे-मोटे ईमेल की जगह लोग व्हाट्सएप का ही प्रयोग करते हैं. लेकिन कई बार गलती से हम कोई फोटो, विडियो आदि भेजना किसी को चाहते है और सेंड किसी और को जाता है ऐसे मैं अक्कसर फजीहत भी हो जाती है.  
   तो आपकी इसी समस्या का समाधान लाने वाला है व्हाट्सएप नए साल में. यानी की आप भेजे गए मेसेज को जीमेल के "अनडू सेंड" की तरह कुछ सेकेंड्स के अंदर वापस कर सकते हैं.
और भी नया करने वाला है व्हाट्सएप नए साल में 
      वर्ष 2017 में इसके अलावा और भी कुछ नए फीचर्स व्हाट्सएप में मिलने वाले हैं.  वीडियो कॉलिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, एनिमेटेड जिफ इमेज जैसे फीचर्स के बाद अब 2017 में वॉट्सऐप तीन नए फीचर लाने का प्लान बना रहा है.
1. सेंट मेसेज एडिट ऑप्शन
2. मेसेज अनडू ऑप्शन
3. स्टेटस टैब
ये तीन नए संभावित फीचर हैं, जो वॉट्सऐप 2017 में लाने वाला है.
सेंट मेसेज एडिट ऑप्शन
      गलती से व्हाट्सएप पर सेंड हुए मेसेज के मामले में अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वॉट्सऐप ऐसा फीचर लाने जा रहा है, जिससे भेजे गए मेसेज को एडिट किया जा सकेगा.
अनडू सेंड 
    वॉट्सऐप के नए फीचर में मेसेज रिवोक या अनडू करने का ऑप्शन होगा, मतलब भेजे हुए मेसेज को रिसीवर तक पहुंचने से पहले वापस लिया जा सकेगा. यह फीचर जीमेल के अनडू सेंड ऑप्शन की तरह होगा.
स्टेटस टैब
    वॉट्सऐप का नया फीचर मेसेजिंग एेप स्नैपचैट स्टोरी की तरह काम करेगा. वॉट्सऐप के स्टेटस ऑप्शन के आने के बाद यूजर्स अपनी तस्वीर और वीडियो पर टैक्स्ट और इमोजी एड कर सकेंगे. ये तस्वीरें आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को दिखेंगी.
    हालांकि वॉट्सऐप का स्टेटस फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है. यह फीचर अभी सिर्फ रूटेड एंड्रायड डिवाइस और जेलब्रोकेन आईओएस फोन में ही मिल सकेगा.

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

मोदी ने लांच किया नया एप भीम, बिना इन्टरनेट होगा ट्रांजेक्शन

    डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा तैयार नया मोबाइल ऐप "भीम" Bharat Interface for Money (BHIM) लॉन्च किया। मोदी ने कहा, ''सरकार ऐसी टेक्नोलॉजी ला रही है, जिसके जरिए बिना इंटरनेट के भी आपका पेमेंट हो सकेगा। अंगूठा जो कभी अनपढ़ होने की निशानी था, वह डिजिटल पेमेंट की ताकत बन जाएगा। आपका अंगूठा ही डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए काफी होगा।'' 
   बता दें कि भीम यूपीआई बेस्ड ऐप है। इस ऐप का नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम पर ‘भीम’ रखा गया है. आधार इनेबल्ड ऐप नए साल में आने वाला है। मोदी शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में डिजि-धन मेला में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाले लोगों और कलेक्टरों को सम्मानित किया। डिजि धन योजना के विनर्स का एलान किया।
मोदी के भाषण की कुछ खास बातें
  • भीम एप गरीब व्यापारी, किसानों को, वंचितों को लाभ देने वाला है
  • वो दिन दूर नहीं जब सभी लेन-देन इस भीम एप से होंगे
  • इस एप के लिए ना ही स्मार्टफोन की जरुरत होगी ना ही इंटरनेट की जरुरत होगी
  • जल्द ही ऐसी व्यवस्था ला रहे हैं जहां आपका अंगूठा ही आपकी पहचान होगा
  • डिजिटल लेनदेन के लिए जरूरी नहीं है कि इंटरनेट हो
  • 100 दिन में 340 करोड़ का ईनाम
  • आज एक नई एप लॉन्च की गई है जिसका नाम रखा गया है ‘भीम’
  • इस योजना के लाभार्थी वो लोग हैं जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पेमेंट करते हैं.
(यह एप कैसे काम करता है? इसको कैसे प्रयोग करते हैं? जैसी जानकारी प्राप्त करने के लिए www.IndiaEpay.com पढ़ते रहिये और हाँ नियमित अपडेट अपने ईमेल पर प्राप्त करने के लिए हमारा फ्री सब्क्रिप्शन लेना न भूलें.)
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1 जनवरी से अपने मनमुताबिक पैसे निकाल सकते हैं आप

     
 केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने मीडिया से बात करते हुए आज कहा कि नकदी निकासी की अधिकतम सीमा एक जनवरी से हटाई जा सकती है, क्योंकि रोजाना 25-30 करोड़ नोट छापे जा रहे हैं। गंगवार ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि "मुझे बताया गया है कि रोजाना 25-30 करोड़ नोट छापे जा रहे हैं। एक जनवरी से नकदी निकालने की अधिकतम सीमा हटाई जा सकती है।"
         उन्होंने कहा, "सीमित मात्रा में पैसे निकालने से आ रही परेशानी 30 दिसंबर से कम होगी। पिछले कुछ दिनों में लेनदेन में सुधार देखा जा सकता है।"
        मंत्री ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा से पहले पर्याप्त मात्रा में नए नोटों की छपाई नहीं की जा सकती थी, क्योंकि इससे नोटबंदी की खबर पहले ही लीक हो जाती, जबकि इसकी घोषणा अचानक की जानी थी। यह बात खासकर 500 रुपये के नए नोटों के लिए सही है, क्योंकि उसकी छपाई 10 नवंबर के बाद शुरू हुई। उन्होंने कहा, "नए नोटों को पहले नहीं छापा जा सकता था, क्योंकि इससे नोटबंदी की खबर लीक हो जाती।"

शालिनी दुबे : 21 साल की इस लड़की के सामने झुकतीं हैं बड़ी-बड़ी कंपनियां

   शालिनी दुबे! आज से पहले शायद ही यह नाम आपने पहले कभी सुना हो. आप मार्क जुकरबर्ग को जानते हैं, आप बिल गेट्स को जानते हैं, आप विजय शेखर शर्मा को भी जानते हैं,..और भी बहुत सारी हस्तियां जिनके नाम और काम आपको बखूबी याद है.
लेकिन इस दुनिया में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनके बारे में टीवी और इन्टरनेट पर ख़बरें नहीं आती, वह इतने प्रसिद्ध नहीं होते, लेकिन उनके काम दुनिया की किसी बड़ी हस्ती से कम नहीं होते।
कौन है शालिनी दुबे?
   
    मूल रूप से उत्तर प्रदेशः के कानपुर शहर के निवासी पिता और अमेरिकी माता की संतान शालिनी दुबे अमेरिका में पैदा हुयी और वह अमेरिका की ही नागरिक हैं. उनकी मां दुनिया के सबसे रहीस व्यक्ति बिल गेट्स के चचेरी बहन हैं और पिता भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी। उनकी माता का नाम क्रिस्टीना गेट्स और पिता का नाम रामशरण दिवेदी हैं.
शालिनी दुबे की शिक्षा!
      शालिनी की प्रारंभिक शिक्षा अमेरिका में ही हुई, अपनी उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने मात्र 14 वर्ष की आयु में आई आई टी दिल्ली में विदेशी कोटे के तहत प्रवेश लिया। लेकिंन अपरिहार्य कारणों से उन्हें अपनी कालेज की पढाई बीच में ही छोड़नी पड़ी. यानी अन्य कई सफल हस्तियों की तरह शालिनी भी कालेज ड्रॉपआउट बन गयी.
लेकिन इस कालेज ड्रॉपआउट की प्रतिभा और इसके कार्यों को देखते हुए विश्व की तीन प्रमुख यूनिवर्सिटियों ने इसे सम्मान स्वरुप डॉक्टरेट की उपाधि से संमानित किया।
छोटी सी आयु में पहला कदम
        शालिनी ने मात्र 16 वर्ष की आयु में अपनी खुद की सुपर मार्किट सीरीज स्टार्ट की. लेकिन व्यवसाय का कोई अनुभब न होने के कारन उनका यह स्टार्टअप सफल नहीं हो सका और सारे पैसे डूबता देख उन्होंने इस सीरीज को वालमार्ट ग्रुप को बेच दियाl इस सौदे से शालिनी $3000 डॉलर मिले.
संघर्ष भरे दिन
      स्टार्टअप में असफलता के बाद वह नौकरी के लिए संघर्ष करने लगीं, लेकिन कम आयु होने के कारन उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी, परिणामस्वरूप वह हताश हो गयीं। लेकिन उन्होंने एक बार फिर कोशिश की और वालमार्ट से मिले अपने 3000  डॉलर एक प्रमुख VPN सर्विस कंपनी में निवेश कर दिए. और बस यहीं से उनकी सफलता की शुरुआत हो गयी. 
और शालिनी बनी सफलता का पर्याय
      एक साधारण लड़की से बिजनेस टायकून तक के अपने इस सफर में शालिनी दुबे ने जो कुछ हासिल किया वह अचरज से भर देने वाला है, आइये जानते हैं उनके बारे में ऐसे ही कुछ तथ्य :-
  • आप सभी ने “Calvin Klien” नामक कपडे के ब्रांड के बारे में तो सुना ही होगा. शालिनी दुबे इस ब्रांड की 32 % की सायलेंट पार्टनर हैं.
  • आपमें से लगभग 80% लोगों के पास बैंकों का एटीएम होगा, दो प्रमुख कंपनियां मास्टरकार्ड और वीजा हैं जो कि एटीएम कार्ड बनातीं हैं. शालिनी दुबे वीजा कार्डस की भी सायलेंट पार्टनर हैं.
  • इसके अतिरिक्त वे 13 अन्य कंपनियों से बतौर सायलेंट पार्टनर ही जुडी हैं जिनमें प्रीमियम सनग्लासेज बनाने वाली कंपनी ‘Rayban‘ और हवाईजहाज बनाने वाली कंपनी ‘Boing‘ भी शामिल हैं
  • उन्हें अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का काफी करीबी माना जाता हैं वे अमरीकी राष्ट्रपति पद के आगामी प्रबल दावेदार माने जा रहे ‘डोनाल्ड ट्रंप’ की भी बिजनेस पार्टनर हैं.
  • उनकी उम्र इस समय 22 वर्ष है और वे इतने कम समय में ही 24000 करोड़(यह अनुमानित संपत्ति हैं) की मालकिन हैं. इसके अलावा वे 14 लग्जरी गाडियों और 2 शानदार प्राइवेट जेट्स की भी मालकिन हैं.
  • अगर आप मुसलमान हो और शालिनी दुबे से बात करना चाहते हो तो यह नामुमकिन हैं वे मुस्लिमों से बहुत ही नफरत करती हैं क्योंकि उनकी बहन 26/11 मुंबई हमलों में होटल ताज में मारी गई थी.
  • उनके साथ हमेशा प्राइवेट 18 सशस्त्र बाॅडी गार्डस रहते हैं और अमेरिका भी उन्हें भारी भरकम सुरक्षा मुहैया कराता हैं जिसका कारण उनका मुस्लिम विरोधी होना हैं उनकी सुरक्षा पर अमेरिका का लगभग 10 करोड हर साल खर्च होता हैं
  • सन् 2013 में उन्होंने फोर्बस मैगजीन पर केवल इसलिए केस कर दिया था क्योंकि उस मैगजीन ने उनसे बिना इजाजत के उनकी संपत्ति छाप दी थी. फैसला उनके पक्ष में आया और उन्हें यह अधिकार मिला है कि वह अपनी खबरों को मीडिया को छापने को मना कर सकतीं हैं. यही वजह हैं कि आपको उनके बारे में जानकारी नहीं मिलती.
  • वे अमेरिका की सदभावना राजदूत भी हैं. इसके अलावा वे अमेरिकन आर्मी की तीसरी सबसे बडी हथियार सप्लायर हैं. वे व्हाइट हाउस कीं सुरक्षा सलाहकार समिति की हैड भी हैं लेकिन उनकी सुरक्षा की दृष्टि से यह बात हमेशा गुप्त रखी गई.
  • वे लगभग 50 बड़ी कंपनियो का लोगो रिडिजाइन कर चुकीं हैं जिसमें आपके Adidas, Samsung और यहां तक कि Facebook का नया लोगो भी शामिल हैं. इसके लिए वे भारी भरकम रकम लेतीं हैं. इसके पीछे की कहानी यह हैं कि उन्हें अमेरिकी कार्पोरेट वर्ल्ड का लकी चार्म माना जाता हैं
  • उन्हें बच्चे बहुत पसंद हैं. वे हर साल बच्चों के लिए लगभग 2000 करोड दान में देतीं हैं। साथ ही उन्होंने 31 बच्चे गोद ले रखे हैं जिन्हें वे अपने साथ ही रखतीं हैं.
  • उन्हें 31 भाषाओं का ज्ञान है जिनमें अपनी हिंदी भी हैं.
  • वे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की साइबर सिक्योरिटी हैड भी हैं और वे इस पद के लिए अवैतनिक सेवाएं देतीं हैं. इससे पहले वे अमेरिकन आर्मी में भी अपनी सेवाएं दे चुकीं हैं. उन्हें अमरीका की सेना के तीनों शाखाओं की ट्रेनिंग मिली है.


(प्रिय पाठकों, यदि आपको यह "Success story" संद आयी तो इसे नीचे दिए सोशल मीडिया लिंक्स के माध्यम से अपने दोस्तों के साथ शेयर करिये साथ ही अगर आपके आस-पास भी किसी ने किसी भी क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय सफलता हासिल की तो आप उसकी कहानी हमें up.farrukhabad@gmail.com पर मेल कर सकते हैं. हम आपके नाम व् फोटो सहित उसे www.IndiaEpay.com पर स्थान देंगे। ताकि और लोग  प्रेरणा ले सकें।)

गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

बैंक में हस्ताक्षर नहीं अंगूठा लगाना होगा।

आधार से जुड़ेगी बैंकिंग सुविधाएँ
     सरकार की ओर से पूरी बैंकिंग प्रणाली को आधार से जोड़ने की योजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है, इसके बाद आपको बैंक से ट्रांजेक्शन के लिए हस्ताक्षर के बजाय फिंगर प्रिंट मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा। इसके अलावा एटीएम का पिन पूछकर की जाने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एटीएम मशीन पर भी फिंगर प्रिंट सेंसर लगाने की तैयारी है. 
   
ऐसा होने के बाद आपको एटीएम में भी पिन नंबर की बजाय अपने अंगूठे का इस्तेमाल करना होगा। यानि आपका अंगूठा ही आपका पिन होगा। इस तरह के कुछ एटीएम अभी चलन में आ भी चुके हैं.
    तो आने वाले समय में बैंक में पढ़े-लिखे लोग भी अंगूठा लगाते नज़र आएंगे। ☺☺

कैसे मिलेगा 251/- रूपये वाला फ़ोन? मालिक ने ही दिया इस्तीफा

     251 रूपये में स्मार्ट फ़ोन! यह खबर जब मुझे मिली थी उस दिन मैं प्रधानमंत्री मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक कांफ्रेंस में था. शाम के समय हमारे एक मित्र बड़ी बेताबी से अपने लैपटॉप पर कुछ काम कर रहे थे. पूछने पर बताया, "अरे मिश्रा जी! मात्र 251 रूपये में स्मार्ट फ़ोन मिल रहा है, मैंने तो अलग- अलग आईडी से 10 फ़ोन का ऑर्डर कर दिया. 
       तब से लेकर आज तक वह निश्चय ही बड़ी आशा से फ़ोन का इंतजार कर रहे होंगे, पर अब लगता है उनकी और 251 रूपये में स्मार्ट फ़ोन पाने की आस लगाए लोंगो की आशाओं पर पानी फिर गया है. 
क्योंकि इस स्मार्ट फ़ोन की निर्माता कंपनी "रिंगिंग बैल्स" के संस्थापक मोहित गोयल ने कंपनी छोड़ दी है। यही नहीं, निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहीं उनकी पत्नी धारणा ने भी कंपनी को अलविदा कह दिया है।            
   मोहित गोयल ने अब "एमडीएम इलेक्ट्रॉनिक्स" के नाम से नई कंपनी की शुरुआत की है। इस समय मोहित के भाई अनमोल गोयल रिंगिंग बैल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आपको बता दें कि कंपनी के नोएडा सेक्टर-62 स्थित ऑफिस में बीते दो सप्ताह से ताला लटका हुआ है।
       कंपनी ने एक प्रेस रिलीज जारी की है। उसमें बताया गया है कि मोहित गोयल और उनका पत्नी ने कंपनी छोड़ दी है। मोहित की जगह पर कंपनी में उनकी सभी जिम्मेदारियां अब अनमोल अदा करेंगे। अनमोल मोहित के भाई हैं। मोहित और धारणा ने कंपनी छोड़ने का कोई बड़ा कारण नहीं बताया है। 
       फ्रीडम 251 लॉन्च होने के बाद स्मार्टफोन बाजार में तहलका मच गया था। देशभर में करीब 7 करोड़ लोगों ने इस फोन की बुकिंग कराई थी। यही नहीं, 30,000 लोगों ने इसके लिए अडवांस पेमेंट भी कर दी थी। हालांकि, कंपनी के पास फोन तैयार करने के लिए किसी भी तरह की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी नहीं थी। इस बात को लेकर कंपनी की काफी आलोचना हुई। जिसके बाद कंपनी को अडवांस में ली गई राशि को लौटाना पड़ा। 

नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी देंगे सरप्राइज गिफ्ट!

    नोटबंदी को लेकर 31 दिसंबर की शाम को पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं. नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के मौके पर पीएम देश की जनता को धन्यवाद देंगे, जिन्होंने कठिनाई के बावजूद संयम बनाए रखा. साथ ही इन 50 दिनों में सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए उनका ब्यौरा भी दिया जाएगा. इसके अलावा देश की जनता के लिए कोई बड़ी घोषणा करके प्रधानमंत्री मोदी सरप्राइज़ गिफ्ट भी दे सकते हैं.
     नोटबंदी के बाद आए आदेशों को लेकर विपक्ष के हमले का सामना करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी यह जानकारी भी दे सकते हैं कि उन्होंने इतने बदलाव क्यों किए.वह बजट के एक महीने पहले उठाए जाने वाले क़दमों का ब्योरा भी दे सकते हैं.
     पीएम 500 और 1000 के कितने नोट खजाने में आए इसका खाका भी रखेंगे. साथ ही 8 Nov तक कितना पैसा प्रचलन में था और 30 दिसंबर तक कितना पैसा वापस आया इसका लेखा-जोखा रखेंगे. विपक्ष बार-बार आरोप लगा रहा है कि सरकार को इससे कोई फायदा नहीं हुआ, उसका जवाब होगा, नए नोट में कितना पैसा पकड़ा गया. उसकी एक वृहद् जानकारी देकर संकेत देंगे कि कोई बच नहीं सकता. बैंकों पर हो रही कार्रवाई की भी पुख्ता जानकारी दी जाएगी.
     सरकार के खाते में आने वाली रकम को किसानों, गरीबों और मजदूरो के लिए बड़े ऐलान के रूप में PM देश के सामने रख सकते है. जनधन खातों को लेकर भी महत्वपूर्ण ऐलान संभव है. पीएम Digital payment को बढ़ावा देने के लिए अभी तक किये गए ऐलान को और आगे बढ़ाते हुए और रियायतों की घोषणा कर सकते है.

बुधवार, 28 दिसंबर 2016

किसी भी यूट्यूब वीडियो को डाऊनलोड करें 30 सेकेंड में

    स्मार्टफोन और 4जी के इस युग में ज्यादातर लोग यूट्यूब के माध्यम से अपना मनोरंजन करते देखे जा सकते हैं. यूट्यूब एक ऐसा माध्यम बन चुका है, जिसके जरिये किसी भी विषय से सम्बंधित वीडियो देखी जा सकती हैं। ऐसे में जाहिर हैं की आपने भी कई वीडियो देखी होंगी। कई वीडियो तो ऐसी होती हैं, जिन्हें आप बार-बार देखते होंगे। कई वीडियो को आप ऑफलाइन सेव भी कर लेते होंगे। ऐसे में हम आपको आज एक आसान सा तरीका बताने जा रहे हैं, जिसके जरिये आप महज 30 सेकेंड में ही यूट्यूब की किसी भी वीडियो को अपने कंप्यूटर सिस्टम या मोबाइल में आसानी से सेव कर सकते हैं।
आइये जानते हैं कैसे ?
1. सबसे पहले ब्राउज़र में यूट्यूब की साइट को ओपन करते हैं.
2. इसके बाद उस विडियो को सर्च करते हैं जिसे डाऊनलोड करना है.
3. उस विडियो को ओपन करते हैं.
4. क्लिक करने के बाद जैसे ही वीडियो ओपन होता है ब्राउजर के एड्रेस बार में विडियो के यूआरएल एड्रेस में www. के तुरंत बाद SS लिखकर एन्टर दबाते हैं.  उदाहरण ( https://www.SSyoutube.com/watch?v=ZD_fj37pTgU)
5. एन्टर  करते ही आपके सामने सेव फ्रॉम नेट की विंडो ओपन हो जाती है. इस विंडो में डाऊनलोड का विकल्प दिया होता है.
     अब यहाँ दिए गए विकल्पों में से अपनी इच्छानुसार विकल्प पर क्लिक कर आप आदि MP4, 3GP, WebM, फॉर्मेट में विडियो को डाऊनलोड कर सकते हैं.
6. यहाँ पर आप विडियो को Audio MP4 पर क्लिक करके ऑडियो फॉर्मेट में भी डाऊनलोड कर सकते हैं.
यदि आपको विडियो डाउनलोड करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो रही है तो इस विडियो को देंखें 

घर बैठे एक असाइनमेंट करने पर यह वेबसाइट देगी 3500 रूपये

       आप जो भी काम कर रहे हैं उसके साथ-साथ यदि आप इन्टरनेट के मदद से कुछ कमाने का मौका तलाश रहे हैं तो यह आपके ही लिए है. आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी वेबसाइट के बारे में जो आपको 30 से 90 मिनट का तक का एक असाइनमेंट पूरा करने पर 3500 रूपये तक का पेमेंट करती है.       
    जी हाँ इस वेबसाइट का नाम है "टेस्टिंग टाइम" इससे जुड़ने के बाद आप अच्‍छी कमाई कर सकते हैं। यह वेबसाइट प्रति असाइनमेंट 50 पाउंड (भारतीय मुद्रा में 3561 रूपये) पेमेंट करती है। इनकी हर स्‍टडी 30 से 90 मिनट की होती है. 
वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्या करना होगा?
       सबसे पहले आपको इस वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ई मेल, देश का नाम, फ़ोन नम्बर, स्काइप आईडी (स्काइप क्या है? स्काइप आईडी कैसे बनाये? से सम्बन्धित जल्द आने वाली पोस्टों को पढ़ने के लिए हमारी ई मेल सदस्यता लीजिये अथवा हमें "यहाँ क्लिक कर फेसबुक" पर लाइक कीजिये) जैसी सामान्य जानकारियां देकर एक खाता बनाना होगा। उसके बाद वेबसाइट की ओर से आपके ईमेल पर एक सन्देश आएगा जिस पर क्लिक करके आपको कन्फ़र्मेशन देना होगा। 
    यदि आपकी प्रोफाइल वेबसाइट को पसंद आती है तो आपको असाइनमेंट मिलना शुरू हो जायेगे।
इसके लिए आपके पास क्या होना चाहिए?
      इस वेबसाइट पर काम करने के लिए आपके पास एक अच्छी स्पीड वाला लैपटॉप, एक स्काइप खाता, वेबकैमरा, बातचीत करने के लिए माइक्रोफोन और तेज गति वाला इन्टरनेट कनेक्शन होना चाहिए। 
किस तरह के असाइनमेंट करने होंगे?
       आपको विभिन्न कंपनीज़ के प्रोडक्ट, एप, वेबसाइट और अन्य सर्विसेज को लेकर फीडबैक देना होता है, इसके लिए हर प्रोडक्ट या सर्विस सबसे पहले आपको उपलब्ध कराई जाती है, और उसे प्रयोग करने के बाद आपको उस पर अपना फीडबैक देना होता है.
क्या इस वेबसाइट से जुड़ने के लिए कोई फीस है?
      नहीं इस वेबसाइट से जुड़ने के लिए आपसे किसी भी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जाती है. आप इस लिंक पर क्लिक करके अपना पंजीकरण कर सकते हैं. 
कितने पैसे मिलेंगे?
  वेबसाइट द्वारा उपलब्ध कराये गए असाइनमेंट और उसमे लगने वाले समय के आधार पर आपको अधिकतम तक का भुगतान किया जायेगा।
पेमेंट कैसे और कब मिलेगा?
     इस वेबसाइट द्वारा आपको भुगतान 5 से 10 दिनों के अंदर आपके बैंक खाते अथवा पे-पाल अकाउंट के जरिये किया जायेगा। (पे-पाल क्या है? इसका अकाउंट कैसे बनायें से सम्बन्धित जल्द आने वाली पोस्टों को पढ़ने के लिए हमारी ई मेल सदस्यता लीजिये अथवा हमें "यहाँ क्लिक कर फेसबुक" पर लाइक कीजिये)
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       अगर आप इस वेबसाइट को अभी ज्वाइन करना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें।

मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

क्या है फिशिंग और इससे कैसे बचें?

           "फिशिंग" इंटरनेट चोरी का एक सामान्य रूप है। इसका प्रयोग यूज़र की व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, नेट बैंकिंग पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड संख्या, व्यक्तिगत पहचान विवरण आदि चुराने के लिए किया जाता है। 
      इसके बाद धोखेबाज़ इन जानकारियों का उपयोग प्रभावित व्यक्तियों के खातों से धन निकालने या प्रभावित व्यक्तियों के क्रेडिट कार्ड से बिलों का भुगतान करने में करता है। सबसे खराब स्थिति वह है जब किसी व्यक्ति पहचान ही चोरी हो जाती है। कुछ अन्य भारतीय बैंकों के कुछ ग्राहक 2006 की शुरूआत में फिशिंग से प्रभावित हो चुके हैं।    
 हम आपको ''फिशिंग'' हमलों में प्रयुक्त तरीकों से सचेत करना चाहते हैं। व्यक्तिगत सूचनाएं देने में क्या ''करें'' एवं ''ना करें'' तथा यदि आप 'फिशिंग हमले के शिकार हो जाते हैं तो क्या कार्रवाई अपेक्षित है।
कैसे होती है फिशिंग?

  • फ़िशिंग से आपकी व्यक्तिगत पहचान संबंधी डाटा एवं आपके बैंक खातों, पैन कार्ड जैसी वित्तीय जानकारियां चुराने के लिए सोशल इंजीनियरिंग और तकनीकी छल दोनों का प्रयोग किया जाता है।
  • आपको ऐसे फर्जी ई-मेल प्राप्त होते हैं जिसमें इंटरनेट का पता बिलकुल असली जैसा प्रतीत होता है।
  • ई-मेल में आपको किसी हाइपरलिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है।
  • हाइपरलिंक पर क्लिक करते ही वह आपको एक फर्जी वेब साइट पर ले जाता है जो वास्तविक साइट के समान दिखती है।
  • प्राय: यह ई-मेल उनकी बातों का अनुपालन करने पर इनाम देने का वादा करती हैं या न मानने पर पेनल्टी डालने की चेतावनी दी जाती है।
  • आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड और बैंक खाता संख्या आदि को अपडेट करने के लिए कहा जाता है। 
  • आप जैसे ही विश्वास में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारियां दे देते हैं और ‘’सबमिट ’’ बटन पर क्लिक करता हैं तो समझिये आपके बैंक खाते पर खतरा मंडराने लगा है.
  • यानि आप फ़िशिंग का शिकार हो चुके हैं.

इस प्रकार की धोखाधड़ी (फिशिंग) से बचने के लिए क्या करें?

  • किसी अंजान स्रोत से प्राप्त ई-मेल के किसी भी लिंक को क्लिक न करें। इस प्रकार के कोड पर क्लिक करके आपके कम्प्यूटर में कोई वॉयरस जैसा प्रोग्राम डाला जा सकता है.
  • पॉप-अप विंडो के रूप में आए पेज पर किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नही दें।
  • कभी भी अपना पासवर्ड फोन पर या ई-मेल से प्राप्त अनपेक्षित अनुरोध पर नहीं बताएं।
  • हमेशा याद रखें कि जैसे पासवर्ड, पिन (PIN), टिन (TIN) आदि की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय है तथा बैंक के कर्मचारी/सेवा कार्मिक भी इसकी माँग नहीं करते हैं। इसलिए ऐसी जानकारियां मांगे जाने पर भी किसी को न दें।

सावधानी ही बचाव है, निम्न उपायों पर ध्यान दें
  • हमेशा एड्रेस बार में सही यूआरएल टाइप कर साईट को लॉग-ऑन करें, किसी लिंक पर क्लिक करके बैंक की साइट कभी न खोले.
  • आपका यूजर आईडी एवं पासवर्ड केवल अधिकृत लॉग-इन पेज पर ही दें।
  • अपना यूजर आईडी एवं पासवर्ड डालने से पूर्व कृपया सुनिश्चित कर लें कि लॉग-इन पेज का यूआरएल ‘https://’ से प्रारम्भ हो रहा है ‘http:// से नहीं। ‘एस’ से आशय है सुरक्षित (Secured) तथा यह दर्शाता है कि वेब पेज में एंक्रिप्शन का प्रयोग हो रहा है।
  • कृपया ब्राउसर एवं वेरीसाइन प्रमाण पत्र के दाईं ओर नीचे लॉक का चिन्ह भी देखें।
  • कृपया याद रखिए कि बैंक कभी भी ई-मेल द्वारा आपके खाते की जानकारियां नहीं माँगता है ।
  • अगर आपके पास कोई कॉल आता है और कॉल करने बैंक अधिकारी बताकर आपका एटीएम नंबर, पासवर्ड आदि पूछे तो कभी न बताएं, भले ही वह आपके एटीएम को बंद करने की धमकी दे.
अगर गलती हो जाये तो?
  • यदि आपने गलती से किसी को अपना पिन/पासवर्ड आदि बता दिया है, तो तुरंत अपनी बैंक को इसकी सुचना दें. 
  • साथ ही अपने कार्ड पर दिए गए नंबर पर फ़ोन कर उसे ब्लॉक करा दें.
  • अपने खाता के लेन-देन के रिकॉर्ड को चेक करने कोई गड़बड़ दिखने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

जुकरबर्ग नहीं एक भारतीय के दिमाग की उपज है फेसबुक

   "मार्क जुकरबर्ग" यह नाम आज भारत के साथ-साथ दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं, और इस नाम को इतनी शोहरत मिली फेसबुक से. जी हाँ आज फेसबुक के संस्थापक के रूप मार्क जुकरबर्ग को पूरी दुनिया में पहचाना जाता है. लेकिन कम से कम हम भारतीयों को यह जानकारी अवश्य होनी चाहिए की फेसबुक का आइडिया मार्क जुकरबर्ग का नहीं बल्कि एक भारतीय-अमेरिकी दिव्य नरेंद्र का था.
     जी हाँ, दिव्य नरेंद्र के माता-पिता दशको पहले भारत छोड़कर अमेरिका जाकर बस गए थे, उन्हें वहीँ की नागरिकता भी मिल गए. दिव्य नरेंद्र का जन्म 18 मार्च 1982 को अमेरिका में हुआ था. दिव्य नरेंद्र के माता-पिता पेशे से डॉक्टर है और वह अपने बेटे को डॉक्टर ही बनाना चाहते थे. पर अपनी धुन के पक्के नरेन्द्र को व्यवसाय में रूचि थी, और वह एक सफल एंटरप्रिन्योर बनना चाहते थे  
कैसे हुआ था फेसबुक का जन्म?
       दिव्य नरेंद्र ने अपनी उच्च शिक्षा हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्राप्त की थी, इसी यूनिवर्सिटी में मार्क जुकरबर्ग भी पढाई कर रहे थे. दिव्य और उनके दोस्त यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए हार्वर्ड कनेक्शन नामक एक साइट बना रहे थे, फेसबुक का जन्म हॉर्वर्ड कनेक्शन सोशल साइट की निर्माण प्रक्रिया के दौरान हुआ। दिव्य हॉर्वर्ड कनेक्शन प्रॉजेक्ट पर काफी आगे बढ़ चुके थे। उसके लंबे समय बाद जुकरबर्ग मौखिक समझौते के तहत उसमें शामिल हुए। पूरी चालाकी से उन्होंने इस प्रॉजेक्ट को हाईजैक कर लिया और बाद में बाकायदा फेसबुक नाम से डोमेन रजिस्टर्ड कर उस प्रॉजेक्ट को अमली जामा पहना दिया। इस बीच दिव्य और उनके सहयोगियों की जुकरबर्ग से तीखी नोकझोंक हुई। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने मामले में हस्तक्षेप किया और दिव्य को कोर्ट जाने की सलाह दी। जुकरबर्ग के साथ मुकदमेबाजी करते हुए दिव्य दूसरे प्रॉजेक्ट्स पर काम करते रहे। दो साल तक उन्होंने इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर काम किया और इसी दौरान "सम जीरो" नाम की कंपनी बनाई।
फेसबुक के आइडिया को लेकर क़ानूनी लड़ाई
    फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग ने जब दिव्य और उनके दोस्तों के आइडिया को अमलीजामा पहनाया, तो बवाल मच गया। दिव्य ने जुकरबर्ग के खिलाफ 2004 में अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा कर दिया। फैसला दिव्य और उनके दोस्तों के पक्ष में आया। जुकरबर्ग को हर्जाने के तौर पर 650 लाख डॉलर चुकाने पडे़, लेकिन दिव्य इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका तर्क था कि उस समय फेसबुक के शेयरों की जो बाजार में कीमत थी, उन्हें उसके हिसाब से हर्जाना नहीं दिया गया। 
     एक बार फिर मुकदमा दायर हुआ, लेकिन इस बार दिव्य हार गए। हाल में आए कोर्ट के इस फैसले में कहा गया कि 2008 में जो फैसला हुआ था, वह एकदम सही है। फेसबुक से जुकरबर्ग की तरह बेशक दिव्य का नाम न जुड़ा हो, पर जब-जब फेसबुक के जन्म की कहानी लिखी जाएगी, तब-तब दिव्य को भी याद किया जाएगा। यही वजह रही कि जब फेसबुक के इस विवाद पर ब्लॉकबस्टर फिल्म 'द सोशल नेटवर्क' बनी तो दिव्य को एक निगेटिव कैरेक्टर के तौर पर पेश नहीं किया गया। दिव्य कहते हैं कि फिल्म से पहले मैं चिंतित था कि कहीं मुझे खलनायक के तौर पर पेश न कर दिया जाए, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। 
अमेरिका में बड़े बिजनेसमैन के तौर पर है पहचान
     आज दिव्य नरेंद्र की एक अमेरिकी बिजनेसमैन के तौर पर खास पहचान है, और वह 'सम जीरो' के सीईओ हैं। उनकी कंपनी में पूरी दुनिया के चुनिंदा 12 हजार से ज्यादा फंड एनालिस्ट काम करते हैं।
दिव्य नरेंद्र की कंपनी के बारे में ज्यादा जानने के लिए यहाँ क्लिक करें
दिव्य नरेंद्र को ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहाँ क्लिक करें
फेसबुक की कहानी पर बनी फिल्म "The Social Network" देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

सोमवार, 26 दिसंबर 2016

खुशखबरी : अब सिर्फ पैदल चलकर भी कमा सकते हैं पैसे!


भला पैदल चलने से कोई पैसे कैसे कमा सकता है? आप भी यही सोच रहे होंगे न. पर यह सच है अब आप पैदल चलकर भी पैसे काम सकते हैं. आपका स्वास्थ्य तो अच्छा रहेगा ही साथ ही आप पैसे भी कमा पाएंगे।
कैसे कमा सकते है आप ?
   सबसे पहले आपके पास होना चाहिए एक एंड्रॉयड फ़ोन और अगर आपके पास पहले ही फ़ोन हैं तो आपको चाहिए एक छोटी सी एप जिसका नाम है "Bit-walking".
क्या है बिटवॉकिंग bit-walking
    बिटवॉकिंग एक स्मार्ट फ़ोन एप है जो जो यह रिकॉर्ड करती है की आप कितने कदम पैदल चले हैं? फिर आपके तय किये गए क़दमों की गिनती के आधार पर प्रति दस हजार क़दमों पर आपको एक बिटवॉकिंग डॉलर मिलेगा। इस डॉलर का प्रयोग करके आप ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं.
अब आप सोच रहे होंगे की आखिर यह बिटवॉकिंग डॉलर क्या बला है ?
      बिटवॉकिंग डॉलर एक प्रकार की डिजिटल करेंसी है. जिससे आप ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं. डिजिटल करेंसी को देश से बाहर भेजना या मंगाना बेहद आसान है. आप इसे आसानी से अपने खाते में भी ट्रांसफर कर सकते हैं. दुनिया की पहली डिजिटल करेंसी "बिटकॉइन" है. बिटकॉइन के बारे में जल्द ही आपको www.indiaepay.com पर बताया जायेगा।
कहाँ मिलेगी बिटवॉकिंग एप
बिटकॉइन एप डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

वोडाफोन ग्राहकों के लिए खास ऐप, एमपैसा से करो शॉपिंग

      मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन और आई सी आई सी बैंक द्वारा प्रवर्तित एवं भारतीय रिजर्व  बैंक द्वारा लाइसेंस प्राप्त एक भुगतान प्रणाली है. वोडाफोन एम पैसा की शुरुआत 21 अगस्त 2013 को ही हो गयी थी और तभी से लाखों लोग इसका प्रयोग भी कर रहें है लेकिन नोटबंदी के बाद आसान लेन-देन के तरीके खोज रहे लोगो के लिए अब इस तरह के एप ज्यादा पापुलर हो रहे हैं.
 Vodafone की एम पैसा सेवा से मोबाइल फोन के जरिये धन का हस्तांतरण करने के अलावा किसी भी बैंक खाते में रुपये भेजे जा सकते हैं। एम-paisa प्लेटफॉर्म के जरिए मनी ट्रांसफर, डीटीएच सेवा बिल का भुगतान मोबाइल रीचार्ज, बिल एवं यूटिलिटी एलआईसी प्रीमियम और मर्चेंट ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दे रही है। देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई के साथ मिलकर शुरू किये गए वोडाफोन की ‘एम पैसा’ सेवा से मोबाइल फोन के जरिये धन का हस्तांतरण करने के अलावा किसी भी बैंक खाते में रूपये भेजे जा सकते हैं। ‘एम-पैसा‘ सेवा बैंकिंग व गैर-बैंकिंग वर्गों के लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने में सशक्त बनाता है। ‘एम पैसा’ मोबाइल भुगतान के क्षेत्र में वोडाफोन की वैश्विक दक्षता व भारत में महत्वपूर्ण वितरण पहुंच और आईसीआईसीआई बैंक के जरिए वित्तीय लेन-देन के लिए प्रदत्त सुरक्षा की संयुक्त क्षमताओं का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर रहा है।
क्या कर सकते हैं M-Pesa से ?
  • पैसा जमा करे (Deposit money) ।
  • किसी भी मोबाइल नम्‍बर पर धन भेजे (Send money to any mobile number) ।
  • किसी भी बैंक खाते में धन भेजे (Send money to any bank account)
  • प्री़पेड रिचार्ज करें (Prepaid Recharge) ।
  • पोस्‍टपेड बिल जमा करें (Postpaid bill payments) ।
  • डीटीएच रिचार्ज करें (DTH Recharge)
  • बिजली बिल, मोबाइल बिल, टैक्सी पेमेंट जैसी सेवाओ में भुगतान करें (Utility Payments)
  • मर्चेंट भुगतान (Merchant Payment)
  • धन निकाले (Withdraw money) ।

वोडाफोन ‘एम-पैसा’ खाते के लिए कौन योग्‍य है?
       वोडाफोन एमपैसा की सेवाएं वेब, USSD कोड और मोबाइल एप्लीकेशन तीन प्रकार से प्राप्त की जा सकती है. USSD कोड को छोड़कर बाकी सभी सेवाओं को किसी भी मोबाइल कंपनी के उपभोक्ता प्रयोग कर सकते हैं.
कैसे प्रयोग करें?
1. Register with m-pesa  (मोबाइल नंबर, नाम जैसी जानकारियां देकर पंजीकरण करना)
2. Load M-pesa (अपने डेबिट/एटीएम कार्ड अथवा नेटबैंकिंग का प्रयोग करके वॉलेट में पैसे डालना) 
3. Use M-Pesa (अब आप एम् पैसा वॉलेट में उपलब्ध पैसों से मोबाइल रिचार्ज, दुकानदार को भुगतान, डीटीएच रिचार्ज जैसे कार्य आसानी से कर सकते है, साथ ही पेमेंट को वालेट से बैंक खाते में ट्रांसफर भी किया जा सकता है) 
इस टेबल में एमपैसा से लेन-देन के बारे में पूरी जानकारी दी गई है

रविवार, 25 दिसंबर 2016

शीतल के जनधन खाते में आये सौ करोड़

         जनधन खाता जिसकी लिमिट मात्र पचास हजार रूपये की होती है, उसमे एक-दो, दस- बीस नहीं पुरे सौ करोड़ रूपये आ जाएँ तो चौकना लाजिमी है. कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है माधवगंज थाना क्षेत्र, मेरठ की रहने वाली शीतल के साथ.
 शीतल यादव नाम की यह महिला एक फैक्टरी में मात्र पांच हजार रूपये महीने के वेतन पर काम करती है. इस महिला का पति भी एक निजी कंपनी का कर्मचारी है. 
        महिला के पति ने बताया की एटीएम से निकली पर्ची में बैलेंस देखकर मेरा पूरा परिवार हैरान रह गया. शीतल के खाते में 99 करोड़ 99 लाख 99 हजार 394 रुपए बैलेंस दिख रहा था। मुझे यकीन नहीं हुआ तो मैंने दूसरे एटीएम पर स्लिप निकाली। वहां भी यही बैलेंस दिखा।
      महिला शीतल और उसके पति जिलेदार सिंह ने बताया कि उन्होंने बैंक जाकर इसकी शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कहा गया कि बैंक मैनेजर आएंगे, तभी कुछ होगा। दो दिन बाद वो फिर बैंक गए, लेकिन तब भी उनकी शिकायत पर गौर नहीं कि‍या गया। 
       जिलेदार ने बताया कि इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और एसबीआई के सीनियर ऑफिशियल्स को भी मेल भेजा है।
        महिला शीतल का कहना है कि उसके खाते में सिर्फ 600 रुपए थे, लेकिन अचानक इतने सारे पैसे आ जाने से पूरा परिवार परेशान है। बैंक वाले भी बताने को तैयार नहीं है कि खाते में इतने पैसे कहां से आए।

मोदी सरकार देगी फ्री डाटा और स्मार्ट फोन!

       मोदी सरकार देश के लाखों गरीबों को डेटा समेत स्मार्ट फोन फ्री में दे सकती है। पहले चरण में 70 लाख स्मार्ट फोन देने की घोषणा हो सकती है। इसके लिए वित्त मंत्रालय और टेलिकॉम मिनिस्ट्री को विस्तृत रिपोर्ट बनाने को कहा गया है। मोदी सरकार 2017 के बजट में इसका ऐलान कर सकती है, जो इस बार 1 फरवरी को पेश होगा।
सरकार के पास है पर्याप्त पैसा
       एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस योजना के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा है, जो यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) से जुटाया जाएगा। यह एक ऐसा फंड है, जो हर साल टेलिकॉम कंपनियों को अपने लाभ में से सरकार के पास जमा कराना जरूरी होता है। इससे 2002 से 2014 तक 66 हजार करोड़ रुपये जमा हुए, जिसमें से सिर्फ 25 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और 30 हजार करोड़ रुपये अभी बाकी हैं।
डिजिटल लेन-देन बढ़ाने वाली योजना का हिस्सा?
       सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस योजना को डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की स्कीम से भी जोड़ सकती है। सरकार का मानना है कि इस योजना से दोहरा फायदा होगा। जहां लाखों बीपीएल गरीबों को स्मार्ट फोन देने से सरकार की लोकप्रियता बढ़ेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक-लुभावन हो सकता है 2017 बजट!
मोदी सरकार अपने चौथे बजट में लोकलुभावन घोषणाओं पर फोकस कर सकती है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी से जनता को हो रही परेशानी और पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सरकार इकनॉमिक रिफॉर्म के बजाय जनता को लुभाने वाली घोषणाएं कर सकती है। अब तक के तीन बजटों में मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार को बजट के फोकस में रखा था और लोकलुभावन योजनाओं को कम जगह ही मिली थी।

आज से अंगूठा लगाकर कीजिये पेमेंट : आधार पेमेंट सिस्टम लांच

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई नई योजनाएं ला रही है। इसी दिशा में आज एक और बड़ी शुरूआत होगी। आज एक नया मोबाइल ऐप लांच किया जाएगा जिसके जरिए सिर्फ आधार नंबर की मदद से आप किसी भी दुकान पर पेमेंट कर सकेंगे वो भी सिर्फ अपने अंगूठे की मदद से. 
      डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई नई योजनाएं ला रही है। इसी दिशा में आज एक और बड़ी शुरूआत होगी। आज एक नया मोबाइल ऐप लांच किया जाएगा जिसके जरिए सिर्फ आधार नंबर की मदद से आप किसी भी दुकान पर पेमेंट कर सकेंगे वो भी सिर्फ अपने अंगूठे की मदद से.
        इस नए एप के इस्तेमाल के लिए आपके पास स्मार्टफोन क्या किसी भी तरह के फोन की जरुरत नहीं है. हां, आपके बैंक खाते से आपका आधार नबंर जरुर जुड़ा होना चाहिए. साथ ही दुकानदार के पास एक स्मार्टफोन और बॉयोमेट्रिक स्कैनर मशीन होनी चाहिए. फिंगरप्रिंट सेंसर वाला मोबाइल फोन हो तो स्कैनर की भी जरुरत नहीं होगी.
किसने बनाया है इस एप्प को
नोटबंदी के बाद काफी समय से कैश की किल्लत से जूझ रहे लोंगो को राहत देने के लिए तथा प्राइवेट मोबाइल वॉलेट कंपनियों को प्रोत्साहित करने के आरोप झेल रही सरकार की ओर से एक बड़ा फैसला लेते हुए आईडीएफसी बैंक और नेशनल पेंमेंट कॉरपोरेशन यानी NPCI ने आधार पेमेंट्स सिस्टम आधारित इस एप का विकास किया है.
कैसे काम करेगा ये एप
  • दुकानदार और कस्टमर को एप अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करना होगा, ये एप गुगल के प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा. 
  • ग्राहक को अपना आधार नंबर और बैंक का नाम एप में बताना होगा. इसके बाद मोबाइल हैंडसेट से जुड़े बॉयोमेट्रिक स्कैनर पर अपना अंगूठा रखना होगा. 
  • अंगूठे के निशान से आपकी पहचान साबित होगी और भुगतान पूरा हो जाएगा. 
  • सबसे बड़ी बात ये है कि इस पूरे लेन-देन में किसी तरह का सर्विस चार्ज फिलहाल नहीं देना होगा.
  • यानी डिजिटल लेन-देन के लिए ना तो डेबिट कार्ड की जरुरत है, ना ही डेबिट कार्ड या फिर मोबाइल बटुए की. साथ ही आपको पिन यानी पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर भी देने की जरुरत नहीं होगी. 
  • सबसे बड़ी बात ये है कि बतौर ग्राहक आपको मोबाइल फोन भी नहीं रखना होगा.
आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूआईडी का कहना है कि देश के करीब-करीब सभी नागरिकों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं जबकि 40 करोड़ से भी ज्यादा बैंक खाते आधार से जुड़े हैं. ऐसे में नए एप के जरिए लेन-देन में भारी संभावनाए दिख रही है.यूआईडी का अनुमान है कि नए एप को अगले कुछ दिनो में 3 करोड़ दुकानदार इस्तेमाल करेंगे और इसकी बदौलत 25 से 30 करोड़ लोग खरीदारी कर सकेंगे इन सब की वजह से आधार के जरिए लेन-देन सवा करोड़ से छह गुना तक बढ़ सकता है.
       देश में अब तक जारी करीब 94 करोड़ डेबिट कार्ड में करीब 74 करोड़ ही सक्रीय है. लेकिन इनमें भी हर 10 में से करीब नौ का इस्तेमाल सिर्फ एटीएम से पैसा निकालने या बैलेंश जानने में होता है, खरीदारी में नहीं. खरीदारी में इस्तेमाल नहीं होने की कई वजह है. मसलन, प्वाइंट ऑफ सेल्स यानी पॉस मशीन की कमी, सर्विस चार्ज, सुरक्षा को लेकर संदेह और इटंरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कतें. देश में नकद रहित कारोबार को बढ़ावा देने में यही बातें बाधा बन रही है. लेकिन उम्मीद है कि ये बाधा जल्द ही दूर होगी और ये एक नए मोबाइल एप्ललिकेशन से मुमकिन होगा.

शनिवार, 24 दिसंबर 2016

जानिए विजय शेखर शर्मा ने कैसे की पेटीएम की शुरुआत



 
अपनी पत्नी और बच्चे के साथ विजय
 पेटीएम की स्थापना करने वाले विजय शेखर शर्मा उत्तर प्रदेश के अलीगढ के रहने वाले हैं. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से पढाई करने वाले विजय जब अपनी आगे की पढाई के लिए दिल्ली स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में पहुंचे तो उन्हें बढ़ी दिक्कते आयीं क्योंकि विजय की अंग्रेजी काफी कमजोर थी. दोस्तों की मदद और अंग्रेजी के अखबार, मैगजीन, किताबें पढ़कर विजय ने अपनी अंग्रेजी सुधारी.
       अंग्रेजी तो कुछ ठीक हुई पर बी.टेक में ख़राब आ रहे ग्रेड की वजह से विजय का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगा. विजय का मन क्लास करने में नहीं लगता था और उन्होंने कॉलेज जाना भी कम कर दिया. विजय हॉटमेल के सबीर भाटिया और याहू की काफी सफलता से प्रभावित थे और कुछ ऐसा ही करने का सपना देखते थे.
         एक साधारण इंसान से सफलता के शीर्ष पर पहुँचने का सफर विजय ने अपने खाली समय का उपयोग सॉफ्टवेयर कोडिंग सीखने में लगाया. विजय का बिज़नस सफ़र कॉलेज के दिनों में ही शुरू हुआ जब उन्होंने मित्रों के साथ मिलकर एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम indiasite.net बनाया जिसमे इन्वेस्टर्स ने पैसा लगाया था.
दो साल बाद विजय को अपना यह स्टार्टअप बेचना पड़ा, इसको बेचने से मिले 1 मिलियन डॉलर से विजय ने One97 Communications Ltd. नाम की मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विस देने वाली कंपनी खोली. One97 Communications Ltd. मोबाइल के लिए तरह तरह के कंटेंट जैसे एग्जाम रिजल्ट्स, रिंगटोन्स, समाचार, क्रिकेट स्कोर, जोक्स प्रदान करती है.
     अमेरिका की 9/11 त्रासदी का असर मार्केट पर इस कदर पड़ा कि रातोंरात कितने ही बिज़नस तबाह हुए और One97 Communications Ltd. भी इसका शिकार हुआ. Paytm की ग्राहक Hutch और Airtel जैसी बड़ी कम्पनियां समय पर भुगतान नहीं कर पा रही थीं. अपने स्टाफ, कर्मचारियों को सैलरी विजय ने दोस्तों, रिश्तेदारों से 24% की सालाना ब्याज दर पर पैसा लोन लेकर दिया.
विजय के पैसे खत्म हो चुके थे और उन्हें अपने निजी जीवन में भी कई सुविधाओं का त्याग करना पड़ा. विजय कार छोड़कर बस-ऑटो से सफर करने लगे पर सपना देखना नहीं छोड़ा क्योंकि जीतने का राज़ हिम्मत न हारना ही है. पैसे की तंगी बढ़ी तो विजय बतौर कंसलटेंट एक जगह नौकरी करने लगे.
कैसे शुरू हुई पेटीएम
लेकिन विजय का मन नौकरी में नहीं लग रहा था, अपने ऑफिस आते- जाते समय उन्हें अक्सर खुले पैसों की समस्या का सामना करना पड़ता था. इसी समय तेजी से स्मार्टफोन का उपयोग भी बढ़ रहा था. विजय ने सोचा क्यों न कुछ ऐसा किया जाये की फ़ोन के माध्यम से ही छोटे मोटे भुगतान हो सकें और लोंगो को खुले पैसों की समस्या से मुक्ति मिल जाये. इसी विचार को ध्यान में रखकर उन्होंने One97 Communications Ltd. के ही अंतर्गत Paytm.com नाम की वेबसाइट खोली और ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज सुविधा शुरू की. बाज़ार में कई अन्य वेबसाइट भी थीं, जो मोबाइल रिचार्ज की सुविधा देती थी पर Paytm का सिस्टम उनकी तुलना में सीधा-साधा और आसान था.
     Paytm का बिज़नस बढ़ा तो विजय ने Paytm.com में ऑनलाइन वॉलेट, मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट, मनी ट्रान्सफर और online शॉपिंग जैसे फीचर भी जोड़ दिए. विजय को उनके प्रयासों और संघर्ष का फल मिला और आज Paytm भारत का सबसे बड़ा मोबाइल पेमेंट और ई-कॉमर्स प्लेटफार्म बन चुका है.
इस समय Paytm के मोबाइल वॉलेट का उपयोग करने वालों की संख्या 15 करोड़ है. देश भर के 10 लाख से ज्यादा दुकानदार, ऑटो-टैक्सी, पेट्रोल पंप, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स और पार्किंग लॉट पेटीएम से भुगतान स्वीकार करते हैं.
        पेटीएम को भारतीय रिजर्व बैंक की और से पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिल चुका है और इस तरह अब पेटीएम मात्रा एक ई वॉलेट ही नहीं बल्कि एक "पेमेंट बैंक" का भी रूप ले चुका है. 
नोटबंदी से चमका किस्मत का सितारा 
8 नवम्बर को हुए देश में हुए नोटबंदी के निर्णय से विजय शेखर शर्मा की किस्मत का सितारा चमक उठा. मात्र एक माह के समय में ही पेटीएम का बिज़नेस कई गुना बढ़ गया.
जब अखिलेश से मिलने पहुंचे रिक्शे से 
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के जब विजय शेखर शर्मा रिक्शे से पहुंचे तो अखिलेश यादव द्वारा ट्विटर पर ट्वीट की गई उनकी यह फोटो अख़बारों में खूब सुर्खिया बनी.

पेटीएम क्या है, कैसे करें इस्तेमाल?


पेटीएम! एक ऐसा नाम जो नोटबंदी के बाद से हर किसी की ज़ुबान पर चढ़ा हुआ है, नोटबंदी के बाद इस कंपनी ने कई अख़बारों में बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित कराये। हो भी क्यों न नोटबंदी से अगर किसी को सबसे बड़ा फायदा हुआ है तो वह ई वॉलेट कंपनिया ही हैं.  टीवी, विज्ञापन, अखबार हो या सोशल मीडिया, आपको हर जगह पेटीएमकरो (#Paytmkaro)दिखाई या सुनाई पड़ जाएगा। 
        मोबाइल बिल का रीचार्ज हो या बिल पेमेंट, टैक्सी के पैसे चुकाने हों या फिर या अपने मोहल्ले की दुकान से खरीदारी करनी हो. मेट्रो कार्ड का रीचार्ज करना हो। पेटीएम पर आपकी हर समस्या का समाधान है। मूवी टिकट बुक करना हो, या फ्लाइट, होटल, हर किसी के लिए पेटीएम करें और लंबी लाइन से छुटकारा पाएं। 
पेटीएम क्या है? 
Paytm एक डिजिटल वॉलेट सर्विस है जिसे मोबाइल एप्प एवं वेबसाइट दोनों माध्यमों से उपयोग किया जा सकता है |स्मार्ट फ़ोन यूजर चाहे हो अपने मोबाइल में एप्प को अपने स्मार्ट फ़ोन में डाउनलोड कर सकते हैं. यह एक डिजिटल वॉलेट/ई कॉमर्स शॉपिंग वेबसाइट है, Paytm : One97 Communications द्वारा प्रवर्तित है. जिसके संस्थापक विजय शेखर शर्मा हैं इसे 2010 में स्टार्ट किया गया था. कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है. यह ऑनलाइन शॉपिंग,मनी ट्रांसफर , मोबाइल, DTH रिचार्ज ,विजली बिल, गैस बिल, बीमा भुगतान जैसे कई भुगतान सम्बंधित सर्विसेज प्रदान करती है. (Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें)
Paytm उपयोग करने के लिए क्या करना होगा   
पेटीएम इस्तेमाल करना बेहद आसान है। Paytm का उपयोग करने के लिए सबसे पहले आपको Paytm एकाउंट बनाना होगा। अपने मोबाइल नंबर और ईमेल (वैकल्पिक) का प्रयोग करके एक खाता बनाना होगा, इसके बाद इस खाते में अपने डेबिट/एटीएम कार्ड अथवा नेटबैंकिंग का प्रयोग करके इच्छानुसार रूपये डालने होंगे। । एक बार सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन और लॉगइन करने के बाद पेटीएम की किसी भी सर्विस का फायदा लिया जा सकता है. 
(Paytm Account बनाने की स्टेप by स्टेप जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें)
'नियरबाय' फ़ीचर
       पेटीएम ने नया 'नियरबाय' फ़ीचर भी लॉन्च किया है। इसके जरिए आप अपने आसपास पेटीएम वॉलेट के जरिए पेमेंट लेने वाले दुकानदार को आसानी से खोज पाएंगे। इस फ़ीचर से उन ग्राहकों को मदद मिलेगी जिनके पास नकदी की कमी है। पेटीएम के 'नियरबाय' फ़ीचर में देशभर में मौज़ूद कंपनी के करीब 8 लाख से ज्यादा ऑफलाइन दुकानदार की डायरेक्टरी है। कंपनी ने ईमेल के जरिए एक बयान जारी कर बचाया कि पहले चरण के तहत करीब 2 लाख दुकानदारों को इस फ़ीचर में जोड़ दिया गया है।
पासबुक फ़ीचर 
पेटीएम वॉलेट में आपको पासबुक का फ़ीचर मिलेगा। जिसमें आपके सभी लेन-देन की जानकारी उपलब्ध रहती है। पेटीएम वॉलेट में पासबुक, रिडीम वाउचर, सेंड मनी, रिक्वेस्ट वॉलेट अपग्रेड जैसे कई फ़ीचर उपलब्ध हैं। पेटीएम वॉलेट से आप किसी को भी मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट के जरिए पैसे भेज सकते हैं।
पेटीएम ई-कॉमर्स 
       सर्विस के माध्यम से आप आसानी से ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं. पेटीएम पर आपक हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक, होम अप्लायंस, फुटवियर भी कैशबैक ऑफर के साथ खरीद सकते हैं।

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

सावधान! Paytm और PM मोदी के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी!

क्या आपके पास भी आया है "Get Rs. 1000/- Free Paytm Cash-Claim Now" जैसा मेसेज? यदि हाँ तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरुरी है..
अभी पिछले दो-तीन दिन से मेरे व्हॉट्सएप नंबर पर से मेरे कई दोस्तों ने paytm की और से रूपये मिलने संबधी मेसेज भेजा, कुछ ऐसा ही मेसेज कई व्हॉट्सएप ग्रुपों में भी लोग आजकल भेज रहे हैं, शायद आपको भी ऐसा मेसेज मिला होगा। यदि हाँ, तो सावधान हो जाईये कुछ हैकर्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो और पेटीएम के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड कर रहे हैं। हम आपको बताएंगे कि आप इन ऑनलाइन से ठगों से कैसे बच सकते हैं।
"स्पैम" से बचें 
हाल ही में ई पेमेंट के जरिए पेमेंट करने पर सरकार ने ईनाम देने की घोषणा की है. इसी का फायदा उठाते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले आपको "स्पैम" भेजकर फंसा रहें हैं। इसके लिए वह आपके व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहें हैं. हो सकता हो कि आपके फ्रेंड लिस्ट से किसी दोस्त ने पेटीएम पर ईनाम मिलने संबंधी कोई लिंक भेजा हो तो आपको उसे पूरी तरह अनदेखा करना है और उस मैसेज को डिलीट कर देना होगा। साथ ही आप अपने दोस्त को बताएं कि ये एक तरह का ऑनलाइन फ्रॉड है।
कैसे करते हैं यह ठगी 
ऑनलाइन ठगी करने वाले आपके व्हाट्सएप पर पेटीएम के लोगो के साथ "Get Rs. 1000 Free Paytm Cash- Claim Now!" का संदेश आएगा। जिसमें दावा किया गया है कि आपको पेटीएम की तरफ से 1000 रुपए कैश मिलेगा। जैसा मैंने आपको बताया की मेरे पास भी कम से कम एक दर्जन ग्रुपों और अनेकों मित्रों के माध्यम यह मेसेज बार-बार आ रहा है.
फंसाने के लिए मोदी की फोटो और Paytm का लोगो दिखाते है हैकर्स
ये मैसेज मिलने के बाद जैसे ही आप इसपर क्लिक करेंगे आपको आपके फोन में एक नई विंडो दिखेगी जिसमें पीएम मोदी की फोटो लगी होगी और आपसे आपका नंबर मांगा जाएगा। हम आपको बता दें कि इस फ्रॉड में पेटीएम का लोगो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो सिर्फ और सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए लगाई गई हैं।
ऐसे काम करता है स्पैम 
अगर किसी ने अपना नंबर दे दिया तो आपको एक और नई विंडो दिखेगी जिसमें आपको अपने दोस्तों के साथ इस ऑफर को शेयर करना होगा। दरअसल ऑनलाइन ठग इस स्पैम को आपके ही जरिए आपके दोस्तों के फोन तक पहुंचा देते हैं। साथ ही आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट की जानकारी भी निकाल सकते हैं। इसलिए ऐसे स्पैम को किसी के साथ शेयर करने से बचें और उसे तुरंत डिलीट कर दें।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए क्या करें? 
    ई-मेल, Whatsapp या फिर Facebook मैसेंजर में किसी पर भी ईनाम लॉटरी या कैश प्राइस संबंधित संदशों पर ध्यान ना दें। ऐसे संदेश आपकी निजी जानकारी चुरा लेते हैं और बाद में आपकी जानकारी के जरिए गलत कामों को अंजाम देते हैं। स्पैम जैसे मैसेज को तुरंत डिलीट करें। जिन लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है उन्हें इसके बारे में बताएं।

जानिए कब खत्म होगी एटीएम से पैसे निकालने की लिमिट

आज नोटबंदी का 45वां दिन है. सरकार के मुताबिक दिक्कत खत्म होने में अब सिर्फ आठ दिन बचे  है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि एटीएम की लाइन कब खत्म होगी?
अभी एटीएम से रोज 2500 रुपये निकाल सकते हैं. अगर एटीएम से पैसे निकालने की लिमिट खत्म हो जाती है तो जाहिर है लोग अपनी जरूरत के मुताबिक पैसे निकालेंगे और बैंक-एटीएम की भीड़ खत्म होगी. लेकिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई का अनुमान है कि एटीएम की लिमिट खत्म होने में जनवरी का महीना भी बीत सकता है.
एटीएम के बाहर लोगों की ऐसी लाइन दिखना अब आम बात हो गई है. अब इस भीड़ को छंटने का अनुमान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने लगाया है. एसबीआई ने नोट छापने वाला और बैंकों को पैसे देने वाले आरबीआई के पिछले 6 साल का डाटा खंगाल कर ये जानने की कोशिश की है कि आखिर लोगों को हर महीने कितने कैश की जरूरत होती है?
आंकड़े बताते हैं कि एक एटीएम से हर आदमी औसतन महीने में 3143 रुपये निकालता है.
रोज का हिसाब देखें तो होते हैं 103 रुपये
देश में अभी 77 करोड़ एटीएम कार्ड हैं..
यानी रोज देश के एटीएम में करीब 8000 करोड़ की जरूरत है
इतनी रकम रहेगी तभी एटीएम के बाहर लाइन नहीं लगेगी..
देश में कुल 2 लाख 16 हजार 216 एटीएम हैं..
यानी हर एटीएम को रोज 3 लाख 70 हजार रुपये की जरूरत है
एसबीआई का अनुमान है जनवरी तक ढाई हजार की लिमिट सरकार नहीं हटाने वाली है.

जानिए Phonepe एप के बारे में, पाइए 50 रुपए कैश

प्रिय मित्रो, कैश की कमी से परेशान लोग आजकल विभिन्न मोबाइल ऍप्स का प्रयोग कर रहे हैं, निजी कंपनियों के मोबाइल वॉलेट के कई फायदे है तो कुछ नुकसान भी है. जैसे आपको इन वालेट का प्रयोग करने के लिए अपने खाते से रूपये इनमे डालने होते हैं, यानी जितने रूपये आपने वालेट में डाले उतने रूपये पर आपको बैंक का ब्याज मिलना बंद हो गया. साथ ही इन वालेट से लेन-देन करने की अपनी एक सीमा भी होती है. 
वैसे तो आज कई सारे ऍप्स बाजार में हैं और लोग अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार इन्हें प्रयोग करते है. लेकिन आज मैं आपको जिस एप के बारे में बताने जा रहा हूँ उसमे ढेर सारी खूबियां है. साथ ही इस एप्प के माध्यम से आप प्रतिदिन एक लाख का लेन-देन आसानी से कर सकते हैं. इस एप्प का नाम है "फोन पे".
क्या है फोनपे?
        फोनपे एक Unified Payments Interface(UPI) based app है (UPI के बारे में मैं पहले ही आपको इस लेख में बता चूका हूँ). इसे PhonePe – a Flipkart group company – ने  National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा डेवलप किये गए प्लेटफार्म पर बनाया है और ये YES Bank द्वारा powered है.
     अगर व्यक्तिगत रूप से अपना अनुभव कहूँ तो मुझे यह एप बहुत ही सरल, सुविधाजनक और स्पीड में तेज लगी. मैं इस एप को डाउनलोड करने से लेकर प्रयोग करने तक पूरी जानकारी आपको दूँ इससे पहले आइये जानते है इस आप की कुछ खास बातों को :-

  • इस एप के वॉलेट में जैसे ही आप अपने खाते अथवा एटीएम का प्रयोग करके रूपये डालेंगे (भले ही आप 10 रुपए ही डालें) आपको तुरंत आपके वॉलेट में 5० रूपये प्राप्त होंगे

  • यह एप मोबाइल नंबर के माध्यम से आपके खाते को लिंक करता है, यानि ट्रांजैक्शन के लिए आपको सिर्फ मोबाइल नंबर की जरुरत है.
  • ज्यादा ट्रांजैक्शन लिमिट यानि लेन-देन की सीमा अधिक (१ दिन में 1 लाख की लिमिट और पूरे महीने में 30 लाख की लिमिट)
  • इस के जरिये आप कभी भी अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक कर सकते हैं.
  • इसकी फी जीरो है, बहुत से ऐप में १-२% चार्ज कटता है.
  • वॉलेट से बैंक अकाउंट में पैसा डालना या बैंक अकाउंट से वालेट में पैदा डालने बेहद आसान।
  • किसी तरह के टॉप-अप की ज़रुरत नहीं ( अपने वालेट में अलग से पैसा डालने की ज़रुरत नहीं)
  • आजीवन ZERO FEE ( सभी ट्रांजेक्शंस, including bank के लिए)
  • केवल पैसा पाने वाले के मोबाइल नंबर की ज़रुरत ( बैंक अकाउंट ट्रान्सफर के लिए, न IFSC code चाहिए और ना बैंक खाता नंबर)
सुरक्षित
  • फ़ोन नंबर, मोबाइल सेट, और MPIN- हर एक transaction के लिए इन तीनों का मैच होना ज़रूरी है.
  • अगर कोई आपके सिम के माध्यम से किसी और फ़ोन पर एप से लेन-देन करना चाहे तो वह संभव नहीं होगा।
  • ATM Pin की तरह ही केवल आपके सीक्रेट MPIN द्वारा ही ट्रांजैक्शन संभव
आईये अब इस एप को स्टेप by स्टेप प्रयोग करना सीखें।
इस App को आप सीधे गूगल प्ले स्टोर से भी डाउनलोड कर सकते है साथ ही यदि चाहें तो 8088680000 नंबर पर मिस्ड कॉल करके भी आप इसका डाउनलोड लिंक प्राप्त कर सकते है.
1. डाउनलोड करने के बाद जैसे ही आप इसे ओपन करेंगे आपको भाषा सेलेक्ट करने का विकल्प आएगा। यहाँ पर आप अपनी मनचाही भाषा चुन सकते हैं. 



2. इसके बाद "Welcome to PhonePe" स्क्रीन आएगी।



3. नेक्स्ट पर क्लिक करने पर आपको "How to Get Started  " स्क्रीन आएगी।

4. यहाँ से भी नेक्स्ट करने पर आपके सामने "Person-to-person Money Transfer Options" स्क्रीन आएगी। 


5. पुनः नेक्स्ट क्लिक करने पर इस का वॉलेट कैसे कार्य करता है "How Our Wallet Works" स्क्रीन आएगी।

6. यहाँ "Let's Start" पर क्लिक करने पर वेरिफाई योर मोबाइल नंबर लिख कर आएगा। यहाँ क्लिक करने पर यह एप हमारे मोबाइल से एक एसएम्एस भेजकर नंबर वेरिफाई करता है. कुछ ही सेकेंड्स में मोबाइल वेरिफाई हो जाता है और इसकी पुश्टि के लिए एक एसएम्एस आ जाता है. 

7. उसके बाद "Create Your PhonePe Account for (Your number) Screen"  आ जाती है, यहाँ पर अपना चार अंको का पासवर्ड बना लेते हैं और एक्टिवेट अकाउंट पर क्लिक कर देते हैं. 



8. इसके बाद "Create New VPA" स्क्रीन आ जाती है. यहाँ पर हम अपना "Virtual Private Address (VPA)" सेट करते हैं. यहाँ एक ऐसा पता है जिसके माध्यम से आप बिना किसी को अपना अकाउंट डिटेल बताये भुगतान प्राप्त कर सकते हैं.

9. इसके बाद हमें अपना वह बैंक चुनना होता है जिसके कहते पर हमारा मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है. बैंक सेलेक्ट करने के कुछ ही सेकेंड में आपके सामने आपके बैंक खाते की डिटेल आपकी स्क्रीन पर होगी।

तो लीजिये आप तैयार है डिजिटल बैंकिंग का एक अनोखा आनंद लेने के लिए.
       अगर आपको किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो तो आप मुझे ईमेल (up.farrukhabad@gmail.com) कर सकते है, अथवा +91-9125939294 पर फ़ोन कर सकते हैं.
इस एप के बारे और अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.....