बुधवार, 21 दिसंबर 2016

क्या है कार्ड्स अथवा प्लास्टिक मनी?

प्लास्टिक मनी से मतलब प्लास्टिक से बने उन कार्ड से हैं जिनका इस्‍तेमाल भुगतान आदि के लिए किया जा सकता है. शुरू-शुरू में यह शब्‍द क्रेडिट कार्ड के लिए इस्‍तेमाल किया जा था हालांकि बाद में एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड, कैश कार्ड व स्‍टोर कार्ड सहित कैशलेस लेन-देन के लिए प्रयोग किये जाने वाले विभिन्न प्लास्टिक कार्ड्स के लिए भी प्लास्टिक मनी शब्द का इस्तेमाल किया जाने लगा.
ये आमतौर पर बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं तथा इन्हें जारी करने, कार्डधारक द्वारा उपयोग व भुगतान के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। मुख्य रूप से कार्ड तीन प्रकार के होते हैं: डेबिट कार्ड, क्रेडित कार्ड तथा प्रीपेड कार्ड।
विभिन्न कार्ड्स और उनके बीच अंतर
 डेबिट कार्ड्स:
      सबसे ज्यादा इसी कार्ड का प्रयोग लोंगों द्वारा किया जाता है. डेबिट कार्ड को कई लोग ATM कार्ड भी कहते है. इसे खाताधारी बैंक द्वारा जारी किया जाता है जो बैंक अकाउंट से लिंक किया हुआ होता है। डेबिट कार्ड खाताधारकों (करंट/सेविंग/ओवरड्राफ्ट) को जारी किए जाते हैं तथा किये गये कोई भी खर्च उपयोगकर्ता के खाते से तुरंत काट लिये जाते हैं। उपयोगकर्ता इस कार्ड का उपयोग अपने बैंक अकाउंट में मौज़ूद सीमा तक नगद निकालने के लिए कर सकता है। इसका उपयोग एक व्यक्ति से दूसरे को घरेलू फंड ट्रांस्फर के लिए भी किया जा सकता है।  डेबिट कार्ड एक ऐसा कार्ड है जिसकी मदद से आप अपने बैंक खाते तक ऑनलाइन पहुँच सकते हैं. डेबिट-कम-एटीएम कार्ड से आप व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खरीददारी कर सकते हैं और भारत व भारत के बाहर एटीएम से नकदी भी आहरित कर सकते हैं. आप अपने डेबिट कार्ड का उपयोग ऑनलाइन शॉपिंग, एयर/रेल/मूवी टिकट की बुकिंग तथा जनोपयोगी सेवाओं के बिल भुगतान के लिए कर सकते हैं.
क्रेडिट कार्ड्स: 
      डेबिट कार्ड में अभी ख़रीदो, अभी भुगतान करो का विकल्प होता है, जबकि क्रेडिट कार्ड में अभी खरीदो, बाद में भुगतान करो का विकल्प रहता है. इन्हें बैंक्स/रिजर्व बैंक अधिकृत अन्य कम्पनियों द्वारा जारी किया जाता है। इन्हें घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय (यदि अंतर्राष्ट्रीय उपयोग के लिए सक्षम बनाया गया हो) तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। डेबिट कार्ड से अलग, क्रेडिट कार्ड्स के मामले में कोई ग्राहक अपने बैंक खाते में मौज़ूद धनराशि की मात्रा से अधिक धन भी निकाल सकता है। लेकिन हर क्रेडिट कार्ड के लिए निर्धारित सीमा तक अतिरिक्त धन निकाला जा सकता है।
       साथ ही निकाले गए अतिरिक्त धन के पुनर्भुगतान को निर्धारित समय सीमा तक पूरा करना चाहिये जिसमें देरी होने पर, कार्डधारक को इस धनराशि का भुगतान निर्धारित ब्याज समेत करना पड़ता है।
प्रीपेड कार्ड्स:
    ये ग्राहक बैंक अकाउंट से प्री-लोडेड होते हैं और जो सीमित लेनदेन के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। इन्हें मोबाइल रीचार्ज की तरह रीचार्ज किया जा सकता है। उपयोग करने के लिए सुरक्षित। इन्हें गिफ्ट कार्ड भी कहते है. 
   विभिन्न कार्ड्स के लिए अभी तक भारत में सबसे ज्यादा मास्टरकार्ड और वीजा नेटवर्क का इस्तेमाल होता रहा है. यह दोनों USA बेस्ड कम्पनियाँ है, जिनकी उपस्थित लगभग पुरे विश्व में हैं. वर्तमान में भारत सरकार का भी अपना कार्ड पेमेंट सिस्टम है जिसे Rupey नाम से जाना जाता है.

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