गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

आपके डेबिट कार्ड/एटीएम के नंबर में छुपे हैं कई राज, जानिए

        एटीएम से पैसे निकालने ऑनलाइन शॉपिंग आदि के लिए आज के समय में लगभग सभी लोग एटीएम का प्रयोग कर रहे हैं. नोटबंदी के बाद कैश लेस लेन-देन में भी इन कार्डों का बहुतायत में प्रयोग किया जा रहा है. 
       हर डेबिट व क्रेडिट कार्ड के दोनों तरफ कई नंबर लिखे होते हैं और इन्हें डिकोड करना बहुत आसान होता है। ये नंबर न केवल आपके बैंक अकाउंट के बारे में बताते हैं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी जरूरी होते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग और शॉपिंग के समय होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए भी ये बहुत मददगार होते हैं। लेकिन, थोड़ी सी भी लापरवाही की वजह से इन कार्ड की डिटेल्स किसी दूसरे के पास पहुंचती है तो धोखाधड़ी का शिकार होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।
      लेकिन डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/एटीएम आदि के बारे में पूरी जानकारी कम ही लोगों को है. विभिन्न कार्ड्स और उनके बीच अंतर के बारे में इंडियाईपे पर आपको पहले ही बताया जा चूका है (क्या है कार्ड्स अथवा प्लास्टिक मनी). आज हम आपको बताने वाले हैं विभिन्न कार्ड्स के नंबरों में छुपे हुए राज.
जी हाँ, आज हम आपको बताएँगे कि इन कार्डों के नंबरों का क्या मतलब होता है? कैसे इनके नंबरों की कोडिंग की जाती है और इनमे क्या-क्या जानकारी छुपी होती है.    
डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का पहला नंबर
कार्ड नंबर का पहला अंक उस इंडस्ट्री को दर्शाता है जिसने कार्ड जारी किया है. जैसे बैंक, एयरलाइन्स, पेट्रोलियम कंपनी आदि. इसे मेजर इंडस्ट्री आडेंटिटीफायर (MII) कहते हैं. यह प्रत्येक इंडस्ट्री के लिए अलग-अलग होता है.
MI Digit               जारीकर्ता 
0                           ISO और अन्य इंडस्ट्री...
1                           एयरलाइन्स
2                          एयरलाइन्स और अन्य इंडस्ट्री
3                          ट्रैवेल और इंटरटेनमेंट (अमेरिकन एक्सप्रेस या फूड क्लब)... 
4                          बैंकिंग और फाइनेंस (वीजा)
5                          बैंकिंग और फाइनेंस (मास्टर कार्ड)
6                          बैंकिंग और मर्चेंडाइजिंग
7                          पेट्रोलियम
8                          टेलिकम्युनिकेशन्स और अन्य इंडस्ट्री
9                          नेशनल असाइनमेंट...
डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के पहले 6 नंबर 
डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के पहले 6 नंबर कार्ड जारी करने वाली कंपनी को दर्शाता है। इसे Issuer Identification Number (IIN) कहते हैं। जैसे... 
IIN                                      कंपनी का नाम      
34XXXX, 37XXXX          अमेरिकन एक्सप्रेस
4XXXXX                           वीजा
51XXXX-55XXXX           मास्टर कार्ड
606571                               रुपे कार्ड (भारत)
7वें नंबर से लेकर अंतिम का एक नंबर छोड़ने तक
7वें नंबर से लेकर N-1 (कार्ड के आखिरी नंबर को छोड़कर) तक का नंबर आपके बैंक अकाउंट नंबर से लिंक यानी जुड़ा रहता रहता है। यह हू-ब-हू आपका बैंक अकाउंट नंबर नहीं होता, लेकिन उससे लिंक होता है।
आखिरी नंबर
डेबिट या क्रेडिट कार्ड का आखिरी नंबर चेक डिजिट के नाम से जाता है। इसके माध्यम से यह जाना जाता है कि कार्ड वैलिड है या नहीं? 

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