बुधवार, 14 दिसंबर 2016

क्या है यू.पी.आई.(UPI) ?

आजकल आप लोग टेलीविजन, समाचार पत्रों, पत्रिकाओं आदि के माध्यम से नकदी रहित लेन-देन का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से सुन रहे हैं, इसमें डिजिटल लेन-देन के विभिन्न तरीकों में से एक यू.पी.आई. (UPI) का भी बताया जा रहा है। जनता को यू.पी.आई. एप्प डाउनलोड करने की सलाह दी जा रही है, यहां हम यही चर्चा करने जा रहे हैं कि आखिर यह यू.पी.आई. (UPI App) क्या है?
       यूपीआई यानी (यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस) इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पैसों का लेने-देन करने का एक माध्यम है। जैसे कि अभी तक हम आप RTGS, NEFT, IMPS आदि का इस्तेमाल लेन-देन के लिये करते रहे हैं, उसी तरह UPI भी एक सिस्टम है धनराशि को डिजिटल तरीके से हस्तांतरित करने का।
         अभी तक प्रचलित उपरोक्त तरीकों की अपेक्षा UPI ज्यादा एडवांस्ड और आसान तरीका है। इस भुगतान प्रणाली को इस तरह से बनाया कि आम लोग अथवा कम पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से इसका प्रयोग कर सकें।
        तो अब तो आप समझ ही गये होंगे कि यूपीआई सरकार/रिजर्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त एक पेमेन्ट सिस्टम है जिसके माध्यम से किन्हीं भी दो बैंक खातों के बीच लेन-देन किया जा सकता है। इसमें आपको बार-बार अपना डेबिट कार्ड नंबर अथवा नेटबैंकिंग पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं पड़ती।
       यहां पर यह ध्यान देने की बात है कि UPI किसी एप का नाम नहीं है, बल्कि यह एक पेमेंट सिस्टम है और इस सिस्टम पर आधारित लगभग सभी बैंकों अपने-अपने मोबाइल एप हैं। जिनके जरिये स्मार्ट फोन के माध्यम से पैसों का लेन-देन आसानी से संभव हो सकता है।
क्या यूपीआई को किसी भी फोन में प्रयोग किया जा सकता है?
         नहीं। यूपीआई एप सिर्फ स्मार्ट फोन में कार्य करता है। इस प्रणाली को इस्तेमाल करने के लिये आपके पास इंटरनेट की सुविधा से युक्त एक स्मार्टफोन होना आवश्यक है। स्मार्टफोन के प्रयोगकर्ता गूगल प्ले अथवा अपने बैंक की बेबसाइट के माध्यम से इस प्रकार के किसी भी एप को अपने फोन में डाउनलोड कर सकते हैं।
कैसे कार्य करता है यूपीआई सिस्टम?
यूपीआई भुगतान प्रणाली मोबाइल नम्बर पर आधारित एक प्रणाली है, आपके माबाइल नम्बर के जरिये यह आपके खाते की जानकारी प्राप्त करता है। आपके मोबाइल नम्बर के जरिये यह सुनिश्चित करता है कि
आप अपने खाते से ही जुड़ें। अब तो आप समझ ही गये होंगे कि खाते में मोबाइल नम्बर दर्ज कराना कितना आवश्यक है। इसीलिये सभी बैंक ग्राहकों से उनके खाते में मोबाइल नम्बर दर्ज कराने का अनुरोध करते हैं।
वैसे तो आजकल सभी लोगों ने एसएमएस एलर्ट के खातिर ही सही अपने खाते में मोबाइल नम्बर एड कराया हुआ है पर अगर आपने अभी तक अपने खाते में मोबाइल नम्बर एड नहीं कराया तो आपको यह कार्य तुरन्त करना होगा, तभी आप इस भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल कर पायेंगे।
किसी भी बैंक में पैसे भेजे अथवा प्राप्त करें।यूपीआई भुगतान सिस्टम के जरिये आप किसी भी बैंक के खाते से पैसों का लेन-देन कर सकते हैं। यानी अगर आप एसबीआई के ग्राहक है और आप इंडियन बैंक का एप इंडीपे इस्तेमाल कर सकते हैं अथवा इंडियन बैंक के ग्राहक एसबीआई का बड्डी अथवा एचडीएफसी का पेजप इस्तेमाल कर सकते हैं।
कितने यूपीआई एप (UPI Apps)?
सरकारी एवं निजी क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों ने अलग-अलग नाम से अपने यूपीआई एप लांच किये हैं कुुछ नाॅन बैंकिंग कंपनियों के भी यूपीआई एप हैं। जैसे कि आपको बताया कि यूपीआई एक पेमेन्ट सिस्टम है और किसी भी एप का हिस्सा बनाया जा सकता है। यूपीआई सिस्टम को बनाने वाली एजेंसी नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन यूपीआई प्लेटफार्म प्रयोग करने का लाइसेंस देती है। वैसे तो बैंकों को ही इस प्लेटफार्म का प्रयोग करने की इजाजत मिलती है पर यदि बैंक चाहे तो अपने नाम पर कुछ और कंपनियों को इसका इस्तेमाल करने दे सकते हैं।
सरल नियमों की वजह से बहुत सारे यूपीआई एप बाजार में आ गये हैं आपको इनमें से जो भी ज्यादा अच्छा और प्रयोग में आसान लगे आप उसे प्रयोग कर सकते हैं अपने बैंक का ही यूपीआई एप इस्तेमाल करने की कोई बाध्यता नहीं है।
कुछ खास बाते यूपीआई पेमेन्ट सिस्टम की।
खाता नम्बर जानने की जरूरत नहीं
यूपीआई भुगतान प्रणाली की सबसे खास बात यह कि इसके लिये खाता नम्बर शेयर करने की कोई जरूरत नहीं। यानी अगर आपको किसी से भुगतान प्राप्त करना है और आप उसको अपने खाते की जानकारी नहीं देना चाहते तो यूपीआई का इस्तेमाल कीजिये। यूपीआई एप बैंक खाते के अतिरिक्त वीपीए यानी वर्चुअल पेमेंट एड्र्ेस का इस्तेमाल करता है और इसी के जरिये बगैर खाता नम्बर के लेन-देन सम्भव हो पाता है।
खाते में से वाॅलेट के लिये पैसा निकालने की आवश्यकता नहीं।
           आप लोगों ने पेटीएम, फ्रीचार्ज, मोबीक्विक जैसे वाॅलेट का नाम तो सुना ही होगा, साथ ही संभवतः आपको यह भी पता होगा कि इनका प्रयोग करने के लिये आपको इनमें अपने खाते से पैसा डालना पड़ता है। लेकिन यूपीआई सिस्टम में आपको अपने खाते से पैसा निकालकर मोबाइल वाॅलेट में ट्रांसफर करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
          यानी जब आपको किसी को कोई भुगतान करना होगा तभी आपके खाते से पैसा निकलेगा और सिर्फ उतना ही ही जितना पेमेंट आपको करना है, इस प्रकार आपके खाते में बैंक द्वारा दिये गये ब्याज का नुकसान नहीं होगा।
दूसरों से मंगा भी सकते हैं पैसा।
इस सिस्टम के जरिये आप दूसरों से पैसा मंगा भी सकते हैं। अगर आपको किसी से पैसा चाहिये तो इसके लिये आप यूपीआई एप के माध्यम से ‘‘कलेक्ट मनी’’ विकल्प के जरिये तय धनराशि के लिये ‘‘रिक्वेस्ट’’ भेज सकते हैं। संबंधित व्यक्ति को आपके द्वारा भेजा गया नोटिफिकेशन उसके एप पर दिखाई देगा। अगर वह आपकी रिक्वेस्ट को अप्रूव्ड यानी अनुमोदित कर देता है तो आपको भुगतान प्राप्त हो जायेगा। प्राप्तकर्ता को नोटिफिकेशन के साथ अप्रूव्ड अथवा रिजेक्ट दोनों विकल्प दिखाई देते हैं।
        इसी तरह व्यापारी अपने ग्राहग से पैसा मांग सकते हैं, ग्राहक को सिर्फ रिक्वेश्ट को अप्रूव्ड करने की आवश्यकता होगी।
कितना सुरक्षित है यह सिस्टम?
अभी भी हमारे देश के अधिकांश पढ़े-लिखे लोगों द्वारा भी नगदी रहित लेन-देन न करने का कारण सुरक्षा की चिंता ही है। लोगों को डर रहता है कि कहीं हम किसी आॅनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न हो जायें। क्यों कि अक्सर इस तरह की घटनायें हमारे सामने आती रहतीं हैं।
सुरक्षा के लिये यूपीआई में मजबूत इंतजाम किये गये हैं।

  • यूपीआई एप् आपके खाते से तभी जुड़ पायेगा जब स्मार्टफोन में वही नम्बर होगा जो आपके खाते में रजिस्टर्ड है। यानी आपके फोन से ही लेन-देन संभव हो सकेगा।
  • यूपीआई एप में आपको एक पासवर्ड भी डालना होता है, अतः इस एप को इसके पासवर्ड द्वारा ही खोला जा सकता है।
  • आप जब किसी को पैसे भेजेंगे तो एम पिन डालना होगा। यह चार अंको का एक पिन होता है जो सिर्फ मोबाइल बैकिंग में इस्तेमाल होता है। इस पिन को यूपीआई एप से ही जनरेट किया जा सकता है।

इसके प्रयोग करने पर कोई चार्ज लगेगा।
फिलहाल तो यह पूरी तरह फ्री है और यदि आगे कोई चार्ज लगेगा भी तो वह नाममात्र का यानी अधिकतम 50 पैसे प्रति लेन-देन के आस-पास होने की संभावना है।
    UPI के बारे में इतना जानने के बाद आपके मन में निम्न सवाल जरूर आ रहे होंगे

  • कितने यूपीआई एप हैं?
  • यूपीआई एप को प्रयोग कैसे करते हैं।
  • क्या सभी बैंकों के यूपीआई को प्रयोग करने की तरीके अलग-अलग हैं?
  • क्या बैंकों के अलावा भी कुछ यूपीआई एप हैं? यदि हां तो उन्हें कैसे प्रयोग करेंगे।

        जल्द ही आपको अगली पोस्टों में इन सभी सवालों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी। साथ ही सभी यूपीआई एप्स को प्रयोग करने के तरीकों के बारे में भी अलग-अलग स्टेप बाई स्टेप बताया जायेगा।
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