मंगलवार, 31 जनवरी 2017

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लॉन्च, आम बैंकों से ज्यादा सुविधाएँ और ब्याज

      लगभग हाशिये पर चले गए डाक विभाग को एक नयी जान मिली है, अब पोस्टमैन केवल डाक ही नहीं लाएंगे, बल्कि बैंक भी आपके दरवाजे तक लाएंगे. सरकार ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की औपचारिक शुरुआत कर दी है. सितम्बर तक देश के सभी 650 जिलों में इसकी शाखाएं खोलने का लक्ष्य है.
     डाकघर अब बैंकिंग के कारोबार में निजी क्षेत्रों के साथ दो-दो हाथ आजमाएंगे, ये मुमकिन होगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की बदौलत. करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश के साथ शुरु इस प्रोजेक्ट की पहली दो शाखा की शुरुआत रायपुर और रांची में की गयी और उसी के साथ छह और शाखाओं ने भी काम करना शुरु कर दिया. 
       पेमेंट बैंक तकनीक आधारित बैंकिंग व्यवस्था है जिसमें सामान्य खाते में ज्यादा से ज्यादा एक लाख रुपये जमा कराया जा सकता है. लेकिन ये बैंक कर्ज नहीं दे सकते.
संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि ये दरवाजे तक बैंक लाने की बात को पूरी करेगा. तीन लाख से भी ज्यादा डाकिए हैंड हेल्ड मशीन के जरिए बैंकिंग सुविधा मुहैया कराएंगे.
     प्लान के मुताबिक सितंबर 2017 तक 650 जिलों में स्थित प्रधान डाकघर इस बैंक की शाखाएं बन जाएंगे। नई परियोजना के तहत 25 हजार रुपए तक की जमा पर 4.5 प्रतिशत, 25 हजार से 50 हजार तक की जमा पर पांच प्रतिशत और 50 हजार से एक लाख रुपए तक की जमा पर 5.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खासकर के गांवों और दूर-दराज के इलाकों में पेमेंट्स सर्विसेज उपलब्ध कराएगा।
      बचत खाते के साथ एक डेबिट कार्ड मिलेगा जिसके जरिए एटीएम से पैसा निकालने के साथ-साथ खरीदारी और दूसरे लेन-देन किए जा सकेंगे.·डाक घरों के एक हजार के करीब एटीएम भी जल्द ही आ जाएंगे

सोमवार, 30 जनवरी 2017

प्लास्टिक आधार कार्ड जैसी कोई अवधारणा नहीं, कागज पर छपा आधार है पूरी तरह वैध

      आधार की अनिवार्यता के चलते कई एजेंसियों और लोंगो ने आधार को प्लास्टिक कार्ड के रूप में प्रिंट करने का एक व्यापार स्टार्ट कर दिया है. 
        ऐसे में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 50 से 200 रुपए लेकर प्लास्टिक आधार कार्ड देने वाली इकाइयों को आगाह किया है। प्राधिकरण ने जोर देकर कहा कि कागज पर छपा आधार पूरी तरह वैध है और स्मार्ट या प्लास्टिक कार्ड जैसी कोई धारणा नहीं है। 
     यूआईडीएआई ने लोगों को इस झांसे में नहीं पडऩे को लेकर आगाह करते हुए कहा कि आधार का कटा हुआ हिस्सा या साधारण कागज पर डाउनलोड किया गया आधार हर प्रकार के उपयोग के लिए पूरी तरह वैध है।
        यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय भूषण पांडे ने एक बयान में कहा कि साधारण कागज पर आधार कार्ड या डाउनलोड किया हुआ आधार हर प्रकार के उपयोग के लिए पूरी तरह वैध है। अगर किसी व्यक्ति के पास कागज आधार कार्ड है तो उसे अपने आधार कार्ड को लैमिनेटेड या पैसा देकर प्लास्टिक आधार कार्ड या तथाकथित स्मार्ट आधार कार्ड लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
    स्मार्ट कार्ड या प्लास्टिक आधार कार्ड की इसमें कोई धारणा नहीं है। उन्होंने आधार कार्ड रखने वालों से अपनी निजता का संरक्षण करने को कहा साथ ही यूआईडीएआई ने इसको लेकर अनाधिकृत एजेंसियों को भी आगाह किया है। 
       उन्होंने इन अनाधिकृत एजेंसियों से कहा है कि वह आम जनता से आधार की सूचनायें नहीं जुटाएं। इस तरह की सूचना जुटाना, आधार कार्ड का बिना अनुमति प्रकाशन करना और इस तरह के लोगों को किसी भी तरह मदद पहुंचाना भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध है। यह आधार कानून 2016 के अध्याय छह के तहत भी अपराध है। 

ई वॉलेट करते हैं प्रयोग? तो यह खबर आपके बहुत काम की है

      नोटबंदी के बाद उपजी कैश की किल्लत के कारण लाखों लोंगो ने वैकल्पिक उपाय तलाशे जिनमे ई वॉलेट का प्रयोग सबसे प्रमुख रहा. नोटबंदी के कारण कभी लगभग गुमनाम सी कंपनी पेटीएम रातों रात चमक उठी और उसका बिज़नेस कई गुना तेजी से बढ़ने लगा. लेकिन आज भी लोंगो में ई पेमेंट को लेकर भय व्याप्त है, क्योंकि उन्हें लगता है की इसमें धोखाधड़ी करके हैकर्स उनकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर सकते हैं. 
       
 पर अब सरकार लोंगो को इस भय से सुरक्षा देने जा रही है. सरकार मोबाइल वॉलेट से लेन-देन करने वालों के लिए उनके ई वालेट में जमा धनराशि पर बीमा का प्रावधान बनाने पर विचार कर रही है। ताकि किसी धोखाधड़ी की स्थिति में ग्राहक को उसके नुकसान की भरपाई की जा सके.
         सरकार ने वॉलेट और बीमा कंपनियों से बात शुरु कर दी है। सरकार साथ ही इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के लिये पंजीकृत जांचकर्ताओं के रूप में अपराध विज्ञान शोधशालाओं को अधिसूचित करने की तैयारी कर रही है। अभी सूचना एवं प्रधौगिकी मंत्रालय साइबर अपराध संबंधित साक्ष्यों के लिये एकमात्र पंजीकृत जांचकर्ता है। 
          मंत्रालय का प्रत्येक जिले में इस प्रकार की एक रिसर्च लैब अधिसूचित करने का इरादा है, 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में इसके बारे में सरकार कुछ ऐलान कर सकती है। गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद भारी तादात में लोगों ने मोबाइल और ऑनलाइन वॉलेट के जरिए लेन-देन शुरू कर दिया है।
       सरकार भी चाहती है कि देश कैशलेस ट्रांजेक्‍शन पर जोर दे। इसको प्रोत्साहित करने के लिए सरकार तरह-तरह के उपाय कर रही है। लेकिन मोबाइल वॉलेट में मौजूद पैसे की सुरक्षा के ऊपर प्रश्नचिन्ह की बजह से लोग इसका प्रयोग करने में कतराते हैं, संभव है की इस उपाय के बाद लोंगो में ई वॉलेट को लेकर असुरक्षा की भावना कुछ कम हो. 

रविवार, 29 जनवरी 2017

स्टूडेंट्स के लिए मोदी सर के टिप्स!

       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में छात्रों को परीक्षा में सफलता के लिए टिप्स दिए. देशवासियों और विशेषकर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब आप खुश होते हैं तो रिलेक्स महसूस करते हैं जिससे वर्षो पुरानी बातें भी सहज रूप से याद आ जाती हैं।          
   प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रफुल्लित मस्तिष्क ही अच्छे अंक लाने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा के मनोवैज्ञानिक दबाव से बाहर निकलना चाहिए।
दिए उदाहरण :
       सफल लोंगो का उद्धरण देते हुए उन्होंने कहा की देश के पूर्व राष्ट्रपति और महँ वैज्ञानिक कलाम वायुसेना में भर्ती होने गए, फेल हो गए। अगर वे विफलता के कारण मायूस हो जाते तो क्या भारत को इतना बड़े वैज्ञानिक व राष्ट्रपति मिलते। 
        इसी तरह क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रतिस्पद्र्धा छोड़कर अनुस्पर्धा अपनाने का आह्वान भी किया। पीएम ने कहा कि हमें दूसरों से नहीं बल्कि स्वयं से स्पर्धा करनी चाहिए। 
  मोदी ने कहा कि प्रतिस्पद्र्धा पराजय, हताशा, निराशा और ईष्र्या को जन्म देती है जबकि अनुस्पद्र्धा आत्ममंथन, आत्मचिंतन का कारण बनती है और संकल्प शक्ति को मजबूत करती है। 
नक़ल से मिलती है विफलता
      प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को परीक्षा में सफल होने के लिए नकल न करने की हिदायत भी दी। पीएम ने कहा कि नकल जीवन को विफल बनाने के रास्ते की ओर ले जाती है। एक बार नकल की आदत लग जाती है तो जीवन में कभी कुछ सीखने की इच्छा नहीं रहेगी। ऐसे में विद्यार्थी कहां पहुंच पाएंगे। 
खेले कूदें और खुश रहें 
      प्रधानमंत्री ने परीक्षा के दिनों में बच्चों को खेलने, कूदने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए पर्याप्त आराम, नींद और शारीरिक गतिविधियां होनी चाहिए। परीक्षा को लेकर तनाव न पालें.
विद्यार्थियों के लिए मोदी सर के कुछ और खास टिप्स: 
  • आपने खेल जगत में देखा होगा. क्योंकि उसमें तुरंत समझ आता है, इसलिए मैं खेल जगत का उदहारण देता हूं. जीवन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा काम आती है. जब मैं इसकी बात कहता हू, तो उसका मतलब है, स्वयं से स्पर्द्धा करना.
  • किताबों के बाहर भी एक ज़िन्दगी होती है. वो बहुत विशाल होती है. उसको जीने का सीखने का यही समय होता है. ‘प्रतिस्पर्द्धा’ एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक लड़ाई है. सचमुच में, जीवन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्द्धा काम नहीं आती है.
  • किसी वकील के पास जाते हैं, तो क्या उस वकील की मार्कशीट देखते हैं? आप उसके अनुभव को, उसके ज्ञान को, उसकी सफलता की यात्रा को देखते हैं. आप में से कोई ऐसा नहीं होगा, जिसने अपने फैमिली डॉक्टर को कभी, वे कितने नंबर से पास हुए थे, पूछा होगा. किसी ने नहीं पूछा होगा.
  • जीवन में आपको नॉलेज काम आने वाला है, स्किल काम आने वाली है, आत्मविश्वास काम आने वाला है, संकल्पशक्ति काम आने वाली है. मार्क और मार्कशीट का एक सीमित उपयोग है. ज़िंदगी में वही सब कुछ नहीं होता है.
  • जब टेंशन होती है, तब आपका नॉलेज, आपका ज्ञान, आपकी जानकारी नीचे दब जाती हैं और आपका टेंशन उस पर सवार हो जाता है. आपको ये पता होना चाहिए, मेमोरी को रिकॉल करने का जो पावर है, वो रिलेक्सेशन में सबसे ज़्यादा होता है.
  • जितनी ज़्यादा ख़ुशी से इस समय को बिताओगे, उतने ही ज़्यादा नंबर पाओगे, करके देखिए. हम सब का दायित्व है कि इन तीन-चार महीनों को अपने-अपने तरीक़े से, अपनी-अपनी परंपरा और परिवार के वातावरण को लेते हुए, उत्सव में परिवर्तित करें.

शुक्रवार, 27 जनवरी 2017

जानिए कब, किस समय और कितनी बार पढ़ी गयी आपकी मेल?

      आजकल लगभग सभी आवश्यक पत्राचार का माध्यम ई मेल ही बन गया है, और ऐसे में अक्सर आपको लोगों की ओर से मेल चेक न कर पाने की बहानेबाजी भी सुनने को मिलती होगी. मेरा एक मित्र जो कि एक कंपनी के साथ व्यापार कर रहा है उसकी अक्सर यह शिकायत रहती है कि उसकी कंपनी के अधिकारी पेमेंट बाउचर, ग्राहकों की कंप्लेंट जैसे मुद्दे टालते रहते हैं और जब फ़ोन करके पूछो तो मेल चेक न कर पाने का बहाना तैयार ही रहता है. 
     ऐसे में आज मैं आपको एक ट्रिक बताने जा रहा हूँ, इस ट्रिक के माध्यम से आप अपनी मेल को ट्रैक कर सकते हैं, यानी आपके मेल को कब पढ़ा गया, किस समय पढ़ा गया और कितनी बार पढ़ा गया जैसे सारी जानकारी आप आसानी से प्राप्त कर सकते हो. तो चलिए शुरू करते हैं आज की यह ट्रिक :-
गूगल क्रोम को ओपन करें और क्रोम के ऊपरी साइड में दाहिनी और दिए गए थ्री डॉट्स पर क्लिक करें,  "More Tools" पर जाएँ, और "Extension" पर क्लिक करें।
     अब आपके सामने एक विंडो खुल जाएगी इसमें "More Extension" पर क्लिक करें। इस विंडो के सर्च बार में "Mail Tracker" टाइप करके सर्च करें। चित्र में दिए गए विकल्प के अनुसार "मेल ट्रैकर फॉर जीमेल (Mail Track for gmail)" को "Add To Chrome" करें।
एक्सटेंसन एड करने के बाद अपनी उस जीमेल आईडी से लोग इन करें जिससे भेजे गए मेल को आप ट्रैक करना चाहते हैं, अब आपके सामने एक्सटेन्सन परमिशन विंडो आएगी इसमें "Allow" पर क्लिक करना है.
        अब आपको अपग्रेड की विंडो दिखेगी, यदि आप एडवांस सर्विस लेना चाहते हैं तो आपको कुछ भुगतान करना होगा, यदि आप साधारण सर्विस चाहते हैं तो यहाँ पर आप "No Thanks" पर क्लिक कर दें. 
अब आप इस Trick को चेक करना चाहते है तो एक मेल टाइप करें और इसको सेंड करे.
      अब "Sent Mail" पर जाकर भेजी गयी मेल पर क्लिक करें, यहाँ पर आपको एक ग्रीन चेक मार्क दिखाई देगा, साथ ही अगर आप इस टिक मार्क पर कर्सर ले जाते हैं तो आपको एक मेसेज शो होगा "Your massage has not bet read yet" यानि अभी आपका मेल नहीं पढ़ा गया है.
      मेल के पढ़े जाने के बाद आपके सामने इस तरह से दो ग्रीन टिक मार्क बन जायेंगे, आप कर्सर को यहाँ ले जाकर मेल को पढ़े जाने का दिन और समय जान सकते हैं.
     साथ ही आपके पास इस तरह से "Mail Track Alerts" नाम से एक ई मेल भी आएगा जिसमे आपका मेल किस दिन, किस समय, कितनी बार पढ़ा गया जैसी सारी जानकारी दी गयी होगी।




इस ट्रिक को और सरलता से समझने के लिए यह विडियो देखें।

बुधवार, 25 जनवरी 2017

नकदी में लेन-देन पर टैक्स, स्मार्टफोन के लिये सब्सिडी

       देश में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए बनी मुख्यमंत्रियों की समिति ने बैंकों से 50,000 रुपए और इससे अधिक नकद निकासी पर बैंकिंग कैश ट्रांजेक्शन टैक्स (बीसीटीटी) लगाने की सिफारिश की है, साथ ही आयकर के दायरे में न आने वालों और छोटे दुकानदारों को स्मार्टफोन खरीदने पर 1,000 रुपए सब्सिडी देने का सुझाव दिया है।
   
साथ ही प्वाइंट आॅफ सेल (पीओएस) मशीन से भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिसकाउंट रेट (एमडीआर) को कम करने या पूरी तरह से समाप्त करने को कहा है। नीति आयोग में आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में बनी इस उपसमिति ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। इसमें यह सिफारिशें की गई हैं।
         समिति के नेतृत्वकर्ता आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उम्मीद जताई कि सरकार आगामी आम बजट में समिति की सिफारिशों को जगह देगी। उन्होंने कहा कि सरकार माइक्रो एटीएम और बायोमीट्रिक सेंसर्स को कर प्रोत्साहन देकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने के उपाय करे। यही नहीं, डिजिटल पेमेंट कर रहे निश्चित वार्षिक आय वाले ग्राहकों को टैक्स रिफंड की सुविधा दी जाए।
         माना जा रहा है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में भी केंद्र सरकार की ओर से डिजिटल पेमेंट्स पर तमाम तरह की छूटों की घोषणा हो सकती है। इस बार केंद्र सरकार एक महीने पहले बजट पेश करने की तैयारी में है। सरकार का तर्क है कि पहले बजट पेश करने से वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही तमाम योजनाओं का काम शुरू किया जा सकेगा।
        वर्ष 2005 में यूपीए सरकार ने 25,000 रुपए से अधिक की नकद निकासी पर राजस्व प्राप्त करने के उद्देश्य से टैक्स लगाना चाहती थी, लेकिन उस समय डिजिटल लेनदेन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं था। अभी भारत दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास ‘आधार’ नंबर आधारित बायोमेट्रिक पहचान की सुविधा है और इसके जरिये होने वाला लेनदेन सबसे सुरक्षित है। इसके बावजूद समिति ने डिजिटल लेनदेन को और सुरक्षित करने के लिए हर लेनदेन पर बीमा मुहैया कराने की सिफारिश भी की है।

मंगलवार, 24 जनवरी 2017

बिना आधार के अब बेकार हो जाएगा आपका सिम!

     वैसे तो अभी तक ज्यादातर लोगों ने अपने आधार कार्ड बनवा लिए हैं लेकिन अगर आपने अभी तक अपना आधार कार्ड नहीं बनवाया है तो जल्दी से बनवा लीजिये क्योंकि अब कई अन्य सेवाओं की तरह मोबाइल सिम लेने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य होने जा रहा हैं. 
   आपको सिम लेते समय अपना एकेवाईसी करवाना होगा। दरअसल दूरसंचार नियामक ट्राई जल्द ही सिम कार्ड के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने जा रही है। ट्राई के सुझाव के मुताबिक बाहरी राज्य के ग्राहकों को सिम कार्ड हासिल करने के लिए अपना आधार नबंर देना अनिवार्य होगा। ट्राई के इस प्रस्ताव के मुताबिक बाहरी ग्राहकों को सिम कार्ड हासिल करने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी का इस्तेमाल करना होगा।
      इतना ही नहीं मोबाइल ग्राहकों को आधार आधारित ईकेवाईसी सत्यापन करवाना होगा। लोगों को ईकेवाईसी के लिए टेलीकॉम कंपनियां फ्री टॉक टाइम और डेटा दे सकती है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके लिए प्रोत्साहित हो सके। ट्राई के नियम के मुताबिक अब हर सिमकार्ड के लिए ई-केवाईसी जरूरी होगा। ट्राई की ओर से प्रस्तावित नियमों के तहत न सिर्फ नई मोबाइल सिम बल्कि मौजूदा सभी मोबाइल सब्सक्राइबर्स का ई-केवाईसी वेरिफिकेशन जरूरी होगा। 
       किसी दूसरे सर्किल में जाकर मोबाइल फोन कानेक्‍शन को लेकर काफी दिक्कते आती है। लोगों को एड्रेस प्रूफ देने में परेशानी होती है, लेकिन ईकेवाईसी के बाद ये समस्या खत्म हो जाएगी। अब ईकेवाई से एक ही एंट्रंस पर पूरे देश में सिम हासिल किया जा सकेगा। इतना ही नहीं ईकेवाईसी की मदद से सिम कार्ड में फर्जीवाड़े को भी रोका जा सकेगा। इस प्रयास से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम अब नहीं लिया जा सकेगा।

      Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने मोबाइल उपभोक्ता के वेरिफिकेशन के लिए नई सिफ़ारिश की है। जिसके तहत सिम कार्ड के लिए Aadhaar कार्ड के ज़रिए e-KYC करवाना पड़ेगा। इसके अलावा मौजूदा ग्राहकों के सिम का भी वेरिफिकेशन होगा।
      TRAI ने इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को सुझाव दिए हैं। उपभोक्ता की जानकारी के बिना कई फ़र्ज़ी कनेक्शन लिए गए। जिसे लेकर TRAI ने सख़्ती दिखाई है ताकि टेलीकॉम कंपनियां पूरी जांच और ज़रूरी दस्तावेज़ों को बाद ही किसी को नया कनेक्शन दें।

अब चलेंगे कॉन्टैक्टलेस एटीएम कम डेबिट कार्ड

     अब बिना स्वाइप किये डेबिट/एटीएम कार्ड से शॉपिंग की जा सकेगी साथ ही पास पैसा भी निकाला जा सकेगा। जी हाँ, अब आपको भुगतान करने के लिए अपने डेबिट कार्ड को दुकानदार की स्वाइप मशीन में कार्ड को स्वाइप करने की जरुरत नहीं, बस कार्ड को मशीन पर टच कराइए और हो गया भुगतान!
   देश में एनएफसी तकनीक वाले कार्डों का चलन जोर पकड़ने जा रहा है, देश के कई बैंकों ने इस तरह के कार्ड अपने ग्राहकों को उपलब्ध करना शुरू कर दिया है. 
भारतीय स्टेट बैंक : SBI InTouch
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने मई में ही एनएफसी तकनीक पर आधारित अपना एटीएम कम डेबिट कार्ड लांच कर दिया था. यह एक ऐसा प्‍लास्टिक कार्ड है जिसके जरिए ग्राहक बिना स्‍वाइप या डिप किए भुगतान कर पाएंगे। एसबीआई और इसकी क्रेडिट कार्ड ईकाई एसबीआई कार्ड्स ने मिल कर एसबीआईइनटच कॉन्‍टैक्‍टलेस क्रेडिट कार्ड लॉन्‍च किया है। इन कार्ड और जिन पीओएस पर इनके जरिए भुगतान किया जा सकेगा, उन पर एक खास चिह्न [ )))) ] बना होगा।
पंजाब नेशनल बैंक : वेब न पे
पंजाब नेशनल बैंक ने कल "वेब न पे" नाम से अपना कॉन्टेक्ट लेस कार्ड लांच किया है. साथ ही दो हजार तक के लेन-देन के लिया आपको कोई पिन दर्ज करने की भी जरुरत नहीं होगी।
गड़बड़ी पर मिलेगा पूरा पैसा वापस
इस कार्ड में ग्राहकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है, यदि इसका किसी प्रकार से कोई दुरूपयोग हो जाता है तो ग्राहक को बैंक के द्वारा उसके पूरे पैसे का भुगतान किया जायेगा।

क्या है एनएफसी तकनीक?
कॉन्‍टैक्‍टलेस कार्ड्स में नियर फील्‍ड कम्‍युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक का उपयोग किया गया है। आम तौर पर इस तकनीक का इस्‍तेमाल महंगे मोबाइल फोन में डाटा ट्रांसफर के लिए किया जाता है. इस तकनीक पर आधारित कार्ड को भुगतान करने के लिए पीओएस के पास वेव या टैप करना होगा, और इसे स्वाइप या डिप करने की जरूरत नहीं होगी।
यह कार्ड है ज्यादा सुरक्षित

एनएफसी तकनीक, कॉन्टैक्टलेस कार्ड को ज्‍यादा सुरक्षित बनाती है, क्योंकि कार्ड आपके अपने हाथों में ही होता है और इस तरह कार्ड खो जाने और धोखे से इसके इस्तेमाल का खतरा नहीं होता है। व्यस्त जगहों पर भुगतान करने के लिए, ग्राहक पीओएस मशीन पर कार्ड को टैप या वेव कर सकते हैं और आसानी से भुगतान कर सकते हैं.

सोमवार, 23 जनवरी 2017

जानिए क्या है जल्लीकट्टू : आश्चर्यजनक तथ्य

      आजकल आप लोग टेलीविजन पर लगातार जल्लीकट्टू से जुड़ी खबरे देखते होंगे, कई चैनलों पर तो इस मामले पर घंटों लंबी बहस चलायी जा रही है. ऐसे में आईये आज जानते हैं क्या है जल्लीकट्टू? साथ ही इससे जुड़े कई दिलचस्प तथ्य।
  • जल्‍लीकट्टू (Jallikattu) तमिल नाडु का एक परंपरागत खेल है जो पोंगल त्यौहार पर आयोजित कराया जाता है और जिसमे बैलों से इंसानों की लड़ाई कराई जाती है. जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव तथा संस्कृति का प्रतीक कहा जाता है। ये 2000 साल पुराना खेल है जो तमिल संस्कृति से जुड़ा है. 
  • साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने जानवरों के साथ हिंसक बर्ताव को देखते हुए इस खेल को बैन कर दिया था। 
  • जलीकट्टू त्योहार से पहले गांव के लोग अपने-अपने बैलों की प्रैक्टिस तक करवाते हैं। जहां मिट्टी के ढेर पर बैल अपनी सींगो को रगड़ कर जलीकट्टू की तैयारी करता है। बैल को खूंटे से बांधकर उसे उकसाने की प्रैक्टिस करवाई जाती है ताकि उसे गुस्सा आए और वो अपनी सींगो से वार करे।
  • खेल के शुरु होते ही पहले एक-एक करके तीन बैलों को छोड़ा जाता है। ये गांव के सबसे बूढ़े बैल होते हैं। इन बैलों को कोई नहीं पकड़ता, ये बैल गांव की शान होते हैं और उसके बाद शुरु होता है जलीकट्टू का असली खेल। मुदरै में होने वाला ये खेल तीन दिन तक चलता है। 
  • प्राचीन काल में महिलाएं अपने वर को चुनने के लिए जलीकट्टू खेल का सहारा लेती थी। जलीकट्टू खेल का आयोजन स्वंयवर की तरह होता था जो कोई भी योद्धा बैल पर काबू पाने में कामयाब होता था महिलाएं उसे अपने वर के रूप में चुनती थी. 
  • जलीकट्टू खेल का ये नाम सल्ली कासू से बना है। सल्ली का मतलब सिक्का और कासू का मतलब सींगों में बंधा हुआ। सींगों में बंधे सिक्कों को हासिल करना इस खेल का मकसद होता है। धीरे-धीरे सल्लीकासू का ये नाम जलीकट्टू हो गया। 
  • कई बार जलीकट्टू के इस खेल की तुलना स्पेन की बुलफाइटिंग से भी की जाती है लेकिन ये खेल स्पेन के खेल से काफी अलग है इसमें बैलों को मारा नहीं जाता और ना ही बैल को काबू करने वाले युवक किसी तरह के हथियार का इस्तेमाल करते हैं।
  • इस खेल के लिए जिस सांड को तैयार किया जाता है वो एक विशेष नस्ल पुलिकुलम या जेलिकट का होता है. इस नस्ल की खास बात ये है कि ये प्रजाति बड़ी आक्रामक होती है और खतरे के दौरान अपनी प्राण रक्षा करते हुए वार करती है.
  • इस खेल को तीन भागों में खेल जाता है. जो क्रमशः इस प्रकार हैं वदी मनुवीरत्तु, वायली विरत्तु और वदम मंजुवीरत्तु
  • वदी मनुवीरत्तु- ये इस खेल का सबसे खतरनाक फॉर्म होता है. जैसे ही खूंखार सांड को छोड़ा जाता है उसी दौरान व्यक्ति को इस छूटे हुए सांड की पीठ पर बैठना होता है. ये देखा गया है कि वदी मनुवीरत्तु के दौरान लोग कई बार गम्भीर रूप से घायल होते हैं और कई बार उनकी मौत तक हो जाती है. कभी न कभी आपने दक्षिण की फिल्मों के सीन में इस दृश्य को देखा होगा.
  • वायली विरत्तु- खेल के इस फॉर्म में सांड को एक ओपन एरीना में छोड़ दिया जाता है. यहां जो भी व्यक्ति सांड के करीब आता है उस पर सांड आकर्मण करता है और फिर शुरुआत होती है इंसान और जानवर के बीच की जंग की.
  • वदम मंजुवीरत्तु- जल्लीकट्टू के ये फॉर्म सबसे सुरक्षित माना जाता है और इसमें रिस्क भी कम होता है. इस फॉर्म में रिस्क की गुंजाईश कम रहती है. वदम मंजुवीरत्तु में सांड को एक 50 फीट लंबी रस्सी से बांधा जाता है जहां 7 से लेके 9 आदमियों का समूह सांड पर चढ़ाई कर उसे पराजित करता है. वदम मंजुवीरत्तु में समूह को 30 मिनट में सांड को काबू करना होता है.
  • खेल में जीतने वालों को इनाम देने के लिए मोटरसाइकिल, सोने के सिक्‍के, साइकिल, भेड़-बकरियां समेत कई चीजें खरीदी जाती हैं. 
  • जीतने वाला सांड़ अपने मालिक को डेढ़ से 2 लाख रुपए की कमाई करवा सकता है। 
  • सांड़ों को सजाने और खेल के मैदान के आसपास साज-सज्‍जा करने के लिए सामान तैयार करने वाले कारीगरों के लिए भी यह खेल आमदनी का एक सबसे बड़ा जरिया है। 
  • जलीकट्टू के दौरान जिन सांड़ों पर खेल में हिस्‍सा लेने वाले काबू पा लेते हैं। या फिर जो सांड़ कमजोर हो जाते हैं। ये सांड़ इस खेल में दोबारा हिस्‍सा नहीं ले सकते।
  • जीतने वाले सांड़ों को गाय की ब्रीडिंग के लिए रखा जाता है। इनके खानपान और रखरखाव का भी इस दौरान खास ध्‍यान रखा जाता है। साथ ही यह अगले साल होने वाले खेल में फिर से शामिल हो सकते हैं.

नोकिया के बारे में कुछ गजब के तथ्य

      नोकिया! एक ऐसी कंपनी जो कुछ समय पहले तक भारत में मोबाइल का पर्याय थी. गावँ देहात के लोंगो को अगर किसी मोबाइल पर भरोसा था तो वह था सिर्फ नोकिया, एक बुजर्ग दादी जो मेरे गांव में रहती थी वह तो नोकिया से "लोकिया" कहती थी. पर कहती थी की यही फ़ोन सबसे अच्छा है.
स्मार्ट फ़ोन की धमाकेदार एंट्री और इस सेगमेंट में नोकिया के ज्यादा कुछ न करने के कारण कुछ समय से बाजार से नोकिया बिल्कुल गायब सा हो गया था.
लेकिन लोंगो में नोकिया क्रेज किस कदर है यह इस बात से साबित हो जाता है की हाल ही में जब नोकिया ने अपना स्मार्ट फ़ोन लांच करने की घोषणा की तो कुछ ही समय में उसके लिए एक करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो गए.
तो आइये जानते हैं आज नोकिया के बारे में कुछ गजब के तथ्य

  • नोकिया कार्पोरेशन, फिनलैंड की बहुराष्ट्रीय संचार कंपनी है। इसका मुख्यालय फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी के पड़ोसी शहर कैलानिएमी (Kailaniemi), एस्प्रो में स्थित है।
  • नोकिया मुख्यत: वायरलेस (बेतार) और वायर्ड (तार युक्त) दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) पर कार्य करती है। नोकिया में लगभग 1,12,263 कर्मचारी अलग-अलग देशों में कार्य करतें हैं | इसका व्यापार 150 देशों में फैला हुआ है
  • नोकिया दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी है, इसके हार्डवेयर को अन्य सभी मोबाइल फोन की अपेक्षा अधिक मजबूत माना जाता है
  • नोकिया की स्थापना सन् 1865 को दक्षिण-पश्चिमी फिनलैंड के ताम्पेरे शहर के तम्मेर्कोसकी रैपिड्स के तट पर फ्रेडरिक इदेस्तम के द्बारा एक लकड़ी-लुगदी मिल के रूप में हुई। यह कंपनी बाद में नोकिंविरता नदी के पास टाऊन ऑफ़ नोकिया में स्थानांतरित हो गयी। 
  • "टाउन ऑफ़ नोकिया" एक शहर है और इसी के नाम पर है मोबाइल कंपनी "नोकिया" का नाम.
  • नोकिया के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव सूरी है जो की एक अनिवासी भारतीय हैं.
  • वर्ष 2014 में इस कंपनी को अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 7.2 अरब डॉलर में खरीद लिया। 
  • मज़े की बात यह है नोकिया को खरीदने वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी एक अनिवासी भारतीय सत्य नडेला हैं. 
  • नोकिया कंपनी की स्थापना 1864 में हुयी और यह वर्ष 1871 में निगमित हुयी।
  • "नोकिया 1100" दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला फ़ोन हैं.
  • नोकिया हर सेकेंड 6 फ़ोन का निर्माण करती हैं.
  • अपनी स्मार्ट फ़ोन रेंज के साथ नोकिया फिर एक बार अपना पुराना रुतबा हासिल करने के लिए कमर कास चुकी है.
  • 1998 में नोकिया ने पहले भारतीय रिंगटोन बनायीं थी जिसका नाम था "सारे जहाँ से अच्छा". 

शनिवार, 21 जनवरी 2017

किसी भी सब्जेक्ट पर निबंध लिखिए मिनटों में

    अक्सर आपको किसी विषय पर निबंध लिखने के लिए दिया जाता है, और आपको यह समस्या आती है की इससे सम्बंधित सूचनाएं कैसे जुटाएं और किस तरह समय पर निबंध पूरा करें? आज जो तरीका मैं आपको बताने जा रहा हूँ वह एक मज़ेदार तरीका है जिसकी मदद से आप कोई भी निबंध, किसी भी विषय पर कुछ ही मिनट में टाइप कर सकते हैं. हाँ-हाँ इसकी मदद से आप अपने दोस्तों को तो इम्प्रेस करना ही चाहोगे, तो चलिए शुरू करते हैं.
सबसे पहले अपने इन्टरनेट ब्राउजर में टाइप करके ऐसे टाइपर वेबसाइट को ओपन करिये।
आपके सामने इस तरह से यह वेबसाइट ओपन हो जाएगी।
अब आपको इसमें वह सब्जेक्ट टाइप करना जिस पर आपको निबंध लिखना है, और एंटर दबाना है.
आपके सामने इस तरह की विंडो आ जाएगी, इसे इन बटनों (नीले घेरे में) पर क्लिक करके आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड एक्सेल लुक में भी चेंज कर सकते हैं
अब आप अपने की बोर्ड पर टाइपिंग शुरू कीजये, है न मजेदार! आपका निबंध टाइप होना शुरू हो गया.
        जैसे ही आप की बोर्ड पर टाइप करना बंद कर देंगे निबंध टाइप होना बंद हो जायेगा, और जैसे ही आप कीबोर्ड पर उँगलियाँ चलना शुरू करेंगे टाइपिंग शुरू हो जाएगी।
    तो लीजिये मज़ा चुटकियों में निबंध टाइप करने का और अपने दोस्तों को इम्प्रेस करने का....
....... पर ध्यान रहे मेहनत का कोई विकल्प नहीं है.

किसी भी पासवर्ड को क्रैक करें 10 सेकेंड्स में

किसी भी पासवर्ड को क्रैक करें 10 सेकेंड्स में
       यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड अथवा किसी अन्य के फेसबुक, जीमेल, अथवा अन्य किसी वेबसाइट का पासवर्ड जानना चाहते हैं तो अब यह मात्र 10 सेकेंड्स में हो सकता है, आइए जानते हैं यह ट्रिक-:
नोट : यह ट्रिक सिर्फ तभी काम करेगी जब जिसका पासवर्ड आप जानना चाहते हैं उसने अपना पासवर्ड अपने ब्राउजर में सेव कर रखा हो. 
1. सबसे पहले जिस वेबसाइट का पासवर्ड आपको जानना है उसे ओपन करिये, लोग इन (Login) पर क्लिक करिये, अथवा यूजर आईडी डालिये।

2. आपके ऐसा करते ही यूजर आईडी के साथ निचे डॉट-डॉट के रूप में पासवर्ड लिख कर आ जायेगा।

3. अब आपको यह जानना है की आखिर इन डॉट-डॉट में क्या पासवर्ड छिपा है?

4. पासवर्ड पर राईट क्लिक करिये और (Inspect) पर क्लिक करिये।

5. आपके सामने इस तरह की एक विंडो ओपन हो जाएगी, इसमें (Type=Password) को खोजिये और जहाँ पासवर्ड लिखा है वहाँ कुछ भी टाइप कर दीजिये जैसे यहाँ मैंने (111) टाइप कर दिया है और एंटर दबाइये।
बस हो गया.... अब आप  देख सकते हैं जहाँ पासवर्ड के डॉट-डॉट थे वहां पासवर्ड शो हो गया है.  



चेतावनी : यह ट्रिक सिर्फ जानकारी के लिए है इसका दुरुपयोग क़ानूनी रूप से जुर्म होगा।

बचत खाते पर मिलेगा 14 प्रतिशत का ब्याज!

अभी हाल ही में एयरटेल और पेटीएम जैसी कंपनियों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ‘‘पेमेन्ट बैंक’’ का लाइसेंस प्रदान किया गया है। पेटीएम ने ‘‘अब आपका पेटीएम बन गया गया है "पेटीएम पेमेन्ट बैंक" जैसी हेडलाइनों के साथ अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन दिये। 
अक्सर आप सोचते होंगे कि आखिर यह पेमेंट बैंक क्या है? और यह बैंक बाकी बैंकों से अलग कैसे है? साथ ही इनके काम करने का तरीका क्या है? तो आइये आज जानते हैं पेमेंट बैंक और इनके कार्य करने के तरीके के बारे में:-
क्या है पेमेंट बैंक?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 अगस्त 2015 को अपने एक आदेश के द्वारा भारत में पेमेंट बैंक ’’भुगतान बैंक’’ की शुरूआत की थी। पेमेंट बैंक ग्राहकों के बचत खाते खोलकर उनमें अधिकतम एक लाख रुपये तक तक की जमा राशि स्वीकार करेंगे और एक निश्चित राशि तक का लेन-देन कर सकेगे।
कुल मिलाकर यह बैंक बुनियादी बैंकिग सेवायें जैसे सामान्य जमा, निकासी, पैसे का हस्तांतरण जैसी सुविधायें उपलब्ध करायेंगे।
नहीं दे सकेंगे लोन
भारत में भुगतान बैंक को एक लाख रुपये तक की जमा राशि स्वीकार करने और छोटे लेन-देन करने की तो अनुमति होगी मगर यह बैंक लोन नहीं दे सकेंगे, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इन्हें लोन देने हेतु अधिकृत नहीं किया गया है।  
बचत खाते पर मिलेगा अच्छा ब्याज
        अभी हाल ही पेमेंट बैंक का लाइसेंस पाने वाली मोबाइल वाॅलेट कंपनी पेटीएम ने अपने ग्राहकों को उनके बचत खातों पर 14 प्रतिशत तक ब्याज देने की घोषणा की हैं वहीं देश के पहले पेमेंट बैंक को खोलने वाली एयरटेल भी अपने ग्राहकों को 7.25 फीसदी का ब्याज आॅफर कर रही है। कुल मिलाकर पेंमेट बैंक की ब्याज दरें काफी अच्छी हैं, क्यों कि अभी आमतौर पर सभी बैंकों में बचत खाते में ब्याज की दर मात्र 4 प्रतिशत के आस-पास है।
कौन-कौन से पेमेंट बैंक?
रिजर्व बैंक ने पहले चरण में 11 कंपनियों को पेमेंट बैंक खोलने का लाइसेंस जारी हैं, जिनमें एयरटेल, पेटीएम, भारतीय डाक, रिलायंस, चोला मंडलम, फिनो टेक आदि कंपनियां प्रमुख हैं।
मिनटों में घर बैंठे खोलें खाता
पेमेंट बैंक में खाता खुलवाना बहुत ही आसान है, इसके लिये आपको बैंक शाखा जाने की कोई जरूरत नहीं हैं। आप अपने घर बैंठे ईकेवाईसी यानी आधार नम्बर के माध्यम से इलेक्टानिक तरीके से अपना खाता खोल सकते हैं।
नहीं जारी होंगे क्रेडिट कार्ड
पेंमेंट बैंक अपने ग्राहकों को डेबिट कम एटीएम कार्ड तो जारी कर सकते हैं मगर इन्हें क्रेडिट कार्ड जारी करने का अधिकार नहीं होगा।

शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

जानिए गूगल से जुड़ी कुछ मज़ेदार ट्रिक्स

आजकल चाहे कोई इनफार्मेशन खोजनी हो, अच्छे कालेजों को खोजना हो, कहीं का रास्ता जानना हो या फिर मनोरंजन। हर चीज के लिए गूगल का ही सहारा लिया जाता है, वाकई यह गूगल बाबा बड़े काम की चीज बन गए हैं, हर प्रश्न का जबाब है इनके पास. आजकल काफी कुछ कामों/जानकारीयों के लिए हम गूगल पर निर्भर हो गए हैं. 
     चलिए आज हम आपको बताते हैं गूगल से जुड़े कुछ ऐसी ट्रिक्स जिनमे से कुछ आपके काम की हो सकती हैं और कुछ मनोरंजन के काम भी आ सकती हैं.
सर्च इमेज (Search Image)
यदि आपके पास कोई फोटो है और आप उसके बारे में जानना चाहते हैं तो बस गूगल होमपेज को ओपन करिये, इमेज पर क्लिक करिये और जिस फोटो के बारे में आपको सर्च करना हैं, उसे ड्रैग करते हुए सर्च बार पर लाकर छोड़ दीजिये। गूगल हाजिर हो जायेगा फोटो से जुड़ी सारी डिटेल और उससे मिलती जुलती दूसरी फोटोज के साथ.
करेंसी कन्वर्टर (Currency Converter)
   यदि आप जानना चाहते हैं की आज की डॉलर की कीमत के हिसाब से 1 डॉलर में कितने रूपये होंगे तो बस आपको गूगल सर्च बार "$1" लिख कर इंटर दबाना होगा। उत्तर आपके सामने होगा। आप यहाँ पर डॉलर को रूपये में या रूपये को डॉलर में परिवर्तित करके आसानी से देख सकते हैं.

कैलकुलेटर (Calculator)
यदि आपको कैलकुलेटर का काम करना है तो वह भी आप सीधे गूगल सर्च बार में टाइप करके कर सकते हैं, जैसे आपको किसी संख्या का योग ज्ञात करना है तो ऐसे लिखे "44+44" और इंटर दबाएं।
do a barrel roll
    गूगल सर्च बार में आप जैसे ही "Do a barrel roll" लिख कर इंटर बटन दबाएंगे पूरा गूगल होम पेज 360 अंश पर घूम जाता है, है न मजेदार ट्रिक!
Askew
google सर्च बार में "Askew" लिख कर एंटर दबाते ही होम पेज तिरछा हो जायेगा, 
Zerg Rush
गूगल सर्च बार में "Zerg Rush" लिखकर एंटर दबाते ही गूगल होम पेज पर ढेर सारे जीरो आ जाते हैं जो सर्च रिजल्ट को धीरे-धीरे गायब करना शुरू कर देते हैं, यह एक मज़ेदार गेम है. आप भी करके देखिये। 
     आपको यह गूगल ट्रिक्स कैसे लगे? इस बारे में हमें जरूर बताईये, जल्द ही आपके लिए कुछ ऐसा ही मज़ेदार लेकर हम फिर हाज़िर होंगे। पढ़ते रहिये IndiaEpay.com 

अपनी फेसबुक टाइमलाइन को बनाइये आकर्षक

        आपकी फेसबुक टाइमलाइन पर किस तरह की पोस्ट दिखती है वह काफी कुछ आपके व्यक्तित्त्व के बारे में बताती है. अगर आप अपने फेसबुक टाइमलाइन को कुछ अलग हटकर, अट्रैक्टिव बनाना चाहते हैं, जिससे लोग आपके पेज पर बार-बार विजिट करें तो इसके लिए कुछ स्मार्ट से बदलाव करने होंगे।आईये जानते हैं ऐसे ही कुछ टिप्स :-
  • सबसे पहले ऐसे लोंगो के फीड को "Like" कीजये जो की आपकी जानकारी बढ़ाने में हेल्प करें, कुछ नयी जानकारियो सूचनाओं से भरे हो.
  • सोशल मीडिया पर सक्रिय सामाजिक लोगों, एनजीओ इत्यादि को फॉलो करें और दोस्त बनाएं।
  • जो लोग सिर्फ खुद के बारे में बताते रहते हैं, उनका फीड आपकी टाइमलाइन पर नहीं दिखना चाहिए।
  • टाइमलाइन को अट्रैक्टिव बनाने के लिए हो सकता है आपको अपने कुछ दोस्तों को फॉलो करना बंद करना पड़े,लेकिन कुछ दोस्तों के पोस्ट आप देखना चाहते हैं तो अपनी ‘News feed Preference’ में चेंजेस कर सकते हैं। 
  • यहां People सेलेक्ट करें और फिर Pages or Groups को चुनें। अब आपको यहां एक Drop down menu दिखेगा, इसमें आपके see first का चयन करना है, अब उन दोस्तों की पोस्ट चयन करें (जिनकी पोस्ट देखना चाहते हैं) 
  • जिन गेम या एप्स के suggestions को आप अपनी टाइमलाइन पर नहीं देखना चाहते तो उन्हें ब्लॉक कर सकते हैं, इसके लिए फेसबुक की सेटिंग्स में जाएं, फिर बाएं ओर Blocking को चुनें। किसी एक ही दोस्त की ओर से सबसे ज्यादा इंवाइट्स आते हैं, तो बस इस ऑप्शन में उसका नाम डाल दें, इंवाइट बंद हो जाएंगे।
  • अपनी टाइमलाइन को स्मार्ट बनाने के लिए आप फेसबुक नोटिफिकेशन्स को मैनेज कर सकते हैं क्योंकि एफबी के 67 टाइप के नोटिफिकेशन होते हैं, जो प्रॉपर मैनेजमेंट न होने के कारण आपको मिलते रहेंगे।
  • आप सभी नोटिफिकेशन को ऑफ तो कर नहीं सकते, क्योंकि उनमें से कुछ आपके लिए उपयोगी भी हो सकते हैं तो जिन नोटिफिकेशन्स को आप चाहते हैं उन्हें फेसबुक पेज पर बने ग्लोब पर जाकर क्लिक कर दें।

गुरुवार, 19 जनवरी 2017

वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट बनना शुरू, जानिए क्या है हलवा सेरेमनी?

केंद्र की सत्ता संभाल रही मोदी सरकार ने अबकी बार केंद्रीय बजट 1 फरबरी को ही पेश करने की पूरी तैयारी कर ली है, जहाँ इससे पहले बजट फरबरी के आखिरी सप्ताह में पेश किया जाता था, पर अब इसे पहली फरबरी को पेश किया जायेगा। 
वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट बनना शुरू
    आज केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हलवा सेरेमेनी के तहत हलवा बनाकर और बजट 2017-18 से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इसे बांटकर बजट के दस्तावेजों की छपाई का काम शुरू करवा दिया, इसी के साथ प्रिंटिंग प्रेस के तमाम कर्मचारियों समेत वित्त मंत्रालय के 100 अधिकारियों को बजट पेश होने तक नजरबंद कर दिया गया. मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने आज इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए दी है. 
क्या है खास?
     इस बार बजट में रेल बजट को भी शामिल किया है, यानि अब रेल बजट अलग से पेश नहीं किया जायेगा। इस तरह से मोदी सरकार ने 92 सालों से रेलवे के लिए अलग बजट पेश करने की चली आ रही परम्परा को तोड़ दिया है
    इस बार केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करेगी. बजट 2017-18 के दस्‍तावेजों की प्रिंटिंग की प्रक्रिया गुरुवार यानी आज 19 जनवरी को हलवा सेरेमनी की परंपरा के साथ शुरू हो गयी.
    यह पारंपरिक हलवा सेरेमनी पिछले साल 19 फरवरी को हुई थी और अरुण जेटली ने 29 फरवरी को बजट पेश किया था. पर इस बार बजट 1 फरवरी को पेश होगा. एनडीए सरकार द्वारा इस साल पेश होने वाला बजट तीसरा बजट होगा जो 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा.
बजट से जुड़े अधिकारी/कर्मचारी हुए नज़रबंद
     
जब तक आम बजट संसद में पेश नहीं हो जाता तब तक तमाम अधिकारी और कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस और नॉर्थ ब्लॉक से बाहर नहीं निकलेंगे. ऐसा हर साल बजट से पहले किया जाता है. बजट पेश होने से पहले प्रस्तावित प्रावधान लीक न हो जाएं. बहरहाल, बता दें कि जब बजट का प्रारूप तैयार हो जाता है और फाइनल प्रिंटिंग के लिए उसे भेजा जाता है, तो छपाई का काम शुरु होने से पहले ही यह हलवा बनाने की रस्म पूरी की जाती है. एक बड़ी कढ़ाई में हलवा तैयार किया जाता है. सभी अधिकारी बजट का फाइनल काम शुरु होने से पहले इसका उत्सव मनाते हैं. इन अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा का जिम्मा आईबी से लेकर दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ पर होता है
   बजट की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए ऐसा किया जाता है क्योंकि बजट सरकार का गोपनीय दस्तावेज है. इन अधिकारियों को अपने परिजनों से फोन के जरिए भी बात करने की मनाही होती है.
क्या है हलवा सेरेमनी?
  •      यह बजट दस्‍तावेजों की छपाई से पहले की एक रस्‍म है और पारंपरिक रूप से मनाई जाती है. कहते हैं कि परंपरा के मुताबिक हलवा खुद वित्त मंत्री बजट से जुड़े सभी लोगों को बांटते हैं.
  • बजट दस्‍तावेजों की छपाई की शुरुआत से पहले हलवा सेरेमनी काफी लंबे समय से मनाई जाती रही है. इस रस्‍म के तहत एक बड़ी सी कढ़ाई में हलावा तैयार किया जाता है जिसे मंत्रालय के सभी कर्मचारियों के बीच बांटा जाता है.
  • हलवा बांटे जाने के बाद वित्‍त मंत्रालय के ज्‍यादातर अधिकारी और कर्मचारियों को मंत्रालय में ही पूरी दुनिया से कट कर रहना होता है. इन्हें नार्थ ब्लॉक में बजट प्रेस में ही रखा जाएगा. हलवा सेरेमनी के बाद ‘लॉक इन’ बजट तैयार करने की प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए किया जाता है.ये वे कर्मचारी जो प्रत्‍यक्ष तौर पर बजट बनाने से लेकर उसकी प्रिंटिंग की प्रक्रिया से जुड़े होते हैं. 
  • लोकसभा में वित्‍त मंत्री द्वारा बजट पेश किए जाने तक ये कर्मचारी अपने परिवार से फोन पर भी संपर्क नहीं कर सकते. इस रस्‍म के बाद वित्‍त मंत्रालय के सिर्फ अति वरिष्‍ठ अधिकारी को ही अपने घर जाने की अनुमति मिलती है.
  • हलवा बांटे जाने के बाद वित्‍त मंत्रालय के ज्‍यादातर अधिकारी और कर्मचारियों को मंत्रालय में ही पूरी दुनिया से कट कर रहना होता है. बजट बनाने की प्रक्रिया में लगे 100 अधिकारी 2-3 सप्ताह तक नॉर्थ ब्लॉक में रहते हैं. वे वहां तब तक रहते हैं जब तक वित्त मंत्री बजट वाले दिन अपना भाषण खत्म नहीं कर लेते.इस दौरान ये बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कटे हुए होते हैं. 
  • बजट पत्र वित्त मंत्रालय के निजी प्रेस में छपते हैं. 

अब 30 जून तक ले सकते हैं फ्री जिओ सेवा का मज़ा, जानिए कैसे?

    फ्री डाटा, फ्री कॉल और फ्री एसएमएस से टेलीकॉम की दुनिया में धमाका करके प्रतिद्वंदी कंपनियों की नींद उड़ाने वाली वाली रिलायंस जिओ ने अपनी ग्राहक संख्या को और बढ़ाने और वर्तमान ग्राहकों को स्थायी बनाने
के लिए फ्री सेवा को जून तक बढ़ने के मन बना लिया है, बस इसमें थोड़ा सा परिवर्तन किया जायेगा ताकि टेलीकॉम नियमों का उलंघन किये बिना ग्राहकों को फ्री सेवा का लाभ दिया जा सके.
क्यों पड़ी इसकी जरुरत?
   रिलांस जिओ के पास अभी जो ग्राहक आधार है उसमे से ज्यादातर अभी जिओ की सिम को सेकेंडरी नंबर की तरह प्रयोग कर रहे हैं और कई तो इस सिम का प्रयोग सिर्फ डाटा के लिए ही कर रहे हैं. ऐसे लोंगो को यह लग रहा है की जिओ पर चार्ज की शुरआत होते ही वह वापस अपने पुराने नंबर का प्रयोग करने लगेंगे, कंपनी को भी इस बात का अहसास हो गया है कि अगर फ्री ऑफर को बंद किया जाता है या यूजर्स से ज्यादा पैसे वसूले किए जाते हैं तो यूजर्स जियो का साथ छोड़ सकते हैं और अपने प्राइमरी नंबर पर स्विच कर सकते हैं। ऐसे में उसके हाथ से आधे यूजर निकल सकते हैं। ऐसे में जियो ऐसा रास्ता निकालने की सोच रही है जिससे उसके दोनों काम हो जाएं, यानि पैसा भी मिलना शुरू हो जाये और ग्राहक भी हाथ से न जाये।
क्या है प्लान?
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो एक नए टैरिफ प्लान पर काम कर रही है, जो 30 जून तक वैलिड रहेगा। इस प्लान के तहत पहले के फ्री ऑफर्स से उलट नए ऑफर में डेटा के लिए करीब 100 रुपए चार्ज किया जाएगा और वॉयस सर्विस लाइफटाइम के लिए फ्री रहेगी।
कंपनी का दावा है कि हमारी किफायती सेवाओं के कारण लोग बड़ी संख्या में डाटा सर्विसेस का यूज करेंगे क्योंकि उसकी प्रॉडक्शन कॉस्ट उसकी प्रतिद्वंदियों के मुकाबले बेहद कम है। अगर यूजर्स को डाटा के लिए 100 रुपए चुकाने होंगे तो यह भी उनके लिए फ्री ऑफर जैसा ही होगा।
ट्राई के पास शिकायते भी होंगी बंद 
       अभी जियो के फ्री ऑफर के चलते हलकान टेलिकॉम कंपनिया दूरसंचार नियामक "ट्राई" के पास लगातार अपनी आपत्ति दर्ज करवा रही है, कि फ्री सेवा देकर रिलायंस जिओ नियमों का उलंघन कर रही है ऐसे में अगर जियो 100 रुपए का प्लान लेकर आती है तो उनके पास बोलने को कुछ बचेगा नहीं। 

अब 30,000/- रूपये के लेन-देन पर भी दिखाना पड़ेगा पेन कार्ड!

     अगर आपने अभी तक पेन कार्ड नहीं बनवाया है तो जल्दी से बनवा लीजिये, क्योंकि अब बिना पेन कार्ड के कई मुश्किलें आ सकती हैं. जी हाँ नोटबंदी के बाद पैदा हुई नकदी समस्या के कारण लोंगो ने तेजी से डिजिटल पेमेंट को अपनाना शुरू किया था, लेकिन जैसे-जैसे नकदी संकट कम हो रहा है केश लैस मुहीम की अचानक तेज हुई रफ्तार मंद पड़ने लगी है। ऐसे में सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और कैश ट्रांजैक्शन को हतोत्साहित करने के लिए आगामी बजट में कुछ कदम उठा सकती है।  
        सरकारी सूत्रों के अनुसार सरकार बिना पेन कार्ड के नकदी लेन-देन की वर्तमान 50,000/- रूपये की सीमा को घटाकर 30,000/- करने जा रही है, आगामी बजट में इसका ऐलान हो सकता है. 
      इसी के साथ जमीन, मकान, दुकान, खेत आदि की खरीद बिक्री एवम बड़े नकदी लेन-देन में भी पेन कार्ड अनिवार्य किया जा सकता है. 
       इनके अलावा, सरकार खास सीमा के नकदी पेमेंट्स के ऊपर कैश-हैंडलिंग चार्जेज भी लगा सकती है। इन कदमों से नकदी लेन-देन को कम करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का सरकारी अभियान रंग ला सकता है। दरअसल, चिंता इस बात की है कि अब बैंकों और एटीएमों से कैश निकालने की सीमा बढ़ने के बाद नकदी संकट खत्म होने से देश में नोटबंदी से पहले का लेन-देन का तरीका ही हावी न हो जाए।

बुधवार, 18 जनवरी 2017

अब आपका आधार बनेगा यूनिवर्सल पेमेंट आईडी

    ढेरो सेवाओं को पहले ही आधार के साथ लिंक कर चुकी सरकार अब इसकी महत्ता को और बढ़ाने जा रही है, अब आपका आधार कार्ड यूनिवर्सल पेमेंट आईडी बनने जा रहा है. 
     डिजिटल ट्रांसैक्शन को आसान बनाने के लिए भीम एप पेश कर चुकी सरकार जल्द ही इस एप में एक ऐसे फीचर को पेश करने जा रही है जिसमें आप अपने 12 डिजिट के आधार नंबर को डालकर लेन देन कर सकते हैं।
      भीम ऐप के जिन लेन-देन में आधार को पेमेंट आईडी के रूप में लिस्टेड किया गया है, उनमें किसी भी बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन, बैंक के साथ रजिस्ट्रेशन या यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) की जरूरत नहीं होगी। इससे यह मुख्यधारा में शामिल हो जाएगा क्योंकि करीब-करीब एक तिहाई देश पहले से ही आधार नंबर का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे बैंक एकाउंट से लिंक कर दिया गया है।
     वर्तमान में यूनीक आईडेंटिफिकेशन ऑफ इंडिया (UIDAI) बैंकों और नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर काम कर रहा है। यूआईडीएआई के चीफ एक्जिक्यूटिव अजय भूषण पांडेय ने बताया कि करीब 38 करोड़ लोगों ने पहले ही अपने बैंक खातों को आधार के साथ जोड़ दिया है।
     भीम एप पर अपने आप अपने दोस्तों, दूर बैठे परिवार के लोगों और उपभोगताओं को भी भेज सकते हैं। भीम एप पर सभी ट्रांजेक्शन रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर यानि की पेमेंट ऐड्रेस पर भेजा जा सकता है। आप बिना यूपीआइ सुविधा वाले बैंकों में भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। उसके लिए आप एमएमआइडी और आइएफएससी सुविधा की मदद ले सकते हैं। आप किसी अन्य रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या यूजर से पैसा प्राप्त करने के लिए रिकवेस्ट भी भेज सकते हैं। 
        भीम एप के साथ बैंक खाते को लिंक करके खरीददारी या किसी तरह का लेन-देन कर सकते हैं और सीधे अपने खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। लोग यूपीआइ एप के जरिये रजिस्ट्रेशन किए बिना ही सीधे पेमेंट ले सकते हैं। भीम ऐप के जरिये किसी मोबाइल नंबर पर पैसे भेजे जा सकते हैं। इसके लिए रिसीवर को यूपीआइ के साथ रजिस्टर्ड करना होगा।

मंगलवार, 17 जनवरी 2017

वोडाफोन ग्राहकों को अब पहले वाली कीमत में मिलेगा दोगुना डाटा

मुकेश अम्बानी की जिओ के फ्री डाटा, फ्री कॉल के ऑफर और इसके मार्च के बाद भी जारी रहने की आशंका के बीच अपने ग्राहकों को रोके रखने के लिए हलकान मोबाइल कंपनियों रोज एक के बाद एक धमाकेदार ऑफर पेश कर रही हैं. 
 इसी कड़ी में भारतीय बाजार की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता वोडाफोन ने अब अपने 4G ग्राहकों को पहले वाली कीमत में ही दोगुना डाटा देने का ऑफर दिया है. 
कंपनी के मुताबिक, यह प्लान सभी सर्किल्स में उपलब्ध है। राज्यों के मुताबिक प्लान की कीमत अलग-अलग हो सकती है।
वोडाफोन डाटा ऑफर
1. पहला प्लान 250 रुपये का है। इसमें पहले 1जीबी 4जी डाटा दिया जाता था। लेकिन अब से ग्राहक इसी कीमत में 4जीबी 4जी डाटा का लुत्फ उठा पाएंगे।
2. दूसरा प्लान 999 रुपये का है। इसमें पहले 10जीबी 4जी डाटा दिया जाता था। लेकिन अब ग्राहकों को इसी कीमत में 22जीबी 4जी डाटा का दिया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए डाटा प्लान्स भी पेश किए हैं। जिनमें 150 रुपये के रिचार्ज पर 1जीबी, 350 रुपये में 6जीबी और 450 रुपये में 9जीबी 4जी डाटा दिया जाएगा। वोडाफोन इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी संदीप कटारिया ने कहा कि कंपनी ने आधुनिक नेटवर्क सुपरनेट बनाने में बड़ा निवेश किया है।
        वहीं, इससे पहले वोडाफोन ने यूजर्स के लिए SuperHour प्लान पेश किया था। जिसके तहत यूजर को 16 रुपये में 1 घंटे के लिए अनलिमिटेड 4जी/3जी डाटा दिया जा रहा है। ये प्लान देश के लगभग सभी राज्यों में उपलब्ध है। इस प्लान की कीमत 16 रुपये से शुरु होगी। राज्य के मुताबिक इसकी कीमत कम ज्यादा हो सकती है। इसके साथ ही कंपनी महज 7 रुपये में अनलिमिटेड लोकल वॉयस कॉल्स (वोडाफोन के नेटवर्क पर) का भी प्लान लेकर आई है

शनिवार, 14 जनवरी 2017

दसवीं के छात्र ने बनाया ड्रोन, गुजरात सरकार से 5 करोड़ की डील

     गुजरात के रहने वाले दसवीं के छात्र हर्षवर्धन जाला ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जिससे जमीन के अंदर बिछी बारूदी सुरंगों का पता लगाया जा सकेगा। इस ड्रोन को विकसित करने वाले 14 साल के हर्षवर्धन जाला के साथ गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने यह डील साइन की है. अहमदाबाद में हुए वाइब्रेंट गुजरात समिट में हर्षवर्धन ज़ाला ने  सरकार की विज्ञान काउंसिल के साथ 5 करोड़ रुपये का अग्रीमेंट साइन किया है। 
     बारूदी सुरंगों के कारण आये दिन होने वाले देश के वीर जवानों और आम नागरिकों के साथ हादसों की ख़बरों को टीवी और अखबारों पर देखने के बाद हर्षवर्धन ने इस जनहानि को रोकने के लिए कुछ करने का निश्चय किया और इस तरह के ड्रोन का निर्माण किया जिससे न केवल बारूदी सुरंगों का पता लगाया जा सकेगा बल्कि उन्हें नष्ट भी किया जा सकेगा। 
     हर्षवर्धन का कहना है कि "मेरी छह कोशिशें नाकाम रही हैं और सातवीं बार में कामयाबी मिली. पिछले साल फ़रवरी-मार्च में इसे बनाने में मुझे कामयाबी मिली है, लेकिन इस साल अप्रैल-मई तक पूरी तरह से विकसित किया जाएगा. इसमें अभी हम और भी ख़ूबियां डालने वाले हैं."
     गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख नरोत्तम साहू का कहना है,  "डेमो देखने के बाद हमें हर्षवर्धन के प्रस्ताव में संभावनाएं नज़र आई हैं इसलिए हमने उनकी योजना पर काम करने का फ़ैसला लिया है. उनका यह ड्रोन 100 मीटर के दायरे में 50 फ़ुट की ऊंचाई से बारूदी सुरंग का पता लगाने में सक्षम होगा. "
     वही सरकार की मदद से उत्साहित हर्षवर्धन ने बताया कि सरकार ने फ़ाइनल प्रारूप को बनाने में भी उन्हें तीन लाख की मदद दी थी, उन्हें आशा है की सरकार की मदद और अपनी मेहनत से वह देश हित में ऐसी और भी कई तकनीके लाने का प्रयास करेंगे।

अब मिलेगा नए सुरक्षा फीचर और क्यू आर कोड वाला पेन कार्ड

अभी कुछ दिन पहले ही पेन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करके मात्र दो से तीन दिन में आधार कार्ड जारी करने का दावा करने वाले आयकर विभाग ने अब पैन कार्ड में आ रही धोखाधड़ी की ख़बरों के बीच अब नए सुरक्षा फीचर और क्यू आर कोड से लेस पेन कार्ड नागरिको को देने की तैयारी कर ली है.
   अब पैन कार्ड के साथ छेड़छाड़ करना संभव नहीं हो सकेगा. सरकार ने नए डिजाइन वाला स्थायी खाता संख्या-परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है. इसमें अतिरिक्त सुरक्षा खूबियां जोड़ी गई हैं जिससे इससे किसी तरीके से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी. इसमें सामग्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखी है. 
     नए रूप वाले पैन कार्ड को NSDL और यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लिमिटेड ने छापा है. इसका वितरण एक जनवरी से शुरू हो गया है. ये कार्ड नए आवेदकों को जारी किए जा रहे हैं.
    नए पैनकार्ड का वितरण एक जनवरी से शुरू हो गया है. लेकिन यह सिर्फ नए आवेदकों के लिए है. सरकार ने इस कार्ड में नया फीचर क्विक रेस्पॉन्स (क्यूआर) कोड जोड़ा है जिससे इसके सत्यापन की प्रक्रिया में मदद मिलेगी. वहीं नकली पैन कार्ड को पहचानने के लिए भी आईटी विभाग ने नई व्यवस्था की है जिसके जरिए टैक्स अधिकारियों और पैन जारी करने वाले मध्यस्थों को नकली पैन संख्या को पहचानने में मदद मिलती है.
    इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने इलेक्ट्रानिक स्मार्ट प्लेटफार्म इंकम टैक्स बिजनेस एप्लीकेशन-परमानेंट एकाउंट नंबर (आईटीबीए-पैन) परिचालन में ले आया था जिससे जब भी आयकर विभाग द्वारा जारी विशेष पहचान संख्या के लिए नया आवेदन उनके इस पोर्टल पर पहुंचेगा, नकली पैन की पहचान करने में मदद मिलेगी. इस नई इलेक्ट्रानिक प्रणाली से नकली कार्ड को तुरंत पहचाना जा सकेगा.

डिजिटल ट्रांजेक्शन का सबसे सरल माध्यम : जानिए क्या है PayPal

     ऑनलाइन शॉपिंग करते समय आपने अक्सर पेमेंट के विभिन्न विकल्पों में लिखा देखा होगा "Pay with PayPal" आप सोचते होंगे आखिर यह पे पाल क्या है और इससे पेमेंट करने का क्या तरीका है? 
वैसे ऑनलाइन व्यापार करने वालों, अंतरष्ट्रीय लेन-देन करने वालों के लिए "PayPal" एक जाना पहचान  नाम है, लेकिन आम लोंगो के बीच यह कंपनी तब चर्चा में आयी जब इसने भारत की प्रमुख मोबाइल वॉलेट कंपनी "Paytm" पर लोगो चोरी का आरोप लगाया। हम आगे इस प्रकरण के बारे में बतायेगे, पर अभी जानते हैं कि आखिर पेपाल क्या है?
क्या है PayPal?
      "पे पाल" दुनिया की सबसे बड़ी भुगतान प्रणाली कंपनियों में से एक है. पे पाल की स्थापना 1998 में हुयी और बाद में इसे दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट "Ebay" ने खरीद लिया। वर्तमान में पेपाल Ebay की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है. यह एक ऐसी भुगतान प्रणाली है जिसके द्वारा अपने ईमेल पते (Email Account) का प्रयोग करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  पैसों का लेन-देन किया जा सकता है.
       एक तरह से ये आपके वर्चुअल बैंक अकाउंट की तरह काम करता है जिसमे आप न केवल भारत से बल्कि दुनिया के किसी किसी भी देश से पैसे प्राप्त कर सकते है और किसी भी देश में पैसे भेज भी सकते है. साथ ही यह बेहद सुविधाजनक और आसान अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली है.
कैसे प्रयोग कर सकते है PayPal?
    पे पाल का प्रयोग करने के लिए आपको इसकी वेबसाइट पर जाकर अपना वर्चुअल अकाउंट खोलना होगा, इसके लिए आपके पास एक ई मेल अकाउंट होना जरुरी है, क्योंकि पे पाल पेमेंट सिस्टम ईमेल अकाउंट के आधार पर ही काम करता है. 
PayPal पर अपना अकाउंट बनाना (Creating Pay Pal Account)
1. PayPal पर अपना अकाउंट बनाने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर पे पाल की वेबसाइट पर जाएँ।
यहाँ पर दो विकल्प है व्यक्तिगत (Individual Account) अथवा व्यवसाय (Business Account), आपको जिस प्रकार का अकाउंट बनाना है उस पर क्लिक करें, और कंटिन्यू (Continue) पर क्लिक करें।
क्लिक करते ही आपके सामने इस प्रकार की स्क्रीन आ जाएगी यहाँ पर जाकर अपने देश का नाम, ईमेल पता, और जो पासवर्ड आप पे पाल अकाउंट के लिए रखना चाहते हैं वह पासवर्ड डालें।
इसके बाद आपके सामने इस प्रकार की स्क्रीन आएगी यहाँ पर आपको अपना नाम, जन्मतिथि, अपना पता, शहर का नाम, राष्ट्रीयता पिन कोड और मोबाइल नंबर डालना होगा।
इसके बाद आपके ई मेल पर इस तरह से एक मेल आएगा, आपको दिए लिंक पर क्लिक करके अपना अकाउंट एक्टिवेट करना है.
 
अब आपका पे पाल अकाउंट तैयार है, अब आप अपने अकाउंट में लॉगिन करके अपने बैंक अथवा एटीएम/डेबिट कार्ड को इस अकाउंट से लिंक करके आसानी से दुनिया के किसी भी देश से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकते हैं, वह भी सिर्फ अपने ई मेल पते का प्रयोग करके। 
(आशा है आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी, यदि हाँ तो IndiaEpay.com को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि पर शेयर करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रकार की जानकारियों को प्राप्त कर सकें।)

शुक्रवार, 13 जनवरी 2017

जानिए पेन कार्ड के नंबर में छुपे हैं क्या राज?

       आजकल PAN कार्ड (परमानेंट एकाउंट नंबर) सिर्फ टैक्स चुकाने के काम ही नहीं आता, बल्कि कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल किया जाता है। भले ही तत्काल कोटे में टिकट करानी हो, या फिर नया सिम लेना हो, अधिकतर लोग आईडी प्रूफ के तौर पर पैनकार्ड देना ही पसंद करते हैं।
     पैन कार्ड नंबर एक 10 डिजिट का खास नंबर होता है, व्यक्ति के सारे फाइनेंशियल ट्रान्जैक्शन डिपार्टमेंट के पैन कार्ड से लिंक हो जाते हैं। इनमें टैक्स पेमेंट, क्रेडिट कार्ड जैसे कई फाइनेंशियल लेन-देन डिपार्टमेंट की निगरानी में रहते हैं। 
    लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैन कार्ड पर लिखे कोड का क्या मतलब होता है और कैसे ये कई अहम जानकारियां बयां कर देता है। आइए जानते हैं पैन कार्ड पर लिखे कोड का क्या होता है मतलब?
(1) पहले तीन डिजिट
पैन कार्ड नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर होते हैं, जो AAA से ZZZ तक कुछ भी हो सकते हैं। यह तीनों डिजिट क्या होंगे, इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट तय कर करता है।
(2) चौथा डिजिट 
पैन कार्ड नंबर का चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है। यह पैन कार्ड धारी का स्टेटस बताता है। इसमें- 
P- एकल व्यक्ति 
F- फर्म 
C- कंपनी 
A- AOP( असोसिएशन ऑफ पर्सन) 
T- ट्रस्ट H- HUF (हिन्दू अनडिवाइडिड फैमिली) 
B-BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल) 
L- लोकल J- आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन 
G- गवर्नमेंट के लिए होता है। 
(3) पांचवां डिजिट 
    पैन कार्ड नंबर में पांचवां डिजिट भी एक अंग्रेजी लेटर होता है, जो कार्डधारक के सरनेम के हिसाब से होता है। यह लेटर कार्डधारक के सरनेम का पहले अक्षर होता है। इसके निर्धारण के लिए सिर्फ व्यक्ति का सरनेम ही देखा जाता है।
(4) 6 To 9 डिजिट 
इसके बाद लगातार 4 डिजिट एक नंबर होते हैं, जो 0001 से 9999 तक कुछ भी हो सकते हैं। यह नंबर उस सीरीज के होते हैं, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में उस समय चल रही होती है।
(5) आखिरी डिजिट
    पैन कार्ड नंबर का आखिरी डिजिट एक लेटर होता है, जो एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है।

अब घर बैठे करें पेन कार्ड आवेदन मात्र 5 मिनट में

    वैसे तो पेन कार्ड की आवश्यकता और उसके महत्व से सभी परिचित हैं, परंतु नोटबंदी के बाद से लोंगो में कुछ अधिक जागरूकता आयी है, जहाँ पहले आमतौर पर परिवार के कमाने वाले सदस्य ही पेन कार्ड बनवा रहे थे, वही आजकल स्टूडेंट और घरेलू महिलाएं भी पेन कार्ड के लिए आवेदन कर रही है. 
    अभी भी कुछ लोंगो को यह जानकारी नहीं है की वह अब घर बैठे ही पेन कार्ड बनवा सकते हैं और उन्हें किसी सेवा केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं, साथ ही अब पेन कार्ड के लिए आधार लिंक हो जाने से ई केवाईसी हो जाने के कारण पेन कार्ड बनने में लगने वाला समय भी काफी कम हो गया है.
तो चलिये आज आपको बताते हैं आॅनलाइन पेन कार्ड आवेदन (Online PAN Card application)की पूरी प्रक्रिया
वैसे तो पेन कार्ड के लिये आयकर विभाग ने दो संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है, लेकिन सर्विस, सरल प्रणाली और अन्य सुविधाओं को देखते हुये एनएसडीएल (NSDL) नाम की संस्था ही लोगों की पहली पसंद है और आज हम आपको इसी के माध्यम से आॅनलाइन पेन आवेदन की प्रकिया के बारे में आपको बता रहे हैं।
अब आपके सामने इस तरह की एक विंडो ओपन हो गई होगी।
यहां पर सबसे पहले आपको आवेदन का प्रकार "Application Type" चयन करना होगा।
इसके बाद ’’केटेगरी’’ विकल्प में जाकर अपनी कैटेगरी चुननी होगी, जैसे व्यक्गित, कंपनी, सोसाइटी, ट्रस्ट आदि।
इसके बाद दूसरे हिस्से में टाइटल, अपना नाम, जन्मतिथि, ई मेल और मोबाइल नम्बर जैसी सूचनायें दर्ज करनी होंगीं।
अंत में कैप्चा कोड डालने के बाद आपको ‘‘सबमिट’’ बटन पर क्लिक करना है।
क्लिक करते ही आपके सामने इस तरह की स्क्रीन आयेगी, और आपको एक टेम्परेरी टोकन नम्बर दिया जायेगा। यदि आप पूरा फॉर्म अभी न भरना चाहें तो आप बाद में भी इस टोकन नंबर का प्रयोग करके आगे का फार्म भर सकते हैं.
चूँकि हमें अभी फार्म भरना है इसलिए "कंटीन्यू विद पेन एप्लीकेशन फार्म" पर क्लिक करेंगे.
आपके सामने ‘‘आॅनलाइन पैन एप्लीकेशन’’ [Online PAN application] नामक यह स्क्रीन खुल जायेगी, इस स्क्रीन पर पैन का पूरा फार्म दिया है, जिसे 5 हिस्सों में बांटा गया है।
1. Guidelines 2. Personal Details 3. Contact & Other Detail 4. AO Code 5. Document Detail
गाइडलाइंस पर सिर्फ निर्देश हैं अगली टैब है पर्सनल डिटेल
व्यक्तिगत विवरण (Personal Details)
       इस टैब में सबसे पहले आपको आपको आवेदन कैसे सबमिट यह विकल्प चयन करना है, यदि आपके आधार कार्ड में डाटा सही है और आपका ई.मेल और मोबाइल नम्बर अपडेटेड है तो आपको पहला विकल्प चुनना चाहिये, इस विकल्प को चुनने पर आपको कोई हार्ड काॅपी नहीं भेजनी पड़ेगी।
      इसके बाद आगे फार्म में आपको अपना आधार नम्बर, नाम, जिस तरह से आप पैन कार्ड पर नाम प्रिंट कराना चाहते हैं वह नाम, जन्मतिथि संस्थाओं/कंपनिओं के मामले में स्थापना की दिनांक, जेंडर आदि भरना है। इसके बाद माता अथवा पिता का नाम भरना है। एक बाद ध्यान दें शादीशुदा महिलाओं के लिये भी यहां पर अपने पिता का नाम ही दर्ज करना है, पति का नहीं।
सारी सूचनायें भरने के बाद Next विकल्प पर क्लिक करें। 
संपर्क और अन्य विवरण (Contact & Other Detail)
      Next पर क्लिक करते ही आप इस हिस्से में आ जाते हैं यहां पर आपको अपनी आय का स्त्रोत, पत्राचार के लिये पता चुनना, घर और कार्यालय ‘‘यदि कोई है’’ का पता, टेलीफोन नम्बर, मोबाइल नम्बर, ईमेल आदि दर्ज करना होगा। इसमें से आपका मोबाइल और ईमेल पहले से ही भर कर आ रहा होगा जो कि आपके पहले चरण में दर्ज किया था।
ए.ओ.कोड (AO Code)
      Next पर क्लिक करके आप इस टैब में पहुंचेगे यहां पर आपको एरिया कोड, एओ कोड, रेंज कोड, और एओ नम्बर दर्ज करना है। ज्यादातर लोंगों को यह सारी जानकारी नहीं होती इसलिये आप अपने एरिया के यह सारे कोड जानने के लिये नीच दिये विकल्प ‘‘For help on AO Code, select from Following’’ का प्रयोग कर सकते हैं।
दस्तावेज विवरण (Document detail) 
    Next पर क्लिक करने पर आप इस अंतिम टैब पर आ जाते हैं यहां पर आपको पहचान का प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण-पत्र और जन्मतिथि का प्रमाण-पत्र चयन करना है।
अंत में डिक्लेरेशन डिटेल भरने के बाद सबमिट (Submit) विकल्प पर क्लिक करेें।
अब पूरी एप्लीकेशन को एक बार ध्यान से पढ़ ले और चेक कर लें यदि कोई कमी है तो उसे सुधार  सकते हैं अन्यथा आगे बढ़ने के लिए "Proceed" पर क्लिक करें
भुगतान का प्रकार (Mode of Payment)
     
यहाँ पर आप ऑनलाइन के साथ-साथ डिमांड ड्राफ्ट से भी भुगतान कर सकते हैं, ऑनलाइन विकल्प को चुनने पर आप नेटबैंकिंग अथवा कार्ड के जरिये भुगतान कर सकते हैं.
इस विकल्प को चुनने और एग्रीड करने पर आपके सामने इस तरह से पेमेंट गेटवे आएगा जहाँ अपनी बैंकिंग डिटेल डाल कर पेमेंट किया जा सकता है.
    पेमेंट करने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट प्राप्त होगा जिसमे दिए गए नंबर की सहायता से आप अपनी एप्लीकेशन को आगे ट्रैक कर सकते हैं.

[पेन आवेदन की प्रक्रिया को और आसानी से समझने के लिए यह विडियो देखें ]


पेन कार्ड से सम्बंधित कुछ संभावित प्रश्न और उनके उत्तर
पैन क्या है?
    स्थायी खाता संख्या अर्थात् पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) दस अंकों का एक अल्‍फा-न्‍यूमेरिक पहचानक (आइडेंटिफ़ायर) है जिसे आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है. प्रत्‍येक एसेसी (जैसे व्‍यक्ति, फर्म, कंपनी आदि) को यह विशिष्‍ट पैन जारी किया जाता है.
पैन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
    सभी मौजूदा कर=निर्धारितियों (एसेसीज) या करदाताओं या ऐसे व्यक्तियों के पास पैन होना चाहिए जिनको भले ही दूसरों की ओर से आय कर रिटर्न दाखिल करनी हो. किसी व्यक्ति का कोई ऐसे आर्थिक या वित्तीय लेनदेन करने का इरादा है, जिसके लिए पैन उद्धृत करना अनिवार्य है, उसके पास पैन होना चाहिए.
क्या `आय के रिटर्न' में पैन उद्धृत करना अनिवार्य है?हाँ, आय रिटर्न में पैन उद्धृत करना अनिवार्य है.
यदि मैं एक शहर से दूसरे शहर में जाता हूं तो क्या मुझे नये पैन के लिए आवेदन करने की जरूरत है?
    स्थायी खाता संख्या (पैन) एक स्थायी नंबर है जैसा कि इससे नाम से ही पता चलता है और यह बदलता नहीं है. हालांकि पते में परिवर्तन होने से कर निर्धारण अधिकारी बदल जायेगा. अत: ऐसे परिवर्तन के बारे में आयकर विभाग को सूचित किया जाना चाहिए ताकि आयकर विभाग के पैन डेटाबेस को अपडेट किया जा सके. आप `नया पैन कार्ड या/और पैन डेटा में परिवर्तन या संशोधन के लिए अनुरोध' फॉर्म भरकर पते में परिवर्तन के बारे में सूचित कर सकते हैं. यह फॉर्म टिन-एफसी या एनएसडीएल-टिन वेबसाइट पर ऑनलाइन कर सकते हैं.
क्या मैं एक से अधिक पैन प्राप्त कर सकता हूं या उपयोग कर सकता हूं?
    एक अधिक पैन लेना/रखना गैर-कानूनी है और इसके लिए 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. अत: यह सलाह दी जाती है कि एक से अधिक पैन लेना/रखना नहीं चाहिए.