मंगलवार, 10 जनवरी 2017

अब आपके मकान, दुकान और खेत को भी जोड़ा जायेगा आधार से

       नोटबंदी के बाद से अपने कई भाषणों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेनामी संपत्ति के खिलाफ भी कार्यवाही करने के संकेत दे चुके हैं, अब सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसी वर्ष यानी 2017 में इसकी शुरुआत की उम्मीद है। हरी झंडी मिलते ही आदेश होंगे और जमीन, प्लाट खेत के खसरा नंबर के साथ आधार नंबर भी लिंक कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आधार कार्ड अथारिटी आफ इंडिया यह नई पहल करने की तैयारी में है। विभागीय पत्राचार चल रहा है। नए वित्तीय वर्ष में यह अस्तित्व में आने की उम्मीद है।
        ऐसा होने पर आधार नंबर से लिंक होने पर संपत्तियों को छुपाना संभव नहीं होगा। सभी निजी संपत्तियों को आधार नंबर से लिंक किया जाएगा। आधार नंबर अनिवार्य होते ही सभी मौजूदा संपत्तियां शून्य हो जाएगी। इसके बाद आधार नंबर जोड़ने के बाद ही वे वापस पुरानी स्थिति में आ सकेंगी। ऐसा होने के बाद जमीन खरीदी बिक्री में होने वाला फर्जीवाड़ा खत्म होगा। बैंक खाते की तरह हर व्यक्ति के पास मौजूद अचल संपत्ति की जानकारी शासन के पास हमेशा रहेगी। 
      इसी के साथ अब सरकार हरेक रजिस्ट्री के साथ आधार कार्ड अनिवार्य करने की योजना तैयार कर रही है। इस योजना से रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति की जानकारी आधार नंबर के जरिए सीधे सरकार आयकर विभाग व प्रवर्तन निदेशालय तक स्वत: ही पहुंच सकेगी। सरकार की इस संभावित तैयारी वाली योजना में पुरानी रजिस्ट्रियों को भी आधार कार्ड से जुड़वाकर अपडेट कराना होगा। इससे उन बेनामी सं΄पत्तियों के खुलासे भी होंगे, जिन्हें लोग अपने भरोसेमंद रिश्तेदार, दोस्त व नौकरों के नाम पर खरीद लेते हैं और खुद का कालाधन सुरक्षित समझते हैं।
क्या है बेनामी संपत्ति?
    बेनामी संपत्ति वह है जिसकी कीमत किसी और ने चुकाई हो किंतु नाम किसी और का हो। कुछ लोग कालेधन को इसमें खपाते हैं। ऐसी संपत्ति आय छुपाने व टैक्स बचाने के लिए खरीदी जाती है। इस लेनदेन में शामिल दोनों पक्ष जिम्मेदार माने जाएंगे। अगर किसी ने अपने बच्चों या पत्नी के नाम संपत्ति खरीदी है, लेकिन आयकर रिटर्न में नहीं दिखाई तो भी उसे बेनामी संपत्ति माना जायेगा।
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