मंगलवार, 10 जनवरी 2017

सरकार का निर्देश : 2000 से कम कीमत के स्मार्टफोन तैयार करें कंपनियां

    नकदी रहित लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने एक और अहम फैसले के तहत स्मार्टफोन कंपनियों के साथ मिलकर सस्ते स्मार्टफोन लाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। सरकार ने
भारतीय हैंडसैट निर्माता कंपनियों को वित्तीय लेन-देन (फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस) सुविधा प्रदान कर सकने में सक्षम और कीमत में  2,000/- रुपए से कम के स्मार्टफोन लॉन्च करने के लिए कहा है। 
सरकार ने बुलाई बैठक
 सरकार का मानना है कि कैशलस अर्थव्यवस्था की उसकी योजना तब तक सफल नहीं हो सकती, जब तक ग्रामीण इलाकों तक सस्ते हैंडसेट (स्मार्टफोन) उपलब्ध न करा दिए जाएं। सस्ते स्मार्टफोन पेश करने की अपनी योजना को अमली जमा पहनने के लिए मोदी सरकार ने एक मीटिंग बुलाई थी जिसमें स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, लावा और कार्बन ने भाग लिया था।
बड़ी कंपनियों ने खड़े किये हाथ!
     इतने सस्ते स्मार्ट फ़ोन प्रस्तुत करने के लिए मोदी सरकार के इन प्रयासों से किनारा करते हुए कई बड़ी कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं. इन कंपनियों का कहना है कि फिंगर प्रिंट स्कैनर, हाई-क्वॉलिटी प्रोसेसर्स जैसे फीचर्स के साथ फोन की कीमत इस हद तक कम रखना एक बहुत बड़ी चुनौती है। ऐपल और सैमसंग जैसी कई बड़ी कंपनियों ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वही माइक्रो मैक्स, लावा, इंटेक्स जैसी भारतीय घरेलू कंपनियों ने सरकार की इस परियोजना को अमली जमा पहनाने के लिए कसरत शुरू कर दी है.
क्यों जरुरत है 2000 से कम के स्मार्टफोन की?
       अभी देश में लगभग एक अरब से ज्यादा मोबाइल फोन यूजर्स हैं और इनमें से सिर्फ 30 करोड़ के पास ही स्मार्टफोन हैं। बगैर स्मार्टफोन के "डिजिटल ट्रांसेक्शन" मुश्किलों भरा है. सरकार का कहना है कि जब तक लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं होंगे, वे डि़जिटल ट्रांजेक्शन नहीं कर सकेंगे. इसलिए मोबाइल कंपनियों से कहा गया है कि कि वे सस्ते स्मार्टफोन बनाए जिसमें आधार कार्ड को स्कैन करने जैसी सुविधाएं मौजूद हों. 
      कैशलेस ट्रांजेक्शन को ध्यान में रखकर ही सरकार ने हाल ही में भीम (BHIM) ऐप लॉन्च किया है, लेकिन इस ऐप का इस्तेमाल वे ही कर पाएंगे जिनके पास स्मार्टफोन मौजूद होगा.
      वर्तमान में शहरों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल का चलन ज्यादा देखने को मिलता है, वहीं गांवों में आज भी ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है.
     ऐसे में सरकार की कोशिश है की सस्ते स्मार्टफोन आने से नकदी रहित लेन-देन के साथ-साथ सरकार की कई अन्य योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सकेगा।
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