सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

राशन की दुकान पर भी होगा एटीएम और आधार से पेमेंट्स

        नकदी रहित लेन-देन को बढ़ावा देने में जुटी सरकार ने इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अब सभी राशन की दुकानों को खाद डिपो पर क्रेडिट/डेबिट कार्ड के जरिये भुगतान के लिये पीओएस मशीनें के साथ-साथ आधार आधारित भुगतान की की तयारी कर ली है। 
  वित्त सचिव अशोक लवासा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण (पीडीएस) की दुकानों पर 1.7 लाख से अधिक पीओएस मशीनें पहले ही लगायी जा चुकी हैं और अगले कुछ महीनों और लगायी जाएंगी।’ उन्होंने कहा, ‘खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा उर्वरक विभाग दोनों ने सभी पीडीएस दुकानों और उर्वरक डिपों पर पीओएस मशीनें लगाने के लिये कार्यक्रम बनाये हैं।’ लवासा ने कहा, ‘साथ ही उन्हें आधार युक्त भी बनाया जाएगा।’
          राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हर गांव में दो पीओएस मशीनें लगाने के लिये वित्तीय समावेश कोष के जरिये बैंकों को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जतायी है। इसके तहत टायर पांच और छह क्षेत्रों के एक लाख गांवों को शामिल किया जाएगा। लागत बचत पर डिजिटल भुगतान के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘इस प्रकार का आकलन लगाने के लिये समय काफी कम है और मुझे लगता है कि हमें लाभ का पता लगाने के लिये प्रणाली को एक साल या उसके आसपास समय देना चाहिए।’ लवासा ने कहा कि डिजिटलीकरण की दिशा में कदम उठाया जा रहा है और इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि कितनी संख्या में लोगों ने भीम और यूपीआई तथा दूसरे सेवा प्रदाताओं के एप डाउनलोड किये हैं।
         वित्त सचिव के अनुसार 1.70 लाख राशन की दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाये जाने के अलावा कई बैंक प्रतिनिधियों को पीओएस मशीनें और ‘माइक्रो एटीएम’ उपलब्ध कराये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर आप पीओएस मशीन विनिर्माताओं की बात करें, इसकी काफी मांग है। बैंकों ने ही करीब 10 लाख पीओएस मशीनों के ऑर्डर दिये हैं। इसीलिए मुझे लगता है कि इन सभी से हम ऐसी स्थिति में पहुंचेंगे जहां अर्थव्यवस्था का बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण होगा।’ लवासा ने कहा कि अब रेलवे टिकट की 68 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल तरीके से हो रही है। देश में नौ नवंबर 2016 के बाद पीओएस मशीनों की मांग बढ़ी है। पिछले दो महीने में ही 2.52 लाख पीओएस मशीनें लगायी गयी हैं। 
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