शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

जानिए वाई फाई के बारे में कुछ रोचक तथ्य

         एक समय था जब इन्टरनेट के लिए अपने लैपटॉप या कम्प्यूटर को इन्टरनेट केबल से जोड़ना पड़ता था, पर आजकल फोन लाइन के सहारे इंटरनेट बीते जमाने की बात हो गई है आजकल तो वाईफाई का जमाना है, जिसके सहारे बिना किसी तार के इंटरनेट एक्सेस किया जा सकता है.वाई-फाई एक वायरलेस टेक्नोलॉजी है जिसका खासा यूज़ इन्टरनेट से जुड़ने के लिए किया जाता है. 
क्या है वाई फाई?
             वाई-फाई (wi-fi) का फुल नेम वायरलेस वायरलेस फिडेलिटी है. वाई-फाई (अंग्रेज़ी: Wi-Fi) रेडियो तरंगों की मदद से नेटवर्क और इंटरनेट तक पहुँचने की एक तकनीक है। यह वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट के एक निश्चित एरिया में मौजूद मोबाइल फोनों/लैपटॉप अथवा अन्य इस तकनीक से उक्त उपकरणों को वायरलैस इंटरनेट उपलब्ध कराने का काम करता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी गति (स्पीड) काफी तेज होती है। यह तकनीक आजकल के नए स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर में आदि में इनबिल्ट होती है। साथ ही अगर आपके कम्प्यूटर में यह तकनीक नहीं है तो भी आप एक छोटी सी डिवाइस का इस्तेमाल कर अपने पुराने कम्प्यूटर को भी वाई-फाई से लैस बना सकते हैं. 
.        आजकल तो लोग अपने स्मार्ट फ़ोन को भी पोर्टेबल वाई फाई हॉटस्पॉट की तरह प्रयोग करके अपने लैपटॉप आदि पर इन्टरनेट का प्रयोग करते हैं. स्मार्ट फ़ोन से पोर्टेबल वाईफाई हॉट स्‍पॉट बनाकर कई सारे डिवाईसो को जोड़ सकते है.इसके लिए सेटिंग में जाये वायरलैस एंड नेटर्वक आप्शन पर क्लिक करे और Portable Wi-Fi hotspot पर चेक मार्क लगा दे ऐसा करते ही आपका मोबाइल राऊटर या ब्रॉडबैंड के तरीके से काम करने लगेगा .
वाई-फाई सिस्टम की कुछ खास बातें
  • यह टेक्नोलॉजी IEEE 802.11 कई स्टैण्डर्ड पर बेस्ड है.
  • ये टेक्नोलॉजी 1999 के बाद आई थी.
  • इसकी स्पीड 11 से 60 MB पर सेकंड है.
  • इसकी रेंज 10 मीटर से लेकर 150 फिट तक है.
  • वाई-फाई सिस्टम के लिए एक्सेस पॉइंट और वाई-फाई कार्ड् की जरुरत होती है.
  • वाई-फाई सिस्टम में एक एक्सेस पॉइंट में 30 से भी अधिक यूजर कनेक्ट हो सकते है.
  • वाई-फाई सिस्टम तीन Typologies पर काम करता है- (i) एक्सेस पॉइंट बेस्ड (ii) पियर टू पियर (iii) पॉइंट टू मल्टीपॉइंट ब्रिज.
  • वाई-फाई सिस्टम में दो प्रकार की सिक्यूरिटी के आप्शन है पहला- यूजर ऑथेंटिकेशन और दूसरा सर्वर ऑथेंटिकेशन
  • वाई-फाई सिस्टम सिक्यूरिटी को तीन लेवल से एक्सेस किया जा सकता है-
  • (i) SSI (ii) WEP (iii) WAP.

वाई-फाई सिस्टम को पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखना
      वाई-फाई यूजर्स को अपने वाईफाई कनेक्शन को पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखना चाहिए। कभी भी अपने मोबाइल या दूसरे वाई फाई राउटर को बिना पासवर्ड  के नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से कोई भी आपके इन्टरनेट का प्रयोग करके किसी भी प्रकार का गैर क़ानूनी कार्य कर सकता है और पकडे आप जायेगें। इसलिए अपने वाई फाई राउटर को सुरक्षित रखना आपकी स्वयं की जिम्मेदारी है. इसके लिए अपनी डिवाइस को पासवर्ड से प्रोटेक्ट करना है।
ब्लूटूथ और वाई-फाई में क्या अंतर है :-
        ये दोनो वायरलेस टेक्नोलॉजी पर काम करते है. ब्लूटूथ का प्रयोग कम दूरी पर उपकरणों के बीच डाटा ट्रान्सफर करने के लिए होता है. यह लो बैंडविड्थ पर काम करता है जैसे वायरलेस कीबोर्ड, माउस, इयरफोन आदि जो कि वाई-फाई हाई बैंडविड्थ पर काम करता है इसकी डिस्टेंस भी ज्यादा होती है.ब्लूटूथ का बिट रेट 2.1 MBPS होता है जबकि वाई फाई का बिट रेट 600 MBPS होता है.
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