शनिवार, 25 फ़रवरी 2017

मोदी सरकार दे रही है आपके कम्प्यूटर और मोबाईल के लिए फ्री एंटीवायरस

        नोटबंदी के बाद जब सरकार ने कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने की मुहिम शुरू की तो सबसे बड़ा सवाल निकल कर सामने आया साइबर स्पेस में सुरक्षा का। निश्चित रूप से दिन प्रतिदिन बढ़ती साइबर क्राइम की घटनाओं को देखते हुये डिजिटल लेने-देन के लिये सुरक्षित साबइर स्पेस उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। 
 वैसे तो मार्केट में कम्प्यूटर और मोबाइल की सुरक्षा के कई एंटीवायरस उपलब्ध कराने वाली कंपनियां है लेकिन इनके ज्यादातर उत्पाद मंहगे है। इसी समस्या को देखते हुये केन्द्र की मोदी सरकार ने ‘‘साइबर स्वच्छता केन्द्र’’ नाम से एक बेबसाइट प्रारम्भ की है।
क्या है साइबर स्वच्छता केन्द्र?
   भारत सरकार द्वारा "डिजिटल इंडिया"अभियान के तहत मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने 'साइबर स्वच्छता केंद्र 'की वेबसाइट लांच की है । इस सेवा का संचालन देश में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाली संस्था कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) के द्वारा किया जायेगा।  इसी बेबसाइट को साइबर स्वच्छता केंद्र नाम दिया गया है ।  
क्या काम है "साइबर सुरक्षा केन्द्र" का?
     यह केंद्र लोगों के पर्सनल कंप्यूटर और मोबाइल फोन जैसे उपकरणों को वायरस और नुकसान पहुंचाने वाले सॉफ्टवेयरों से बचाव के लिए एंटी वायरस उपलब्ध कराएगा।
     साइबर स्वच्छता केन्द्र बेबसाइट के माध्यम से आप अपने मोबाइल और कम्प्यूटर के लिये निःशुल्क सिक्योरिटी टूल्स डाउनलोड कर सकते है और अपने मोबाइल व कम्प्यूटर को किसी तरह के वायरस आदि के हमले से बचा सकते हैं।
कम्प्यूटर या मोबाइल पर वायरस हमले से करेगा सतर्क
     इस केंद्र के जरिए कंप्यूटर एमर्जेसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) वायरस के हमले से पीडि़त सिस्टम से सारी जानकारी लेकर इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों और बैंकों को उपलब्ध कराएगी। इसके बाद इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां और बैंक अपने ग्राहकों को उनके पीसी या मोबाइल में गड़बड़ी के बारे में सतर्क करेंगे और उस मालवेयर को दूर करने के लिए बोटनेट की वेबसाइट से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की सिफारिश करेंगे। ग्राहकों को ये सॉफ्टवेयर मुफ्त में डाउनलोड कर सकेंगे।
    अब तक 58 इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां और 13 बैंक इस केंद्र के साथ जुड़ चुके हैं। सीईआरटी-इन को जून से पहले नेशनल साइबर कोआर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने को कहा है। सरकार ने इस सेंटर के लिए 900 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं।
कौन-कौन से साॅफ्टवेयर/टूल्स उपलब्ध हैं?
साइबर स्वच्छता केंद्र के अन्तर्गत निम्न 5 टूल है (Tool provided by Cyber Swachhta kendra )
1. Free Bot Removal Tool.
2. Usb Pratirodh.
3. Appsamvid.
4. Mkavach (mobile devices)
5. Browser Jsguard.
किस टूल का क्या है काम?

फ्री बूट रिमूवल टूल (Free Bot Removal Tool) : 

     यह टूल आपके कम्प्यूटर या लैपटाॅप को सुरक्षित रखने के लिये है, यह टूल 32 बिट और 64 बिट दोनों आॅपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है, इस टूल को आप यहां क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं।
यूएसबी प्रतिरोध  (USB Pratirodh)
     यह टूल आपके कम्प्यूटर या लैपटाॅप में यूएसबी के माध्यम से फैलने वाले वायरस को रोकता है, साथ ही आपके कम्प्यूटर में अनाधिकृत यूएसबी के प्रयोग को भी रोकता है। इसे आप यहां क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं।
एपसम्विद (Appsamvid)
    यह टूल विंडोज आॅपरेटिंग सिस्टम के लिये एक व्हाटलिस्टिंग प्रोग्राम है। इसे आप यहां क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं।
एम-कवच (M-Kavach)
एम-कवच : जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह आपके मोबाइल के लिये एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह आपके मोबाइल को मालवेयर, डेटा चोरी, मोबाइल खोने पर डेटा की सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा प्रदान करता है, इसे आप यहां क्लिक करे डाउनलोड कर सकते हैं।
ब्राउजर जेएस गार्ड (Browser JS Guard) 
   यह गूगल क्रोम और फायरफाॅक्स के लिये बनाया गया एक एक्सटेंशन प्रोग्राम है जो आपके इंटरनेट सर्फिंग के दौरान एचटीएमएल और जावास्क्रिप्ट अटैक से सुरक्षा प्रदान करता है। 
गूगल क्रोम के लिये आप इसे यहां क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं।
फायरफाॅक्स के लिये आप इसे यहां से डाउनलोड करें। 
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