मंगलवार, 30 जनवरी 2018

लड़के की शादी तभी जब करे छः हत्यायें, ऐसी खौफनाक रीति है इस समुदाय की

जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर में दो दिन पूर्व दो हत्याओं और डकैती की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। यह बात और है कि पिछले कुछ दिनों से शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो जिस दिन अखबारों के पन्ने हत्या, चोरी, लूटपाट, राहजनी की बारदातों की खबरों से भरे न होते हों। कल मिलाकर योगी सरकार आने के बाद अपराधों से मुक्ति मिलने की आस लगाये लोगों में अब निराशा घर करने लगी है।
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि गुरूवार की रात्रि सशस्त्र बदमाशों ने दो घरों पर धावा बोल कर दो लोगों की हत्या करने के बाद जमकर लूटपाट की थी। इस जघन्य कांड से पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है। जांच के लिये कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। कोतवाली कामयगंज की पुलिस जांच का केन्द्र बिन्दुु गांव कुबेरपुर को ही मानकर चल रही है।
बदमाशों को सुराग देने में कोई अपना या जानकार 
पुलिस एवं परिजनों का मानना है कि मदमाशों को पूरी सूचना देने के पीछे परिवार के किसी व्यक्ति अथवा किसी जानकार का हाथ हो सकता है। बदमाशों के साथ किसी ऐसे व्यक्ति के होने की पूरी संभावना है जिसे गृहस्वामी अच्छे से जानता हो। पुलिस उपाधीक्षक नरेश कुमार का कहना कि फिलहाल जांच चल रही है, अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है।
छैमार गिरोह पर है आशंका
        पुलिस टीम को इस घटना के पीछे छैमार गिरोह के होने की पूरी आशंका है। बताया जाता है  िक इस गिरोह का उद्देश्य ही डाका डालने के बाद हत्या करने का होता है। लखनउ और अन्य कई शहरों में भी इस गिरोह के द्वारा इसी प्रकार डाका डालने के बाद हत्यायें की जाने की घटनायें की गईं हैं। एक दो दिन में प्रदेश में कई घटनाओं के मद्देनजर एसटीएफ ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
लड़के की शादी के लिये छः हत्यायें जरूरी
           छैमार गिरोह के बारे में माना जाता है कि इस गिरोह को लड़के की शादी करने के लिये छः लोगों की जान लेनी होती है। छः लोगों की हत्या के बाद ही शादी की रश्मे पूरी की जातीं हैं। इन लोगों की इसकी परवाह नहीं होती कि घटना के दौरान माल-जेवर मिलेगा कि नहीं। इनका उद्देश्य केवल शादी के लिये जान लेने का होता है। छैमार गिरोह की धरपकड़ के लिये लखनउ की स्पेशल सर्विलांस टीम ने भी जनपद फर्रुखाबाद में डेरा डाल दिया है। 
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