शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

365 रानियों के पति रहे इन महाराजा के खास महल में बिना कपड़ों के ही मिलता था प्रवेश

इतिहास में अनेकों ऐसा राजा महाराजा हुये है जिन्हें उनके शासनकाल के दौरान किये गये अच्छे कामों के लिये कम उनकी रंगीन मिजाजी के लिये ज्यादा जाना जाता है। ऐसे ही एक राजा के बारे में आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताने जा रहे हैं, इन राजा की रंगीन मिजाजी के सैकड़ों किस्से इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।
दीवान ने किये महाराजा के राज उजागर
जी हां, हम बात कर रहे पटियाला में 38 वर्षों तक शासन करने वाले महाराजा भूपिन्दर सिंह पटियाला के बारे में। 12 अक्टूबर 1981 को मोती बाग पैलेस, पटियाला में जन्मे भूपिन्दर सिंह महाराजा राजिन्दर सिंह की मौत के बाद राज्य के शासक बने थे। महाराजा भूपिन्दर सिंह की जिंदगी के कई राजों को उनके दीवान रहे जरमनी दास ने अपनी किताब ‘महाराजा’ में उजागर किया है।
लीला भवन नाम से बनवाया भव्य महल
किताब के अनुसार महाराजा भूपिन्दर सिंह ने अपनी आशिकमिजाजी के चलते पटियाला में लीलाभवन नाम का एक भव्य महल बनवाया था। इस महल की खास बात यह थी कि यहां बिना कपड़ों के ही प्रवेश दिया जाता था। इस महल की दीवारों पर प्रेम लीला में डूबे युगलों के चित्रों को दीवारों पर उकेरा गया था। 
महल में था स्विमिंग पूल भी
साथ ही महाराजा एवं उनके खास मेहमानों के लिये महल में एक विशाल स्वीमिंग पूल की भी व्यवस्था की गई थी। इस पूल में खास पार्टियों का आयोजन किया जाता था, जिसमें महाराजा की प्रेमिकायें और उनके कुछ खास मेहमानो को ही प्रवेश दिया जाता था।
365 शादियां कीं
किताब के अनुसार महाराजा भूपिन्द्र सिंह पटियाला ने अपने जीवनकाल में 365 शादियां की और 88 बच्चों के पिता बने। कहा जाता है कि महाराजा की सबसे प्रिय पत्नी बख्तावर कौर इतनी खूबसूरत थीं कि उन्हें क्वीन मैरी की उपाधि दी गई थी।

खूबसूरत लड़कियों को नौकरी पर रख रहीं यह कंपनियां, काम जानकर हैरान रह जायेंगे

व्यावसायिक जगत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण आजकल कई कंपनियों के कर्मचारी भारी तनाब के दौर से गुुजरते हैं, ऐसे में उनकी प्रोडक्टिविटी पर भी विपरीत असर पड़ता है। वहीं आईटी क्षेत्र में प्रोग्रामर्स का सारा काम दिमागी मेहनत का होने के कारण अक्सर कर्मचारी अनिद्रा, तनाव जैसी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं।
लेकिन चीन की कुछ कंपनियों ने इस समस्या का बड़ा ही मजेदार समाधान निकाला है, यहां अपने प्रोग्रामर्स को थकान और तनाव से राहत दिलाने के लिये खूबसूरत लड़कियों को काम पर रखा जा रहा है। इनका काम कर्मचारियों को तनाव मुक्त रखना है।
 प्रोग्रामर मोटीवेटर्स है पद का नाम
जिस पद पर इन लड़कियों की नियुक्ति की जा रही है, उसे प्रोग्रामर मोटीवेटर्स का नाम दिया गया है। प्रोग्रामर मोटीवेटर की नियुक्ति के लिये कंडीडेट में कुछ विशेषताओं का होना जरूरी है जिनमें बेहतर कम्युनिकेशन स्किल के साथ साथ खूबसूरती एक अनिवार्य शर्त है।
क्या है इनका काम
इन लड़कियों का काम प्रोग्रामर्स की मसाज करना, उनसे बातचीत करके उन्हें प्रोत्साहित करना तो है ही इसके साथ इन लड़कियों को जन्मदिन, शादी की सालगिरह, कंपनी से जुड़े इवेंट्स, पार्टी आदि के आयोजन और पार्टी में अतिथियों का स्वागत सत्कार करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाती है।
कितनी है सैलरी
इंजीनियरिंग, मनोचिकित्सक, डाॅक्टरी जैसी पढ़ाई करने वाली लड़कियां भी बेझिझक इस प्रकार की नौकरियों को स्वीकार कर रही हैं, इन्हें सैलरी के रूप में आम तौर पर 60 से 65 हजार रुपये तक प्रति माह मिलते हैं। यह और बात है कि कई लोग और संगठन इसे महिला विरोधी बताते हुये इसे महिलाओं का अपमान बता रहे हैं। 

यह कंपनी देगी इस साल 80 हजार लोगों को नौकरी

दूरसंचार के क्षेत्र में अपने सस्ते डाटा प्लान और फ्री काॅलिंग के दम पर क्रंाति ला देने वाली कंपनी जियो इस साल बंपर भर्तियां करने जा रही है। कंपनी के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी संजय जोग ने हैदराबाद में पत्रकारों को जानकारी देते हुये बताया कि मौजूद वित्तीय वर्ष कंपनी में लगभग 75 हजार से 80 हजार के बीच नये लोगों के आने की पूरी संभावना है। 
श्री जोग ने कहा कि कंपनी ने 6000 से ज्यादा काॅलजों के साथ भागीदारी की हुई है, इसके अलावा भर्तियों के लिये सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी प्रयोग किया जायेगा। साथ ही रेफरल भर्तियों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जायेगा।
दूरसंचार क्षेत्र में नयी खिलाड़ी होने के बाबजूद पुरानी कंपनियों को नाको चने चबबा देने वाली जियो ने अपने जियोफोन के माध्यम से फीचर फोन के बाजार मंे भी 36 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल कर ली है। ऐसे में अपने तेजी बढ़ते ग्राहकों और मोबाइल टाॅवर के नेटवर्क को व्यवस्थित रखने के लिये जाहिर सी बात है कंपनी को बड़ी मात्रा में कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।