सोमवार, 11 जून 2018

महिला आईएएस अधिकारी का आरोप, सीनियर ही नहीं ड्राइवर भी करते थे मेरे साथ यह गन्दा काम

एक ओर देश में महिला सशक्तिकरण के लिये नित नयी योजनायें बनायी जा रहीं हैं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान दिये जाने के ढेरों वादे और इरादे जाहिर किये जा रहे। लेकिन दूसरी ओर आम महिलाओं की कौन कहे प्रशासनिक सेवा में सर्वोच्च सेवा मानी जाने वाली आईएएस महिला अधिकारी भी खुद को गंदी नजर वाले पुरुषों से बचाने में बेबस नजर आ रही है। 

इसका ज्वलंत उदाहरण हरियाणा से सामने आया है। जहां एक महिला आईएएस अधिकारी ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों पर शारीरिक शोषण का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला अफसर ने अपने आरोपों में कहा है कि हरियाणा पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव सुनील गुलाटी ने न केवल उनका शारीरिक शोषण किया वरन उन्हें सार्वजनकि जगहों पर भी अपमानित और परेशान किया। 

यही नहीं महिला अधिकारी का कहना है कि उनके डाइवर भी जब वह गाड़ी में कहीं जातीं हैं तो उनके सामने गंदे इशारे करते हैं, और उनको अपमानित करने की कोशिष करते हैं। उनके ऐसा करने के पीछे वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों की शह मानतीं हैं। इन सबके के पीछे के कारण के बारे में पूछने पर इस महिला आईएएस अधिकारी का कहना है कि यह सब सिर्फ इसलिये किया जा रहा है क्यों कि मैं ईमानदार हूं।

वहीं आरोपी प्रमुख सचिव सुनील गुलाटी ने अपने उपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुये कहा है कि वह तो सिर्फ महिला अधिकारी को काम सिखाने की कोशिष कर रहे थे। श्री गुलाटी का कहना है कि मैने कभी उक्त महिला अधिकारी को अकेले में नहीं बुलाया, जब भी वह मुझसे मिली तो कोई न कोई दूसरा अधिकारी भी मेरे साथ होता था। 

वहीं महिला अधिकारी का कहना है कि श्री गुलाटी का मेरे प्रति व्यवहार अमर्यादापूर्ण और अनैतिक रहा है। उन्होंने मेरे साथ कई बार गलत काम करने की कोशिष की और बात न मानने पर नौकरी खतरे में डालने, जान से मारने जैसी धमकियां भी दीं। 

जाहिर सी बात है ऐसे में यह सोचने की जरूरत है कि जिस देश में आईएएस महिला अधिकारी के साथ यह हो सकता है, वहां एक आम महिला कितनी सुरक्षित है।