गुरुवार, 20 दिसंबर 2018

इस रहस्यमयी गुफा में आज भी मौजूद है भगवान गणेश का कटा हुआ सिर

दोस्तों यह दुनिया रहस्यों और रोमांचों से भरी हुई है। विज्ञान के दिन पर प्रगति करने के बाद विज्ञान की मदद से इंसान कई रहस्यांे के बारे में जान चुका है, पर प्रकृति के पास अब भी ऐसे रहस्यों की कमी नहीं है जिनके बारे में न तो इंसान पता लगा पाया है और न ही विज्ञान। विज्ञान की समझ से परे इन रहस्यों की इन दुनियों को जितना आप समझने की कोशिष करेंगे उतना ही इसमें उलझते जायेंगे।
आज हम आपको जिस गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में कहा जाता है कि इस गुफा में भगवान गणेश का कटा हुआ सिर आज भी रखा है। यही नहीं ऐसी भी मान्यता है कि इस गुफा में दुनिया के अंत से जुड़ा रहस्य भी छुपा हुआ है। जाहिर सी बात है रहस्य रोमांच से भरी इस गुफा को देखने के लिये यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कोई अपनी किसी मनोकामना के पूरी होने की आश लेकर आता है तो कोई इस गुफा के रहस्य के आकर्षण में खिंचा चला आता है।
देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के गंगोलीघाट कस्बे में स्थित दुर्गम पहाड़ी स्थल पर है यह गुफा। इस गुफा की गहराई 90 फिट से भी अधिक है। जनसामान्य में मान्यता है कि इस गुफा को भगवान शिव के अनन्य भक्त और अयोध्या के राजा महाराज ऋतुपर्ण ने खोजा था। इस गुफा के अंदर 33 हजार देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। लेकिन यहां सर्वप्रथम भगवान गणेश की ही पूजा की जाती है।

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

दुनिया के सात अजूबों में से एक है सबसे उंचाई पर बसा यह रहस्यमयी शहर

दोस्तों बात जब दुनिया के सात अजूबों की होती है तो उनमें से कई तो ऐसे हैं जिनके नाम बरबस ही हमारे दिमाग में आ जाते हैं। जैसे ग्रेट वाॅल आॅफ चाइना और ताजमहल। वहीं कुछ अजूबे ऐसे भी हैं जो आमतौर पर मीडिया या सोशल मीडिया की सुर्खियों में नहीं रहते। लेकिन इनकी खूबसूरती और रहस्य किसी से कम नहीं। 

जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही एक अजूबे के बारे में। दुनिया में सबसे अधिक उंचाई पर बसा यह रहस्यमयी शहर है माचू पिच्चू। दुनिया के सात अजूबों में शामिल माचू पिच्चू को 1430 ई. के आस पास बसाया गया था। लेकिन इसके लगभग सौ वर्षों बाद जब इंकाओं ने स्पेनियों पर विजय प्राप्त कर ली तो इसे यूं ही छोड़ दिया गया। 

दक्षिण अमेरिका के पेरू में स्थित इस स्थान को इंका सभ्यता की आखिरी बची निशानियों में से एक माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इस शहर को इंकाओं का खोया शहर भी कहा जाता है। माचू पिच्चू इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीकों में से एक है।
इसके कई विशेषताओं के कारण ही 7 जुलाई 2007 को इसे विश्व के सात नये आश्चर्यों में शामिल किया गया। समुद्र तल से 3430 मीटर की उंचाई पर स्थित उरूबाम्बा घाटी में स्थित एक पहाड़ पर बसे इस शहर को 1981 में पेरू का ऐतिहासिक देवालय भी घोषित किया जा चुका है। वहीं वर्ष 1983 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा भी दिया जा चुका है।

बुधवार, 12 दिसंबर 2018

रोता बिलखते पुलिस के पास पहुंचे पति ने कहा, कमरा बंद कर डंडे और बेलन से मारती है पत्नी

यंू तो पुलिस के पास परिवारिक लड़ाई झगड़ों से संबंधित ज्यादातर शिकायतें महिलायें ही लेकर पहुंचती हैं। लेकिन आजकल जब महिला सशक्तिकरण की आंधी चारों ओर चल रहीं है, तो ऐसे में बेचारे पुरूष भी हैरान परेशान है। अब पुलिस के परिवार परामर्श केन्द्रों में आने वाले ऐसे पुरुषों की बहुतायत है जो अपनी पत्नी के आतंक से परेशान हैं।
     
कोई अपनी पत्नी द्वारा मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाता है, तो कोई पत्नी द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाता है। कुछ भी बेचारी पुलिस भी महिला सशक्तिकरण के इन ज्वलंत उदाहरणों को देखकर हैरान है। अभी हाल ही में लखनउ के ठाकुरगंज निवासी एक युवक ने पुलिस परामर्श केन्द्र में एक प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि उसकी पत्नी उसे कमरा बंद कर बेलन और डंडे से बुरी तरह पीटती है, यही नहीं वह अपनी बुजुर्ग सास और ननद को भी नहीं छोड़ती। 
         वहीं लखनउ के ही फैजुल्लागंज के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसकी शादी 21 वर्ष पहले पुरनिया से हुई थी। लेकिन अब उनकी पत्नी उन पर बिना वजह बेहद शक करती है, और आए दिन लड़ाई झगड़ा कर पूरे परिवार को परेशान नहीं करती है। यही नहीं जब उसने पत्नी की इन हरकतों का विरोध किया तो हैवान बनी पत्नी ने बेचारे पति महाशय को इतना पीटा कि उनका हाथ ही टूट गया। इन जनाब की पत्नी की हिम्मत इस कदर बढ़ी है कि कई बार तो पुलिस परामर्श केन्द्र में ही उसने पति की ठुकाई कर दी।        
        पुलिस परामर्श केन्द्र की इंचार्ज बबिता सिंह के मुताबिक ऐसे मामलों में पत्नी का समझाने में बड़ी समस्या आती है। अक्सर इस तरह की महिलायें न तो अपने पति की सुनतीं हैं, और न ही परामर्श केन्द्र पर मौजूद पुलिस कर्मियों अथवा काउंसलों की। दबाब बनाने पर वह तलाक करवाने की धमकी देने लगतीं हैं। यह बात और है कि पुलिस उन्हें समझा बुझाकर परिवार को बचाये रखने की पूरी कोशिष करती है।

मंगलवार, 11 दिसंबर 2018

समाज से लड़कर लव मैरिज करने वाली जयपुर की राजकुमारी दिया अब मांग रहीं हैं तलाक

आज से 21 वर्ष पूर्व वह चर्चा में तब आयीं थी जब उन्होंने अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज से बगावत कर अपने ही गोत्र में नरेन्द्र सिंह से प्रेम विवाह किया था। उनके इस विवाह से राजपरिवार के लोग तो नाराज थे ही पूरे राजपूत समाज में भी काफी आक्रोश था। इसके पीछे का कारण था कि राजकुमारी दिया और नरेन्द्र सिंह दोनों एक ही गोत्र के थे। जाहिर सी बात है इस शादी को परिवार और समाज की ओर से पुरजोर विरोध हुआ, पर अपने निर्णय पर अडिग राजकुमारी ने आखिरकार नरेन्द्र सिंह से शादी रचा ही ली। 

अब एक बार फिर जयपुर राजघराने की यह राजकुमारी चर्चा में है। इस बार भी उनके चर्चा में आने का कारण उनकी निजी जिंदगी ही है। दरअसल राजकुमारी दिया ने 21 साल के वैवाहिक जीवन के बाद अब अपने पति नरेन्द्र सिंह से तलाक के लिये गांधी नगर स्थित फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई है। माना जा रहा है कि कोर्ट जल्द ही दीया कुमारी की अर्जी पर सुनवाई कर सकता है। 

कभी अपनी प्रेम कहानी पर पूरा ब्लाग लिखने वाली दिया कुमारी ने अपने और नरेन्द्र सिंह के रिश्तों के बारे में खुलकर आम जनता को सारी जानकारी दी थी। उन्होंने इस ब्लाॅग में लिखा था कि जब वह पहली बार नरेन्द्र सिंह से मिलीं थीं, तो उनकी उम्र महज 18 साल की थी। वह वर्ष 1989 था, जब नरेन्द्र ग्रेजुएशन करने के बाद चार्टर्ड एकाउंटेंट की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान वह महल में कुछ काम से आये थे, चूंकि मैं भी एकाउंटस में मदद कर रही थी, इसलिये हमारी और उनकी मुलाकात हुई। मुझे उनसे बात करके काफी अच्छा लगा।

दिया लिखतीं हैं कि, उनकी ईमानदारी और केयरिंग स्वभाव मुझे बहुत अच्छा लगा। आमतौर पर भारतीय पुरुषों में यह कम ही देखने को मिलता है। मुझे उनसे पहली नजर में प्यार नहीं हुआ। हां धीरे धीरे जब उनकी अच्छाइयों को जाना तो जरूर लगा कि कुछ तो हो रहा है। इसके बाद जब मुझे अपने माता पिता के साथ विदेश जाना पड़ा तो मुझे वहां नरेन्द्र की काफी याद सताने लगी। इसी समय मुझे महसूस हुआ कि मैं नरेन्द्र को चाहने लगी हूं। लेकिन जब मैने अपनी मां को इस बारे में बताया तो उन्होंने मुझे बहुत डांटा। उधर नरेन्द्र के माता पिता भी हमारे मिलने जुलने के काफी खिलाफ थे। इसके बाद राजकुमारी दिया और नरेन्द्र दोनों ने अपने अपने परिवारों के खिलाफ जाकर अगस्त 1997 में कोर्ट मैरिज कर ली। जाहिर सी बात है इस रिश्ते के परिणामस्वरूप राजपूत समाज ने हमारा भारी विरोध किया। यही नहीं राज परिवार से भी हमारा रिश्ता खत्म कर दिया गया। जयपुर के महाराजा भवानी सिंह की इकलौती बेटी दिया के दो बेटे पद्यनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह हैं, उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम गौरवी है। 

सोमवार, 10 दिसंबर 2018

रिसेप्शसनिस्ट मर्डर केस, आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब बना शहरों में सप्लाई होतीं थी लड़कियां

रिसेप्शसनिस्ट मर्डर केस, आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब बना शहरों में सप्लाई होतीं थी लड़कियां


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ के विभूति खंड में होटल कर्मी कृष्ण प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को नित नये राज मिल रहे हैं। हत्यारोपियों द्वारा कई ऐसे खुलासे किये गये हैं जिनके बारे में जानकर कोई भी हैरान रह गये। दरअसल यह लोग आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब के नाम पर लोगों को अपना सदस्य बनाते थे और फिर सदस्यों की इच्छानुसार किसी भी शहर में उन्हें लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। 

लखनउ के हजरतगंज इलाके के सीओ अभय कुमार मिश्र ने मीडिया को जानकारी देते हुये बताया है कि आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब में शामिल युवक और युवतियां सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। यही नहीं आरोपित युवक अभय ने व्हाट्सएप ग्रुप के साथ साथ अलग अलग नाम से आॅनलाइन दोस्ती करने के इछुक लोगों के लिये दो बेबसाइटें भी बना रखीं हैं, जिनके माध्यम से वह लोगों को अपने जाल में फंसाता था। 
   इनके क्लब के माध्यम से लड़कियों से दोस्ती करने के इच्छुक लोगों को पहले इनकी बेबसाइट पर जाकर सदस्यता शुुल्क के नाम पर एक तय रकम का भुगतान करना होता था, इसके बाद सदस्यों को लड़कियों की फोटो दिखाई जाती थी। ग्राहक के पसंद की लड़की को उसके पास भेजने के लिये फिर से पैसा लिया जाता था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इन लोगों ने पूरे देश में अपना यह जाल फैला रखा था। यही नहीं कई लोगों से एडवांस में रुपये लेने के बाद इन लोगों ने उनके नंबर ब्लाक कर दिये, रुपये गंवाने के बाद भी लोग लोक लाज के भय से इनकी शिकायत भी नहीं कर पाते थे।
      इनके क्लब के सदस्य बनने वाले ज्यादातर लोग अपने नाम, पते, उम्र आदि गलत बताते थे। साथ ही पैसों का लेन देन पेटीएम जैसे एप्प के माध्यम से किया जाता था। होटल की बुकिंग जैसे कामों के लिये भी पेटीएम अथवा ओयो एप्प जैसे माध्यमों का प्रयोग किया जाता था। फिलहाल पुलिस ने कृष्ण प्रताप की हत्या के आरोप में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर निवासी धीरज नारंग, अमेठी निवासी अभय, गोंडा निवासी हरिओम व उसके साथी राधे को जेल भेज दिया है। वहीं दिल्ली निवासी दोनों युवतियों गुरुमीत व रुबी को पुलिस न्यायालय के आदेश पर पहले ही जेल भेज चुकी है।