सोमवार, 10 दिसंबर 2018

रिसेप्शसनिस्ट मर्डर केस, आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब बना शहरों में सप्लाई होतीं थी लड़कियां



उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ के विभूति खंड में होटल कर्मी कृष्ण प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को नित नये राज मिल रहे हैं। हत्यारोपियों द्वारा कई ऐसे खुलासे किये गये हैं जिनके बारे में जानकर कोई भी हैरान रह गये। दरअसल यह लोग आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब के नाम पर लोगों को अपना सदस्य बनाते थे और फिर सदस्यों की इच्छानुसार किसी भी शहर में उन्हें लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। 

लखनउ के हजरतगंज इलाके के सीओ अभय कुमार मिश्र ने मीडिया को जानकारी देते हुये बताया है कि आॅनलाइन फ्रेंड्स क्लब में शामिल युवक और युवतियां सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। यही नहीं आरोपित युवक अभय ने व्हाट्सएप ग्रुप के साथ साथ अलग अलग नाम से आॅनलाइन दोस्ती करने के इछुक लोगों के लिये दो बेबसाइटें भी बना रखीं हैं, जिनके माध्यम से वह लोगों को अपने जाल में फंसाता था। 
   इनके क्लब के माध्यम से लड़कियों से दोस्ती करने के इच्छुक लोगों को पहले इनकी बेबसाइट पर जाकर सदस्यता शुुल्क के नाम पर एक तय रकम का भुगतान करना होता था, इसके बाद सदस्यों को लड़कियों की फोटो दिखाई जाती थी। ग्राहक के पसंद की लड़की को उसके पास भेजने के लिये फिर से पैसा लिया जाता था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इन लोगों ने पूरे देश में अपना यह जाल फैला रखा था। यही नहीं कई लोगों से एडवांस में रुपये लेने के बाद इन लोगों ने उनके नंबर ब्लाक कर दिये, रुपये गंवाने के बाद भी लोग लोक लाज के भय से इनकी शिकायत भी नहीं कर पाते थे।
      इनके क्लब के सदस्य बनने वाले ज्यादातर लोग अपने नाम, पते, उम्र आदि गलत बताते थे। साथ ही पैसों का लेन देन पेटीएम जैसे एप्प के माध्यम से किया जाता था। होटल की बुकिंग जैसे कामों के लिये भी पेटीएम अथवा ओयो एप्प जैसे माध्यमों का प्रयोग किया जाता था। फिलहाल पुलिस ने कृष्ण प्रताप की हत्या के आरोप में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर निवासी धीरज नारंग, अमेठी निवासी अभय, गोंडा निवासी हरिओम व उसके साथी राधे को जेल भेज दिया है। वहीं दिल्ली निवासी दोनों युवतियों गुरुमीत व रुबी को पुलिस न्यायालय के आदेश पर पहले ही जेल भेज चुकी है।
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